ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। कैंसर की समय रहते पहचान और लोगों को नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शारदाकेयर हेल्थसिटी, ग्रेटर नोएडा के शारदाकेयर इंस्टीट्यूट ऑफ कैंसर केयर की ओर से निःशुल्क मल्टी-कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में 100 से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की गई और उन्हें ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञों से परामर्श एवं आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन मिला।
कैंप के दौरान चार प्रमुख कैंसर—ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, ओरल कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर—को स्क्रीनिंग के दायरे में शामिल किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस शिविर में लोगों को कैंसर के जोखिम कारकों, शुरुआती संकेतों, स्क्रीनिंग के महत्व और जरूरत पड़ने पर आगे की जांच एवं उपचार की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
PSA टेस्ट और पैप स्मीयर की सुविधा
शिविर में प्रोस्टेट कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए PSA टेस्टिंग और सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए पैप स्मीयर स्क्रीनिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके अलावा ब्रेस्ट और ओरल कैंसर के लिए भी स्क्रीनिंग सपोर्ट प्रदान किया गया। शारदाकेयर हेल्थसिटी की मल्टीडिसिप्लिनरी ऑन्कोलॉजी टीम ने प्रतिभागियों को व्यक्तिगत स्तर पर परामर्श दिया। जिन लोगों में आगे जांच की आवश्यकता महसूस हुई, उन्हें संबंधित टेस्ट और चिकित्सकीय परामर्श के अगले चरण के बारे में भी मार्गदर्शन दिया गया।
कैंसर के बढ़ते मामलों के बीच स्क्रीनिंग की जरूरत
भारत में कैंसर का बढ़ता बोझ कैंसर जागरूकता और शुरुआती पहचान को महत्वपूर्ण बनाता है। IARC के GLOBOCAN 2024 अनुमानों के मुताबिक, भारत में 2024 में करीब 15.6 लाख नए कैंसर मामले सामने आए और लगभग 9.02 लाख कैंसर से मौतें दर्ज हुईं। इसी अनुमान के अनुसार पिछले पांच वर्षों में कैंसर का निदान प्राप्त कर चुके लगभग 33 लाख लोग देश में रह रहे थे। इन आंकड़ों में ब्रेस्ट कैंसर सबसे अधिक पाए जाने वाले कैंसर में प्रमुख रहा। इसके बाद होंठ एवं ओरल कैविटी, फेफड़े, कोलोरेक्टल और सर्वाइकल कैंसर प्रमुख रहे। ऐसे में विशेषज्ञों के अनुसार कैंसर के जोखिम कारकों के प्रति जागरूकता, रोकथाम, समय पर स्क्रीनिंग और शीघ्र निदान की दिशा में लगातार प्रयास जरूरी हैं।
महिलाओं और पुरुषों में अलग-अलग कैंसर का अधिक प्रभाव
कैंसर का प्रभाव पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग दिखाई देता है। महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर कैंसर के मामलों का बड़ा हिस्सा है, जबकि सर्वाइकल कैंसर भी एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। वहीं पुरुषों में होंठ एवं ओरल कैविटी कैंसर और प्रोस्टेट कैंसर प्रमुख चिंता के विषयों में शामिल हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक कैंसर के जोखिम को प्रभावित करने वाले कारकों में उम्र, तंबाकू का सेवन, धूम्रपान, शराब का सेवन, मोटापा, शारीरिक निष्क्रियता, पर्यावरणीय कारण और पारिवारिक या आनुवंशिक इतिहास शामिल हो सकते हैं।

सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख संबंध लंबे समय तक बने रहने वाले हाई-रिस्क HPV संक्रमण से है। वहीं तंबाकू और शराब का सेवन ओरल कैंसर के महत्वपूर्ण जोखिम कारक माने जाते हैं। ब्रेस्ट कैंसर में उम्र, हार्मोनल एवं प्रजनन संबंधी कारकों, मोटापे, पारिवारिक इतिहास और कुछ आनुवंशिक बदलावों की भूमिका हो सकती है। प्रोस्टेट कैंसर में बढ़ती उम्र और पारिवारिक इतिहास प्रमुख ज्ञात जोखिम कारकों में शामिल हैं।
कैंसर के शुरुआती चरण में पहचान पर जोर
कैंप का उद्देश्य केवल जांच करना ही नहीं, बल्कि लोगों को यह समझाना भी रहा कि कैंसर का इलाज बेहतर परिणामों के साथ करने के लिए उसका समय पर पता लगना बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। कई कैंसर शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं देते या उनके लक्षण इतने सामान्य हो सकते हैं कि लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। इसी कारण शिविर में विशेषज्ञों ने लोगों को अपने जोखिम कारकों को समझने, उपयुक्त स्क्रीनिंग कराने और किसी संदिग्ध लक्षण या जांच परिणाम की स्थिति में समय पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी।
कैंप में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के वरिष्ठ विशेषज्ञों ने सहयोग किया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को स्क्रीनिंग, संभावित जोखिम और आगे की जांच की आवश्यकता को लेकर मार्गदर्शन दिया।
डॉ. कौसर शाह बोले—कैंसर के खिलाफ लड़ाई जागरूकता से शुरू होती है
शारदाकेयर हेल्थसिटी के ग्रुप CEO डॉ. कौसर शाह ने कहा कि कैंसर के खिलाफ लड़ाई केवल बीमारी का पता चलने के बाद उपचार शुरू करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसकी शुरुआत जागरूकता, रोकथाम और समय पर स्क्रीनिंग से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कैंप में 100 से अधिक लोगों का स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ परामर्श के लिए पहुंचना इस बात को दर्शाता है कि लोगों के लिए प्रिवेंटिव हेल्थकेयर तक आसान पहुंच कितनी जरूरी है। उन्होंने कहा कि शारदाकेयर का उद्देश्य कैंसर की शुरुआती स्क्रीनिंग और विशेषज्ञ देखभाल को अधिक सुलभ बनाना है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में मरीजों को एक ही स्थान पर मल्टीडिसिप्लिनरी विशेषज्ञों की टीम, आधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाएं और विभिन्न उपचार विकल्प उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है।
एडवांस्ड तकनीक और मल्टीडिसिप्लिनरी कैंसर केयर
शारदाकेयर हेल्थसिटी का कैंसर केयर इंस्टीट्यूट मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, डायग्नोस्टिक एवं न्यूक्लियर मेडिसिन तथा सपोर्टिव केयर के विशेषज्ञों को एक साथ लाता है। अस्पताल में कैंसर की जांच और उपचार के लिए PET-CT, Varian TrueBeam LINAC और HDR ब्रैकीथेरेपी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल के अनुसार, इसकी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम मरीज की बीमारी और जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार करने के लिए मिलकर काम करती है।
अस्पताल की ओर से कैंसर जागरूकता से जुड़े कम्युनिटी प्रोग्राम भी चलाए जाते हैं, जिनका उद्देश्य लोगों को कैंसर के जोखिम कारकों, चेतावनी संकेतों और नियमित स्क्रीनिंग के महत्व के बारे में जागरूक करना है।
600 बेड की क्षमता वाला सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल
शारदाकेयर-हेल्थसिटी, ग्रेटर नोएडा दिल्ली-NCR में 600 बेड की क्षमता वाला सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल है। अस्पताल के अनुसार, यहां आधुनिक तकनीक, विशेषज्ञ चिकित्सकों और मल्टीडिसिप्लिनरी मॉडल के माध्यम से मरीज केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
निःशुल्क कैंसर स्क्रीनिंग कैंप जैसी पहल के जरिए अस्पताल ने समुदाय में कैंसर की जल्दी पहचान, जागरूकता और समय पर चिकित्सकीय सलाह के महत्व को सामने रखा। विशेषज्ञों के मुताबिक, नियमित स्वास्थ्य जांच और जोखिम कारकों की पहचान लोगों को बीमारी का समय रहते पता लगाने और आवश्यकता होने पर उचित चिकित्सा सहायता लेने में मदद कर सकती है।

