ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) के डिपार्टमेंट ऑफ सोशियोलॉजी एंड सोशल वर्क के बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू विद्यार्थियों ने सामाजिक सरोकारों से जुड़ी पहल करते हुए 20 अगस्त 2026 को विश्वविद्यालय के आसपास स्थित स्लम समुदायों में फील्ड ओरिएंटेशन विजिट एवं वितरण अभियान का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को समुदाय की वास्तविक सामाजिक परिस्थितियों से परिचित कराना और उन्हें सामाजिक सेवा, जन-जागरूकता तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सामाजिक कार्य के व्यावहारिक पहलुओं का अनुभव कराना रहा।
फील्ड विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने स्लम बस्तियों में जरूरतमंद परिवारों से संवाद किया और उनकी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास किया। इसके बाद परिवारों के बीच कपड़े, जूते-चप्पल, चादर तथा अन्य आवश्यक उपयोगी सामग्री का वितरण किया गया। विद्यार्थियों ने सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई।
बच्चों को सिखाया हाथ धोने का सही तरीका
अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने बच्चों के लिए विशेष रूप से स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता गतिविधियां आयोजित कीं। बच्चों को हाथ धोने का सही तरीका व्यावहारिक रूप से समझाया गया। उन्हें बताया गया कि भोजन से पहले और शौचालय के उपयोग के बाद नियमित रूप से हाथ धोना व्यक्तिगत स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है।
विद्यार्थियों ने बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ आसपास के वातावरण को साफ रखने के लिए भी प्रेरित किया। जागरूकता गतिविधियों को बच्चों के स्तर के अनुरूप सरल और व्यवहारिक तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे वे स्वच्छता संबंधी आदतों को आसानी से समझ सकें।
संतुलित आहार और पोषण का दिया संदेश
स्वास्थ्य जागरूकता अभियान में बच्चों और उनके अभिभावकों को पौष्टिक एवं संतुलित आहार के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने बताया कि बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए पर्याप्त पोषण बेहद आवश्यक है। अभिभावकों को बच्चों के दैनिक आहार में पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करने और उनकी खान-पान की आदतों पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यार्थियों ने समझाया कि स्वस्थ बचपन ही बच्चों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करता है।
अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देने की अपील
फील्ड विजिट का एक महत्वपूर्ण पहलू शिक्षा के प्रति जागरूकता भी रहा। सामाजिक कार्य के विद्यार्थियों ने समुदाय के अभिभावकों से संवाद करते हुए बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और उनकी शिक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। विद्यार्थियों ने अभिभावकों को समझाया कि शिक्षा बच्चों को केवल रोजगार के अवसर ही नहीं देती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने, अपने अधिकारों को समझने और समाज में बेहतर भूमिका निभाने का अवसर भी प्रदान करती है। अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को लेकर सकारात्मक एवं जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया गया।
‘सामाजिक कार्य शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है फील्ड विजिट’
स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के डीन प्रो. माधव गोविंद ने विद्यार्थियों के इस प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि फील्ड विजिट सामाजिक कार्य शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस प्रकार की गतिविधियों से विद्यार्थी कक्षा में पढ़े गए सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक सामाजिक परिस्थितियों के साथ जोड़ने में सक्षम होते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को समुदाय के साथ काम करते समय संवेदनशील, सम्मानजनक और सहभागी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक समस्याओं को नजदीक से समझना सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए बेहद जरूरी है और ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व एवं पेशेवर दृष्टिकोण को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
डॉ. राहुल कपूर के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
यह फील्ड ओरिएंटेशन विजिट असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राहुल कपूर, कोऑर्डिनेटर, सोशल वर्क, डिपार्टमेंट ऑफ सोशियोलॉजी एंड सोशल वर्क के मार्गदर्शन में आयोजित की गई। इस अवसर पर विभाग के संकाय सदस्य डॉ. सुहैल आलम, डॉ. कृति मिश्रा, श्री नवनीत सिंह और सुश्री मनलीन बावा भी विद्यार्थियों के साथ फील्ड विजिट में शामिल हुए। संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों को समुदाय के साथ संवाद, वितरण अभियान और जागरूकता गतिविधियों के संचालन में मार्गदर्शन प्रदान किया।
सेवा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का व्यावहारिक पाठ
जीबीयू के सामाजिक कार्य विद्यार्थियों की यह पहल केवल जरूरतमंद परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुंचाने तक सीमित नहीं रही। फील्ड विजिट के माध्यम से विद्यार्थियों ने सेवा, संवेदना, स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता जैसे विषयों पर समुदाय के साथ प्रत्यक्ष संवाद किया।
इस अभियान ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि सामाजिक कार्य केवल सैद्धांतिक अध्ययन का विषय नहीं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ प्रत्यक्ष रूप से जुड़कर उनकी आवश्यकताओं को समझने और सकारात्मक बदलाव की दिशा में काम करने की प्रक्रिया भी है। फील्ड ओरिएंटेशन विजिट और वितरण अभियान ने विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भावना और संवेदनशीलता को मजबूत किया। साथ ही समुदाय के बच्चों और अभिभावकों के बीच स्वच्छता, पोषण और शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी यह पहल महत्वपूर्ण रही।

