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Friday, August 21, 2026
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    ITS College News : विश्व उद्यमिता दिवस पर ITS इंजीनियरिंग कॉलेज में विशेषज्ञ व्याख्यान, छात्रों ने सीखी स्टार्टअप को सफल बनाने की रणनीतियां, विद्यार्थियों को बताया—आइडिया से बिजनेस तक कैसे पहुंचे

    IIC के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद, व्यावहारिक ज्ञान और नए कारोबारी विचारों पर काम करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजीव रंजन, संयोजक, इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य वक्ता श्री विवेक सिंह, संस्थान के निदेशक, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। विश्व उद्यमिता दिवस के अवसर पर आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज, ग्रेटर नोएडा की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) की ओर से 21 अगस्त 2026 को नायडू हॉल में “Growth Strategies for Early-Stage Entrepreneurs” विषय पर विशेष विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को शुरुआती चरण के स्टार्टअप की चुनौतियों, बाजार की संभावनाओं और व्यवसाय को टिकाऊ तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीतियों से परिचित कराना था।

    कार्यक्रम में VS Energy Harmonization & Automation Pvt. Ltd. के संस्थापक एवं सीईओ श्री विवेक सिंह विशेषज्ञ एवं मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने उद्यमशीलता के अनुभव साझा करते हुए बताया कि किसी भी स्टार्टअप की सफलता केवल एक अच्छे आइडिया पर निर्भर नहीं करती, बल्कि बाजार की वास्तविक जरूरत को समझना, सही ग्राहक तक पहुंच बनाना और मजबूत बिजनेस मॉडल तैयार करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

    विद्यार्थियों को बताया—आइडिया से बिजनेस तक कैसे पहुंचे

    कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मयंक गर्ग, निदेशक, आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज एवं अध्यक्ष, इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में युवाओं के भीतर केवल नौकरी की तलाश करने के बजाय रोजगार सृजन करने वाली उद्यमशील सोच विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने नवाचारी विचारों को केवल कक्षा या प्रोजेक्ट तक सीमित न रखते हुए उन्हें व्यावहारिक, उपयोगी और टिकाऊ व्यावसायिक मॉडल में बदलने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि कॉलेज स्तर पर नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने से युवा भविष्य की कारोबारी चुनौतियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकते हैं।

    विशेषज्ञ वक्ता श्री विवेक सिंह ने अपने संबोधन में शुरुआती चरण के उद्यमियों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों और उनसे निपटने के व्यावहारिक तरीकों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवसाय की शुरुआत करने से पहले यह समझना जरूरी है कि उत्पाद या सेवा वास्तव में किस समस्या का समाधान कर रही है और उसके संभावित ग्राहक कौन हैं।

    उन्होंने ग्राहक प्राप्ति, प्रोडक्ट-मार्केट फिट, बिजनेस डेवलपमेंट, ब्रांडिंग, टीम निर्माण, फंडिंग, नेटवर्किंग और व्यवसाय के विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों को जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से प्रोडक्ट-मार्केट फिट पर जोर देते हुए कहा कि स्टार्टअप के लिए केवल उत्पाद तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बाजार में उस उत्पाद की वास्तविक मांग मौजूद हो।

    नवाचार के साथ जरूरी है अनुकूलन क्षमता

    श्री विवेक सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि शुरुआती चरण में व्यवसाय को कई तरह की अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में उद्यमी के लिए नवाचार, अनुकूलन क्षमता, दृढ़ता और लगातार सीखते रहने की प्रवृत्ति बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि बाजार की परिस्थितियां लगातार बदलती रहती हैं। इसलिए किसी भी स्टार्टअप को ग्राहकों की प्रतिक्रिया के आधार पर अपने उत्पाद, सेवा और बिजनेस रणनीति में आवश्यक बदलाव करने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने नेटवर्किंग को भी व्यवसाय के विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताया और विद्यार्थियों को उद्योग जगत के विशेषज्ञों, निवेशकों तथा संभावित सहयोगियों के साथ मजबूत प्रोफेशनल नेटवर्क विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

    छात्रों ने पूछे सवाल, विशेषज्ञ ने दिए व्यावहारिक जवाब

    कार्यक्रम का इंटरैक्टिव सत्र विद्यार्थियों के लिए विशेष आकर्षण रहा। बी.टेक. और एम.बी.ए. के विद्यार्थियों ने स्टार्टअप शुरू करने, ग्राहक बनाने, फंडिंग हासिल करने, ब्रांड तैयार करने और व्यवसाय को बड़े स्तर तक पहुंचाने से जुड़े विभिन्न सवाल विशेषज्ञ के सामने रखे। श्री विवेक सिंह ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब देते हुए शुरुआती उद्यमियों की वास्तविक समस्याओं और उनके संभावित समाधानों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया। इस संवाद से विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर मिला कि बिजनेस आइडिया को बाजार की वास्तविक परिस्थितियों में लागू करने के दौरान किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

    कार्यक्रम में कॉलेज के विभिन्न संकाय सदस्यों ने भी सक्रिय सहभागिता की। विशेषज्ञ व्याख्यान ने विद्यार्थियों को स्टार्टअप के विकास के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने और व्यावसायिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर प्रदान किया।

    स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में पहल

    आई.टी.एस. इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित यह कार्यक्रम संस्थान की ओर से नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के प्रयासों की कड़ी के रूप में देखा गया। IIC के माध्यम से विद्यार्थियों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ संवाद, व्यावहारिक ज्ञान और नए कारोबारी विचारों पर काम करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में डॉ. राजीव रंजन, संयोजक, इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल (IIC) ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य वक्ता श्री विवेक सिंह, संस्थान के निदेशक, संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी प्रतिभागियों की सक्रिय भूमिका की सराहना की।

    विश्व उद्यमिता दिवस पर आयोजित यह विशेषज्ञ व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए महज एक अकादमिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि उन्हें आइडिया से लेकर प्रोडक्ट, ग्राहक, बिजनेस मॉडल और विस्तार तक की पूरी उद्यमशील यात्रा को समझने का व्यावहारिक अवसर भी मिला। संस्थान का यह प्रयास युवाओं में नौकरी तलाशने के साथ-साथ रोजगार सृजित करने वाली सोच विकसित करने और मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

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