ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। देश के विमानन इतिहास में सोमवार का दिन एक नए अध्याय के रूप में दर्ज हो गया। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से आज पहली वाणिज्यिक उड़ान का संचालन शुरू हो गया। लखनऊ से आई इंडिगो की पहली फ्लाइट ने सुबह एयरपोर्ट पर लैंडिंग की, जबकि कुछ ही देर बाद बेंगलुरु के लिए पहली उड़ान रवाना हुई। इसके साथ ही दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक नया वैश्विक हवाई द्वार मिल गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 28 मार्च 2026 को उद्घाटन किए जाने के बाद एयरपोर्ट पर व्यापक परीक्षण और परिचालन तैयारियां (ORAT ट्रायल) पूरी की गई थीं। सभी सुरक्षा, तकनीकी और यात्री सुविधाओं की जांच के बाद आज से नियमित उड़ान सेवाओं की शुरुआत हुई।
इंडिगो बनी पहली एयरलाइन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालन शुरू करने वाली पहली एयरलाइन इंडिगो बनी है। शुरुआती चरण में घरेलू उड़ानों का संचालन होगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें आने वाले महीनों में शुरू की जाएंगी।
12 मिलियन यात्रियों की क्षमता वाला एयरपोर्ट
पहले चरण में विकसित यह एयरपोर्ट प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ (12 मिलियन) यात्रियों को सेवा देने में सक्षम है। भविष्य में विस्तार के बाद इसकी क्षमता बढ़ाकर 7 करोड़ (70 मिलियन) यात्रियों तक पहुंचाई जाएगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस
यात्रियों को डिजीयात्रा (DigiYatra) आधारित पेपरलेस यात्रा, सेल्फ चेक-इन, बैग ड्रॉप सुविधा, अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय स्तर के रिटेल स्टोर और भोजनालय उपलब्ध कराए गए हैं। एयरपोर्ट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को तेज, सहजr और आरामदायक अनुभव मिल सके।
वाराणसी के घाट और भारतीय संस्कृति की झलक
एयरपोर्ट की वास्तुकला में उत्तर प्रदेश और भारतीय संस्कृति की विशेष छाप दिखाई देती है। टर्मिनल परिसर में वाराणसी के घाटों से प्रेरित सीढ़ियां, पारंपरिक हवेली शैली की जालीदार संरचनाएं, विशाल खुला आंगन, प्राकृतिक रोशनी और आकर्षक कलाकृतियां यात्रियों को भारतीय संस्कृति का अनूठा अनुभव कराएंगी।
उत्तर भारत का बड़ा कार्गो हब बनेगा
एयरपोर्ट पर एयर इंडिया सैट्स (AISATS) द्वारा विकसित कार्गो टर्मिनल भी शुरू किया गया है। इसकी शुरुआती क्षमता 2 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष है, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 15 लाख टन तक किया जाएगा। ई-फ्रेट जैसी डिजिटल तकनीकों के जरिए माल ढुलाई को तेज और पेपरलेस बनाया जाएगा।
बेहतर कनेक्टिविटी की व्यवस्था
यात्रियों के लिए एयरपोर्ट टैक्सी, ऐप-आधारित कैब सेवाएं और दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के प्रमुख शहरों से बस सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, जिससे एयरपोर्ट तक पहुंचना आसान होगा।
एयरपोर्ट प्रबंधन ने जताई खुशी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाइस चेयरमैन क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने कहा कि यह सभी हितधारकों और क्षेत्र के लोगों के लिए गर्व का क्षण है। एयरपोर्ट का उद्देश्य विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ उत्कृष्ट यात्री अनुभव प्रदान करना है।
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर्यटन, व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूरे उत्तर भारत की अर्थव्यवस्था को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
पहली फ्लाइट: लखनऊ से जेवर
पहली रवाना उड़ान: बेंगलुरु के लिए पहली एयरलाइन: इंडिगो
IATA कोड: DXN
वार्षिक क्षमता (फेज-1): 1.2 करोड़ यात्री
भविष्य की क्षमता: 7 करोड़ यात्री प्रतिवर्ष
कार्गो क्षमता (प्रारंभिक): 2 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष
उद्घाटन: 28 मार्च 2026, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा

