ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। जीएनआईओटी (ग्रेटर नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) के विमेन ग्रीवांस सेल (WGC) एवं आंतरिक शिकायत समिति (ICC) द्वारा ह्यूमन टच फाउंडेशन के सहयोग से “कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम (POSH)” विषय पर एक जागरूकता सत्र का सफल आयोजन किया गया। प्रथम तल स्थित सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों एवं कर्मचारियों के बीच सुरक्षित, सम्मानजनक और समावेशी कार्यस्थल संस्कृति को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ह्यूमन टच फाउंडेशन की अध्यक्ष एवं प्रमाणित पॉश प्रशिक्षक डॉ. उपासना सिंह उपस्थित रहीं। उन्होंने पॉश अधिनियम-2013 के विभिन्न प्रावधानों, कार्यस्थल पर स्वीकार्य एवं अस्वीकार्य व्यवहार, शिकायत निवारण प्रक्रिया तथा लैंगिक संवेदनशीलता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। अपने व्यावहारिक उदाहरणों और संवादात्मक शैली के माध्यम से उन्होंने प्रतिभागियों को यह समझाया कि कार्यस्थल पर गरिमा, सम्मान और समानता का वातावरण किसी भी संस्थान की सफलता का आधार होता है।
डॉ. उपासना सिंह ने कहा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम केवल कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक दायित्व भी है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक कर्मचारी और संस्थान की जिम्मेदारी है कि वह ऐसा माहौल तैयार करे, जहां सभी लोग बिना किसी भय और भेदभाव के सम्मानपूर्वक कार्य कर सकें।
इस अवसर पर जीएनआईओटी के निदेशक प्रो. (डॉ.) धीरज गुप्ता ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान की प्रगति और उत्कृष्टता के लिए सुरक्षित एवं सम्मानजनक कार्य वातावरण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों, पारस्परिक सम्मान और लैंगिक समानता को बढ़ावा देना संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से कार्यस्थल पर सकारात्मक और संवेदनशील वातावरण के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का संचालन एवं समन्वयन विमेन ग्रीवांस सेल एवं आंतरिक शिकायत समिति की संयोजक डॉ. प्रीति गुप्ता तथा आईसीसी के अन्य सदस्यों द्वारा किया गया। सत्र में संस्थान के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्यों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विषय से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने प्रश्न एवं विचार भी साझा किए।
संवादात्मक सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने कार्यस्थल पर लैंगिक समानता, शिकायत निवारण प्रणाली और संवेदनशील कार्य संस्कृति से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। कार्यक्रम ने उपस्थित लोगों को न केवल पॉश अधिनियम के बारे में जागरूक किया, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील कार्य संस्कृति के निर्माण के प्रति भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने मुख्य वक्ता डॉ. उपासना सिंह का उनके ज्ञानवर्धक एवं प्रभावशाली व्याख्यान के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही, संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) धीरज गुप्ता का उनके मार्गदर्शन, प्रेरणादायी विचारों और निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
जीएनआईओटी द्वारा आयोजित यह जागरूकता सत्र संस्थान की उस प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसके तहत एक सुरक्षित, सम्मानजनक और लैंगिक रूप से संवेदनशील कार्यस्थल के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का संदेश स्पष्ट था कि सम्मान, सुरक्षा और समानता की संस्कृति की शुरुआत हम सभी से होती है और इसी से एक बेहतर कार्यस्थल एवं स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

