ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। शारदा विश्वविद्यालय के डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर कार्यालय द्वारा पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 300 से अधिक विद्यार्थियों, संकाय सदस्यों, विभिन्न स्कूलों के डीन तथा अन्य अतिथियों ने भाग लिया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कला, साहित्य, परंपराओं और ऐतिहासिक योगदान को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. (डॉ.) प्रमोद कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन भारत की सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शारदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) सिबाराम खारा ने अपने संबोधन में साहित्य, कला, शिक्षा और स्वतंत्रता आंदोलन में पश्चिम बंगाल के योगदान का उल्लेख करते हुए सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और विविध परंपराओं के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर वाई.के. गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने सभी को पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की।
समारोह में बंगाली लोक नृत्य, रवीन्द्र संगीत, रवीन्द्र नृत्य, वाद्य संगीत प्रस्तुतियां और काव्य पाठ विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के इतिहास, भूगोल, संस्कृति और उपलब्धियों पर आधारित विशेष प्रस्तुति तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाने और “विविधता में एकता” की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
कार्यक्रम का समापन एसोसिएट डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर डॉ. शांति नारायणन द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन, संकाय सदस्यों, कलाकारों, स्वयंसेवकों और सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस समारोह ने राज्य की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को सम्मानित करते हुए भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता का सशक्त संदेश दिया।

