ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक।
तेजी से बदलती आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के दौर में अब डेंटिस्ट्री भी पारंपरिक इलाज से आगे बढ़कर डिजिटल और हाईटेक स्वरूप ले चुकी है। इसी बदलते परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा स्थित आईटीएस डेंटल कॉलेज में “Future Roadmap for the Young Dentist” विषय पर एक दिवसीय विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का उद्देश्य युवा दंत चिकित्सकों और विद्यार्थियों को भविष्य की डेंटल टेक्नोलॉजी, आधुनिक इलाज पद्धतियों और इस क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों के प्रति जागरूक करना था।
सेमिनार का आयोजन कॉलेज के पीरियोडॉन्टिक्स विभाग द्वारा किया गया, जिसमें बीडीएस और एमडीएस के विद्यार्थियों के साथ-साथ संस्थान के शिक्षकों ने भी सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम के दौरान आधुनिक डेंटिस्ट्री में हो रहे तकनीकी बदलाव, डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग और मरीजों की बदलती अपेक्षाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
डिजिटल डेंटिस्ट्री और AI बदल रहे इलाज का तरीका
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध दंत चिकित्सक एवं शिक्षाविद डॉ. ए. कुमारस्वामी रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में कहा कि आज की डेंटिस्ट्री केवल दांतों के सामान्य उपचार तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि इसमें अब डिजिटल डेंटिस्ट्री, इम्प्लांटोलॉजी, पीरियो एस्थेटिक्स, लेजर तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी आधुनिक तकनीकों ने क्रांतिकारी बदलाव ला दिए हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में डेंटल सेक्टर पूरी तरह टेक्नोलॉजी-आधारित होने जा रहा है, जहां तेज, सटीक और कम समय में बेहतर उपचार मरीजों की प्राथमिक मांग होगी। ऐसे में युवा डेंटिस्ट्स को केवल किताबों तक सीमित न रहकर नई तकनीकों को समझना और अपनाना बेहद जरूरी है।
“सफल डेंटिस्ट बनने के लिए सिर्फ डिग्री नहीं, सीखने की भूख जरूरी”
अपने संबोधन में डॉ. कुमारस्वामी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि एक सफल दंत चिकित्सक बनने के लिए केवल तकनीकी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि निरंतर सीखने की इच्छा, नैतिक मूल्यों का पालन और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से रिसर्च गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने, नई मशीनों और उपचार पद्धतियों की जानकारी लगातार अपडेट रखने और बहु-विषयक सोच विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि—
“भविष्य का डेंटिस्ट वही होगा जो तकनीक और मानवीय संवेदनाओं के बीच संतुलन बनाकर मरीजों को बेहतर सेवा देगा।”
मरीज चाहते हैं तेज और भरोसेमंद इलाज
सेमिनार में यह भी चर्चा की गई कि आधुनिक समय में मरीजों की अपेक्षाएं तेजी से बदल रही हैं। आज हर व्यक्ति कम समय में सुरक्षित और विश्वसनीय इलाज चाहता है। यही कारण है कि दंत चिकित्सकों को नई तकनीकों, आधुनिक मशीनों और डिजिटल प्रक्रियाओं की जानकारी रखना बेहद आवश्यक हो गया है।
विशेषज्ञों ने कहा कि आने वाले समय में AI आधारित डेंटल स्कैनिंग, डिजिटल स्माइल डिजाइनिंग, रोबोटिक सहायता और लेजर ट्रीटमेंट जैसी तकनीकें डेंटल क्षेत्र को नई दिशा देंगी।
विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहे ऐसे कार्यक्रम
इस अवसर पर संस्थान के प्राचार्य डॉ. ओमकार के. शेट्टी ने कहा कि आईटीएस डेंटल कॉलेज विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि ऐसे सेमिनार छात्रों को केवल अकादमिक जानकारी ही नहीं देते, बल्कि उन्हें भविष्य की वास्तविक चुनौतियों के लिए मानसिक और तकनीकी रूप से तैयार भी करते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक डेंटिस्ट्री में लगातार हो रहे बदलावों को देखते हुए संस्थान समय-समय पर इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा, ताकि विद्यार्थी वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार कर सकें।
आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों के अध्ययन पर दिया जोर
कार्यक्रम के दौरान आईटीएस द एजुकेशन ग्रुप के उपाध्यक्ष श्री सोहिल चड्ढा ने भी विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सकों को मरीजों की बेहतर सेवा के लिए समय-समय पर आधुनिक मशीनों, डिजिटल उपकरणों और नई उपचार तकनीकों का अध्ययन करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि तकनीक जितनी तेजी से बदल रही है, उतनी ही तेजी से डॉक्टरों को भी खुद को अपडेट रखना होगा। इससे मरीजों को बेहतर परिणाम मिलेंगे और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता भी बढ़ेगी।
युवा डेंटिस्ट्स के लिए प्रेरणादायक रहा सेमिनार
पूरा सेमिनार विद्यार्थियों के लिए बेहद ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने विशेषज्ञों से सवाल पूछकर आधुनिक डेंटिस्ट्री के विभिन्न पहलुओं को समझा। विद्यार्थियों का कहना था कि इस प्रकार के सेमिनार उन्हें भविष्य की तैयारी करने और करियर की सही दिशा चुनने में काफी मदद करते हैं।

