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Saturday, May 16, 2026
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    कैलाश इंस्टीट्यूट में गूंजा मानवता का संदेश, नर्सिंग छात्रों ने लिया सेवा और समर्पण का संकल्प“मरीजों की मुस्कान ही सबसे बड़ा सम्मान”, दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ शुभारंभ

    Message of humanity echoed in Kailash Institute, Nursing students took pledge of service and dedication, “Smile of patients is the biggest respect”, inauguration started with lighting of lamp and Saraswati Vandana.

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज़ क्लिक।
    स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में अपनी निस्वार्थ सेवा, धैर्य और समर्पण से समाज को नई उम्मीद देने वाली नर्सों के सम्मान में ग्रेटर नोएडा स्थित कैलाश इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस बड़े उत्साह, गरिमा और भावनात्मक माहौल के बीच मनाया गया। कार्यक्रम में नर्सिंग पेशे की महत्ता, मानवता के प्रति सेवा भाव और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता को केंद्र में रखते हुए भव्य आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और संस्थान प्रबंधन ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरा संस्थान इस अवसर पर सेवा, अनुशासन और मानवता के संदेश से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नर्सिंग पेशे का सम्मान करना नहीं था, बल्कि युवा विद्यार्थियों में सेवा भावना, करुणा और जिम्मेदारी का भाव मजबूत करना भी था।

    दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ शुभारंभ

    कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्वलन और मां सरस्वती की वंदना के साथ हुई। वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का भाव साफ महसूस किया जा रहा था। मंच को आकर्षक ढंग से सजाया गया था और छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
    कार्यक्रम के दौरान संस्थान के विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नर्सों के जीवन, संघर्ष, समर्पण और मानव सेवा की भावना को बेहद भावुक और प्रेरणादायक तरीके से प्रस्तुत किया। कहीं मरीज की सेवा करती नर्स का चित्रण हुआ तो कहीं आपातकालीन परिस्थितियों में उनके साहस और धैर्य को मंच पर जीवंत किया गया।

    “नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़” — संदीप गोयल
    इस अवसर पर संस्थान के प्रबंध निदेशक श्री संदीप गोयल ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सें केवल एक पेशेवर कर्मचारी नहीं होतीं, बल्कि वे मरीज और डॉक्टर के बीच विश्वास की सबसे मजबूत कड़ी होती हैं। उन्होंने कहा—
    “नर्सें स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की रीढ़ होती हैं। उनका धैर्य, सेवा भाव और समर्पण समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। कई बार मरीजों को सबसे पहले भावनात्मक सहारा नर्सों से ही मिलता है।” उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नर्सिंग केवल नौकरी नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे हमेशा मरीजों के प्रति संवेदनशील रहें और ईमानदारी, अनुशासन व करुणा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

    विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए प्रेरणादायक विचार

    कार्यक्रम में नर्सिंग विद्यार्थियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और बताया कि आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था में नर्सों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण हो चुकी है। विद्यार्थियों ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों की देखभाल, दवा प्रबंधन, मानसिक समर्थन और इमरजेंसी सेवाओं में नर्सें सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं।
    कई विद्यार्थियों ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही और बताया कि किस तरह एक नर्स समाज में उम्मीद और विश्वास की नई रोशनी बनती है।

    सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने जीता सभी का दिल

    कार्यक्रम में प्रस्तुत नृत्य, नुक्कड़ नाटक और गीतों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। विद्यार्थियों ने कोविड काल में नर्सों द्वारा निभाई गई भूमिका को भी मंच पर दर्शाया।
    एक प्रस्तुति में दिखाया गया कि कैसे कठिन परिस्थितियों में भी नर्सें अपने परिवार से दूर रहकर मरीजों की जान बचाने में लगी रहती हैं। इस प्रस्तुति को देखकर सभागार तालियों से गूंज उठा।

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