41.6 C
Greater Noida
Tuesday, May 19, 2026
More

    आईफोन ऐप्स से दुनिया जीत रहे ग्रेटर नोएडा के युवा! एप्पल स्विफ्ट स्टूडेंट चैलेंज में गलगोटिया विश्वविद्यालय का बड़ा रिकॉर्ड, 18 छात्रों ने हासिल की वैश्विक सफलता, हेल्थकेयर से गेमिंग तक बनाए ऐसे इनोवेटिव ऐप्स कि एप्पल भी हुआ प्रभावित

    Youth of Greater Noida are conquering the world with iPhone apps! Big record of Galgotias University in Apple Swift Student Challenge, 18 students achieved global success, created such innovative apps from healthcare to gaming that even Apple was impressed.

    Must read

    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। गलगोटिया विश्वविद्यालय ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराते हुए एप्पल स्विफ्ट स्टूडेंट चैलेंज 2026 में शानदार उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के 18 छात्रों ने इस प्रतिष्ठित ग्लोबल प्रतियोगिता में जीत दर्ज की है, जो इस वर्ष किसी भी भारतीय निजी विश्वविद्यालय से सबसे अधिक विजेताओं का रिकॉर्ड माना जा रहा है। पिछले वर्ष जहां विश्वविद्यालय के 10 छात्र विजेता बने थे, वहीं इस बार यह संख्या लगभग दोगुनी हो गई है।

    विश्वविद्यालय के छात्रों ने हेल्थकेयर एक्सेसिबिलिटी, मोबिलिटी, कम्युनिकेशन, लर्निंग असिस्टेंस, वेलनेस, गेमिंग और प्रोडक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में इनोवेटिव एप्लिकेशन विकसित किए हैं। विजेता प्रोजेक्ट्स में मोशन कैनवस, डिस्लेक्सिया लेंस, बेटर स्पीक, सेंस शेड, डर्मा सिंक, क्विकमैथ एआर और लेट्सगो जैसे एप्लिकेशन शामिल हैं, जो रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान के लिए टेक्नोलॉजी के प्रभावी उपयोग को दर्शाते हैं।

    यह उपलब्धि गलगोटिया विश्वविद्यालय में तेजी से विकसित हो रहे एप्पल आईओएस इकोसिस्टम को भी दर्शाती है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा विकसित 34 एप्लिकेशन एप्पल ऐप स्टोर पर लाइव हैं, जो एक्सेसिबिलिटी, हेल्थकेयर, एआई-पावर्ड प्रोडक्टिविटी, मोबिलिटी और एजुकेशन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं।

    इस प्रतियोगिता में कई छात्रों ने लगातार दूसरी बार सफलता हासिल की है। इनमें हर्षित गुप्ता और अबू शाहमा अंसारी प्रमुख हैं, जिन्हें लगातार दूसरे वर्ष विजेता के रूप में पहचान मिली है।

    गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र बेहद कम उम्र में ही प्रोडक्ट बिल्डिंग और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों से आने वाले कई छात्र अब वैश्विक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म पर अपनी पहचान बना रहे हैं, जो उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता और अवसरों को दर्शाता है।

    विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि उसकी बढ़ती वैश्विक अकादमिक पहचान के बीच सामने आई है। हाल ही में क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स बाय सब्जेक्ट 2026 में कंप्यूटर साइंस एवं इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स के लिए गलगोटिया विश्वविद्यालय को 601-650 ग्लोबल बैंड में स्थान मिला था। साथ ही इस क्षेत्र में विश्वविद्यालय को भारत के निजी विश्वविद्यालयों में 11वीं और देशभर के सभी विश्वविद्यालयों में 30वीं रैंक प्राप्त हुई थी।

    इसके अलावा टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 में भी गलगोटिया विश्वविद्यालय को भारत के निजी विश्वविद्यालयों में 27वां स्थान मिला है।

    विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, संस्थान में इंडस्ट्री-ओरिएंटेड लर्निंग एनवायरनमेंट, ऐप डेवलपमेंट इनिशिएटिव, हैकाथॉन, मेंटरिंग सपोर्ट और प्रोडक्ट-बिल्डिंग एक्सपोजर के जरिए छात्रों को व्यावहारिक तकनीकी अनुभव प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे केवल थ्योरी तक सीमित न रहकर वास्तविक दुनिया के समाधान विकसित कर सकें।

    More articles

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Latest article