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Wednesday, June 24, 2026
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    Sharda University News : शारदा विश्वविद्यालय ने निकाली नशा मुक्ति रैली, युवाओं को दिया नशे से दूर रहने का संदेश, नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए नशा मुक्ति रैली निकाली

    शारदा विश्वविद्यालय के चांसलर पी. के. गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर सकता है और इसके परिणाम समाज के लिए भी घातक होते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य युवाओं को न केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाना है, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से भी जिम्मेदार नागरिक बनाना है।, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को नशा मुक्त बनाने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति युवाओं और समाज को जागरूक करने के उद्देश्य से नॉलेज पार्क स्थित शारदा विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ डेंटल साइंस एवं छात्र कल्याण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से एक विशाल नशा मुक्ति रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने भाग लेकर नशीली दवाओं के दुरुपयोग के खिलाफ जनजागरूकता का संदेश दिया।

    रैली के दौरान छात्र-छात्राएं हाथों में बैनर, तख्तियां और जागरूकता संदेशों से युक्त पोस्टर लेकर विश्वविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में निकले। प्रतिभागियों ने विभिन्न नारों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया तथा युवाओं से स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। विद्यार्थियों ने राहगीरों और अन्य लोगों से संवाद स्थापित कर नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी भी दी।

    कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित गौतमबुद्ध नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को नशा मुक्त बनाने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल शिक्षा तक सीमित न रखते हुए सामाजिक सरोकारों से जोड़ना भी आवश्यक है। ऐसे अभियान युवाओं में जागरूकता, जिम्मेदारी और सामाजिक चेतना का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि नशे की समस्या केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।

    शारदा विश्वविद्यालय के चांसलर पी. के. गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि नशा किसी भी व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर सकता है और इसके परिणाम समाज के लिए भी घातक होते हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य युवाओं को न केवल शैक्षणिक रूप से सक्षम बनाना है, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से भी जिम्मेदार नागरिक बनाना है। उन्होंने कहा कि कई बार युवा विभिन्न परिस्थितियों के कारण नशे की गिरफ्त में आ जाते हैं और बाद में इसकी पूर्ति के लिए अपराध की राह तक चुन लेते हैं। इसलिए नशा मुक्त समाज की स्थापना के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।

    उन्होंने आगे कहा कि नशा मुक्ति अभियान का उद्देश्य युवाओं को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाना है। यदि युवा वर्ग नशे से दूर रहकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करे तो वह देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में बताने का आह्वान किया।

    रैली के दौरान उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (Dy. CMO) डॉ. चंदन सोनी, डॉ. भुवनेश कुमार, डीन रिसर्च डॉ. आर.सी. सिंह, स्कूल ऑफ डेंटल साइंस के डीन डॉ. हेमंत, एडमिशन डायरेक्टर डॉ. राजीव गुप्ता, डायरेक्टर पब्लिक रिलेशन डॉ. अजीत कुमार, डॉ. शांति नारायण, डॉ. करिष्ठा मैथ्यू, डॉ. ऋचा, डॉ. राशि सहित विभिन्न विभागों के डॉक्टर, फैकल्टी सदस्य और कर्मचारी उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का समापन नशा मुक्त भारत के संकल्प के साथ हुआ। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि समाज विशेषकर युवाओं को नशे की बुराइयों से बचाया जा सके और एक स्वस्थ, जागरूक एवं जिम्मेदार समाज का निर्माण किया जा सके।

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