ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नॉलेज पार्क-2 स्थित जीएनआईओटी एमबीए संस्थान में योगाभ्यास कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्थान के शिक्षकों, स्टाफ सदस्यों और अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए योग के माध्यम से स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति जागरूक करना तथा दैनिक जीवन में योग को अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा द्वारा किया गया। इस दौरान उन्होंने सभी प्रतिभागियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए योग के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शुरुआत योग प्रशिक्षक द्वारा योग के महत्व और उससे होने वाले लाभों की जानकारी देने के साथ हुई। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली में स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन का होना अत्यंत आवश्यक है, और योग दोनों को संतुलित बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
योग प्रशिक्षक ने बताया कि भारत की प्राचीन संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा योग हजारों वर्षों से मानव जीवन को स्वस्थ और अनुशासित बनाने का कार्य करता आ रहा है। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से न केवल शरीर मजबूत होता है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम होता है और व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। इसके पश्चात उन्होंने संस्थान के शिक्षकों और स्टाफ को विभिन्न योग क्रियाओं एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने प्राणायाम, सुखासन, वक्रासन, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी तथा सूर्य नमस्कार सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास किया। योग प्रशिक्षक ने इन सभी योग क्रियाओं के शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। सभी प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ योगाभ्यास में भाग लिया।

इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा ने कहा कि योग के माध्यम से अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है तथा व्यक्ति अपने तन और मन दोनों को स्वस्थ रख सकता है। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के विचारों और मानसिक स्थिति को भी सकारात्मक बनाता है। योग व्यक्ति के चित्त को शांत और स्थिर बनाकर जीवन में संतुलन स्थापित करने में सहायक होता है।
संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता एवं उपाध्यक्ष श्री गौरव गुप्ता ने भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि योग के लाभों को देखते हुए आज पूरी दुनिया इसे अपना रही है। योग भारत की प्राचीन विरासत है और आज विश्वभर में इसकी स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने सभी से अपील करते हुए कहा कि योग को केवल एक दिन तक सीमित न रखते हुए इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।
कार्यक्रम में संस्थान के डीन, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, कार्यक्रम संयोजक डॉ. पल्लवी सिंह सहित सभी शिक्षक एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने और नियमित योगाभ्यास करने का संकल्प लिया।
जीएनआईओटी एमबीए संस्थान में आयोजित यह योग दिवस कार्यक्रम स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश देने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और योग की वैश्विक महत्ता को भी रेखांकित करने वाला प्रेरणादायी आयोजन साबित हुआ।

