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Friday, August 21, 2026
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    GIMS Hospital News : हड़ताल से बिगड़ी जीआईएमएस की व्यवस्था, मरीजों की परेशानी दूर करने के लिए एजेंसियों से कर्मचारी लेगा संस्थान, इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा

    राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए संस्थान प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा अब तक लगभग छह बार वार्ता की जा चुकी है। इसके बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका है और कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जीआईएमएस) के गैर-शैक्षणिक कर्मचारी 15 जून से लगातार हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की हड़ताल का असर अब अस्पताल की व्यवस्थाओं पर साफ दिखाई देने लगा है। दूर-दराज क्षेत्रों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को विभिन्न प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए संस्थान प्रशासन ने एजेंसियों के माध्यम से अस्थायी कर्मचारियों की व्यवस्था करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके अलावा जिला अस्पताल और चाइल्ड पीजीआई से भी कुछ कर्मचारियों की मांग की गई है।

    राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक ब्रिगेडियर डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि कर्मचारियों के धरना-प्रदर्शन को समाप्त कराने के लिए संस्थान प्रशासन, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा अब तक लगभग छह बार वार्ता की जा चुकी है। इसके बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका है और कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।


    उन्होंने बताया कि प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मुख्य मांग बिना किसी परीक्षा के उनकी सेवाओं को नियमित किए जाने की है। हालांकि, यह विषय अस्पताल प्रशासन के अधिकार क्षेत्र से बाहर है और इस संबंध में अंतिम निर्णय शासन स्तर पर ही लिया जा सकता है। संस्थान प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की मांगों को सहानुभूतिपूर्वक विचारार्थ उत्तर प्रदेश शासन को भेज दिया गया है।


    डॉ. राकेश कुमार गुप्ता ने बताया कि जिलाधिकारी स्वयं प्रदर्शनकारी कर्मचारियों से बातचीत कर चुके हैं और उनकी सभी मांगों के सकारात्मक समाधान का आश्वासन भी दिया गया था। इसके साथ ही जिला प्रशासन की ओर से यह प्रस्ताव भी दिया गया कि कर्मचारियों की मांगों के निस्तारण के लिए जिला स्तर पर एक समिति गठित की जाएगी। समिति की जांच रिपोर्ट आने तक संस्थान में नियमित भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा के किसी भी परिणाम की घोषणा नहीं की जाएगी।


    इसके बावजूद धरने पर बैठे कर्मचारियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया और बिना किसी परीक्षा के अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग पर कायम रहे। कर्मचारियों के रुख के चलते अस्पताल में कामकाज प्रभावित हो रहा है और मरीजों की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।


    संस्थान प्रशासन का कहना है कि मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसी क्रम में निजी एजेंसियों के माध्यम से आवश्यक कर्मचारियों की सेवाएं लेने की तैयारी की जा रही है। साथ ही जिला अस्पताल और चाइल्ड पीजीआई से भी अतिरिक्त कर्मचारियों की मांग की गई है, ताकि अस्पताल की आवश्यक सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित रखा जा सके।


    अस्पताल प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि कर्मचारियों और शासन के बीच बातचीत के माध्यम से जल्द ही कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा और अस्पताल की व्यवस्थाएं पुनः सामान्य हो सकेंगी। वहीं, मरीजों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए संस्थान प्रशासन आवश्यक सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है।

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