नई दिल्ली, द न्यूज क्लिक। भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बढ़ते विस्तार के बीच किआ इंडिया ने कॉर्पोरेट और फ्लीट मोबिलिटी सेगमेंट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने बताया कि कैरेंस क्लैविस ईवी की जुलाई 2025 में लॉन्चिंग के बाद से अब तक कॉर्पोरेट फ्लीट में 1,100 से अधिक यूनिट पहुंच चुकी हैं।
इसी क्रम में किआ इंडिया ने रिफेक्स मोबिलिटी के साथ 100 यूनिट कैरेंस क्लैविस ईवी की फ्लीट डील की है। इस समझौते के तहत पहली खेप की डिलीवरी एक विशेष समारोह में की गई, जिसमें किआ इंडिया की लीडरशिप टीम भी मौजूद रही। कंपनी के मुताबिक यह साझेदारी इस बात का संकेत है कि इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल अब केवल निजी कार मालिकों तक सीमित नहीं रह गया है। कॉर्पोरेट कर्मचारियों के आवागमन, बिजनेस ट्रांसपोर्टेशन और फ्लीट ऑपरेशन में भी ईवी की मांग लगातार बढ़ रही है।
कॉर्पोरेट ट्रांसपोर्ट में ईवी की बढ़ती मांग
किआ इंडिया का कहना है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए केवल नए इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में उतारना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए चार्जिंग सुविधा, आफ्टर-सेल्स सपोर्ट, बैटरी मैनेजमेंट और फ्लीट ऑपरेशन से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक ईवी इकोसिस्टम तैयार करना भी जरूरी है। कैरेंस क्लैविस ईवी को कंपनी ने ऐसे वाहन के रूप में पेश किया है, जिसमें केबिन स्पेस, आराम, तकनीक और इलेक्ट्रिक एफिशिएंसी का संयोजन मिलता है। यही वजह है कि कंपनी इसे निजी इस्तेमाल के साथ-साथ कॉर्पोरेट और फ्लीट मोबिलिटी के लिए भी उपयुक्त विकल्प के रूप में देख रही है।
रिफेक्स मोबिलिटी के साथ हुई नई साझेदारी में किआ इंडिया की ईवी तकनीक और रिफेक्स की फ्लीट मैनेजमेंट विशेषज्ञता को एक साथ लाने का प्रयास किया गया है। कंपनी के अनुसार इससे कॉर्पोरेट ग्राहकों को अपने रोजमर्रा के ट्रांसपोर्टेशन में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने में मदद मिल सकती है।
1,100 से ज्यादा यूनिट कॉर्पोरेट फ्लीट में पहुंचीं
किआ इंडिया के मुताबिक जुलाई 2025 में लॉन्च होने के बाद से कैरेंस क्लैविस ईवी की 1,100 से अधिक यूनिट कॉर्पोरेट फ्लीट में डिलीवर की जा चुकी हैं। कंपनी इसे भारत में बिजनेस और कॉर्पोरेट ट्रांसपोर्टेशन के इलेक्ट्रिफिकेशन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है। फ्लीट ऑपरेटरों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में परिचालन लागत, वाहन की उपलब्धता, रेंज, चार्जिंग और सर्विस सपोर्ट शामिल हैं। किआ इंडिया का कहना है कि कैरेंस क्लैविस ईवी को इन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। कंपनी के अनुसार इसमें बड़े केबिन के साथ लंबी अवधि के रोजाना इस्तेमाल के लिए आरामदायक सीटिंग, फ्लीट ऑपरेशन के अनुरूप रेंज और एडवांस्ड बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम जैसी खूबियां दी गई हैं।
अतुल सूद बोले—कॉर्पोरेट फ्लीट ईवी बदलाव में अहम
किआ इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, सेल्स एंड मार्केटिंग अतुल सूद ने कहा कि रिफेक्स मोबिलिटी के साथ 100 यूनिट की फ्लीट डील यह दिखाती है कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को रोजमर्रा के कॉर्पोरेट ट्रांसपोर्टेशन में प्रभावी तरीके से शामिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कैरेंस क्लैविस ईवी फ्लीट ऑपरेशन के लिए व्यावहारिक विकल्प के तौर पर तैयार की गई है। बड़े केबिन, आरामदायक सीटिंग, दैनिक उपयोग के लिए उपयुक्त रेंज और एडवांस्ड बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम जैसी विशेषताएं फ्लीट ग्राहकों के लिए उपयोगी हो सकती हैं।
अतुल सूद ने कहा कि कंपनी ने कैरेंस क्लैविस ईवी को निजी ग्राहकों के साथ-साथ फ्लीट ऑपरेटरों तक पहुंचाने पर भी ध्यान दिया है। उनके मुताबिक भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बड़े पैमाने पर अपनाने में कॉर्पोरेट फ्लीट की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने कहा कि किआ इंडिया ऐसे साझेदारों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो भारत में स्वच्छ, स्मार्ट और जिम्मेदार मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रहे हैं।

रिफेक्स मोबिलिटी ने बताया महत्वपूर्ण साझेदारी
रिफेक्स मोबिलिटी के सीईओ अनिरुद्ध अरुण ने कहा कि कंपनी ऐसे फ्लीट समाधान विकसित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है, जो प्रभावी, भरोसेमंद और टिकाऊ हों। उन्होंने कहा कि किआ इंडिया के साथ 100 यूनिट कैरेंस क्लैविस ईवी की साझेदारी एक मजबूत ईवी प्रोडक्ट को रिफेक्स की फ्लीट संचालन क्षमता के साथ जोड़ती है।
उनके मुताबिक कैरेंस क्लैविस ईवी में उपलब्ध स्पेस, आराम और इलेक्ट्रिक एफिशिएंसी इसे रोजाना फ्लीट ऑपरेशन के लिए उपयोगी बनाती है। इससे कंपनियों को जीरो-एमिशन मोबिलिटी समाधान उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अरुण ने कहा कि यह साझेदारी भारत में स्वच्छ और टिकाऊ कॉर्पोरेट मोबिलिटी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और आने वाले वर्षों में किआ इंडिया के साथ सहयोग को और आगे बढ़ाने की उम्मीद है।
ईवी इकोसिस्टम को मजबूत करने पर कंपनी का जोर
किआ इंडिया का इलेक्ट्रिफिकेशन विजन केवल इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री तक सीमित नहीं है। कंपनी चार्जिंग सुविधाओं, आफ्टर-सेल्स सपोर्ट और ग्राहकों के लिए बेहतर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अनुभव विकसित करने पर भी जोर दे रही है। कॉर्पोरेट फ्लीट में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कंपनियों के सामने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, वाहन की उपलब्धता और नियमित रखरखाव जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में ईवी इकोसिस्टम का मजबूत होना फ्लीट इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए अहम माना जा रहा है।
किआ इंडिया के अनुसार कैरेंस क्लैविस ईवी की बढ़ती फ्लीट डिलीवरी इस बात का संकेत है कि बिजनेस ट्रांसपोर्टेशन में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बाजार तैयार हो रहा है।
पर्यावरण के साथ लागत और दक्षता पर भी फोकस
कॉर्पोरेट मोबिलिटी में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के पीछे पर्यावरणीय प्रभाव के साथ-साथ परिचालन दक्षता भी एक महत्वपूर्ण कारक है। बड़ी संख्या में रोजाना चलने वाले फ्लीट वाहनों के इलेक्ट्रिफिकेशन से कंपनियां अपने परिवहन मॉडल में बदलाव ला सकती हैं। किआ इंडिया का कहना है कि उसकी कॉर्पोरेट ईवी रणनीति कंपनी की ‘मूवमेंट दैट इंस्पायर्स’ सोच के अनुरूप है। कंपनी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को निजी यात्रा के अलावा समुदाय, व्यवसाय और पर्यावरण से जुड़े व्यापक परिवहन समाधान के रूप में देख रही है।
रिफेक्स मोबिलिटी के साथ 100 यूनिट की नई डील और कॉर्पोरेट फ्लीट में 1,100 से अधिक कैरेंस क्लैविस ईवी की डिलीवरी किआ इंडिया की उस रणनीति को मजबूत करती है, जिसके तहत कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को निजी कारों से आगे बढ़ाकर कॉर्पोरेट और फ्लीट ट्रांसपोर्टेशन का हिस्सा बनाने की दिशा में काम कर रही है।

