ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा ईस्ट के लाखों लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पैरामाउंट सोसायटी के पास 130 मीटर रोड पर डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) के ऊपर निर्मित बहुप्रतीक्षित रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) आखिरकार आम जनता के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है। करीब तीन वर्षों के लंबे इंतजार के बाद शुरू हुए इस आरओबी पर वाहनों ने फर्राटा भरना शुरू कर दिया है, जिससे क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को नई गति मिलेगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा लोगों की सुविधा के लिए इस महत्वपूर्ण परियोजना का निर्माण कराया जा रहा था। लंबे समय से निर्माण कार्य चलने के कारण वाहन चालकों को सर्विस रोड के सहारे आवागमन करना पड़ रहा था। टूटी-फूटी सड़कों, निर्माण सामग्री और जाम की समस्या के कारण लोगों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
आरओबी के निर्माण कार्य के अंतिम चरण में कुछ सप्ताह पहले विशेषज्ञ टीम द्वारा इसका निरीक्षण और तकनीकी परीक्षण किया गया था। परीक्षण के दौरान एक तरफ का हिस्सा वाहनों की आवाजाही के लिए अस्थायी रूप से खोला गया था, लेकिन बाद में तकनीकी कमियों को दूर करने के लिए उसे बंद कर दिया गया था। सभी आवश्यक सुधार और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के बाद अब दोनों ओर से आरओबी को पूरी तरह से चालू कर दिया गया है।
इस ओवरब्रिज के शुरू होने से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, ग्रेटर नोएडा ईस्ट, दादरी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। अनुमान है कि प्रतिदिन करीब एक लाख वाहन चालक इस मार्ग का उपयोग करेंगे। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ट्रैफिक जाम और ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।
स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों ने आरओबी के खुलने पर खुशी जताते हुए इसे क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात बताया है। लोगों का कहना है कि लंबे समय से इस परियोजना के पूरा होने का इंतजार किया जा रहा था और अब इसके शुरू होने से दैनिक सफर पहले की तुलना में अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह परियोजना क्षेत्र के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आरओबी के संचालन से न केवल यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ईस्ट के बीच संपर्क भी पहले से अधिक तेज और सुगम हो जाएगा। क्षेत्रवासियों का मानना है कि इस पुल के शुरू होने से विकास को नई रफ्तार मिलेगी और आने वाले समय में इसका लाभ लाखों लोगों को प्रत्यक्ष रूप से मिलेगा। 130 मीटर रोड का यह आरओबी अब ग्रेटर नोएडा के आधुनिक बुनियादी ढांचे की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभरा है।

