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Saturday, June 27, 2026
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    “एक दिन बिना पेट्रोल-डीजल… लेकिन मिला स्वच्छ भविष्य का संदेश! समसारा स्कूल का ‘नो फ्यूल यूज डे’ बना पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक अभियान

    One day without petrol-diesel... but got the message of a clean future! Samsara School's 'No Fuel Use Day' becomes an inspiring campaign for environment conservation

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक।
    पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत केवल सरकारी योजनाओं का हिस्सा नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। इसी संदेश को व्यवहारिक रूप देने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा स्थित समसारा द वर्ल्ड एकेडमी में शनिवार को “नो फ्यूल यूज डे” का सफल आयोजन किया गया। यह अभियान केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराने वाला प्रेरणादायक प्रयास साबित हुआ।

    विद्यालय परिसर में सुबह से ही एक अलग उत्साह देखने को मिला। जहां सामान्य दिनों में स्कूल परिसर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही से गुलजार रहता है, वहीं इस दिन अधिकांश शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी बिना निजी ईंधन वाले वाहनों के विद्यालय पहुंचे। किसी ने साइकिल का सहारा लिया, तो किसी ने पैदल चलकर स्वस्थ जीवनशैली और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कई लोगों ने सार्वजनिक परिवहन और ई-रिक्शा का उपयोग करते हुए यह साबित किया कि यदि इच्छा हो तो छोटी-छोटी आदतों में बदलाव लाकर भी बड़ा परिवर्तन संभव है।

    विद्यालय प्रशासन ने बताया कि इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य ऊर्जा संरक्षण, पेट्रोल और डीजल की बचत, बढ़ते कार्बन उत्सर्जन को कम करना तथा विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि प्राकृतिक संसाधन सीमित हैं और यदि उनका विवेकपूर्ण उपयोग नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

    विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शालिनी प्रसाद ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल, डीजल और अन्य जीवाश्म ईंधन सीमित संसाधन हैं, जिनका अत्यधिक उपयोग न केवल आर्थिक बोझ बढ़ाता है बल्कि पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है। यदि प्रत्येक व्यक्ति सप्ताह में केवल एक दिन निजी वाहन का उपयोग बंद कर दे तो लाखों लीटर ईंधन की बचत के साथ-साथ प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।

    उन्होंने कहा कि ईंधन की बचत केवल पैसे बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध स्वच्छ हवा, स्वस्थ समाज और सुरक्षित भविष्य से भी जुड़ा हुआ है। बढ़ते वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक समस्याओं से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका निभानी होगी। विद्यालय इसी सोच के साथ विद्यार्थियों में जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करने का प्रयास कर रहा है।

    कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को कार्बन उत्सर्जन, ग्लोबल वार्मिंग, ऊर्जा संकट और सतत विकास जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। छात्रों को बताया गया कि छोटी-छोटी आदतें—जैसे साइकिल चलाना, पैदल चलना, कार पूलिंग करना और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना—पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दे सकती हैं।

    विद्यार्थियों ने भी इस पहल में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई बच्चों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पैदल या साइकिल से स्कूल आने का अनुभव न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक रहा, बल्कि इससे उन्हें प्रकृति के और करीब आने का अवसर भी मिला। कुछ विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी समय-समय पर निजी वाहनों का उपयोग कम करेंगे और अपने परिवार व मित्रों को भी ईंधन बचाने के लिए प्रेरित करेंगे।

    विद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस प्रकार के अभियान बच्चों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं। जब विद्यार्थी बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत के महत्व को समझेंगे, तभी भविष्य में एक जिम्मेदार और जागरूक समाज का निर्माण संभव होगा।

    कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने ऊर्जा संरक्षण, स्वच्छ पर्यावरण और ईंधन की बचत के लिए निरंतर प्रयास करने का सामूहिक संकल्प लिया। विद्यालय ने भविष्य में भी ऐसे जागरूकता अभियान आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हो सके।

    समसारा द वर्ल्ड एकेडमी का यह अभियान यह संदेश देने में पूरी तरह सफल रहा कि यदि हर नागरिक अपनी दैनिक जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव अपनाए, तो स्वच्छ, हरित और प्रदूषण मुक्त भारत का सपना अवश्य साकार हो सकता है।

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