ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। विश्व MSME दिवस (27 जून) के अवसर पर इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) ग्रेटर नोएडा चैप्टर ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSME) की भूमिका को रेखांकित करते हुए “उद्योग बढ़ाएंगे, विकसित भारत बनाएंगे” विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर देशभर के उद्यमियों, उद्योग जगत से जुड़े सहयोगियों एवं MSME क्षेत्र में कार्यरत सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में MSME सेक्टर की निर्णायक भूमिका पर बल दिया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए IIA के राष्ट्रीय अध्यक्ष दिनेश गोयल ने कहा कि विकसित भारत-2047 की परिकल्पना को साकार करने में MSME क्षेत्र सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में व्यापार सुगमता, डिजिटल भुगतान प्रणाली (UPI), जीएसटी, उद्यमी भारत, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, RAMP सहित विभिन्न योजनाओं ने MSME के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। “Vocal for Local” और “Local to Global” जैसे अभियानों ने भारतीय उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि भारत में लगभग 7.5 करोड़ MSME इकाइयाँ 30 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।
यह क्षेत्र देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 30 प्रतिशत, विनिर्माण उत्पादन में 35 प्रतिशत तथा कुल निर्यात में लगभग 45 प्रतिशत का योगदान देता है। कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला क्षेत्र भी MSME ही है।
IIA ने कहा कि आज Industry 4.0, डिजिटलीकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग का दौर है। ऐसे समय में भारतीय MSME को नई तकनीकों से जोड़ना और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप तैयार करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। संस्था इसी उद्देश्य के साथ MSME सेक्टर को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर अभियान चला रही है।
IIA ग्रेटर नोएडा चैप्टर के चेयरमैन सरबजीत सिंह ने कहा कि संस्था केवल उद्योगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीकी उन्नयन, कौशल विकास, नवाचार, निर्यात संवर्धन, निवेश प्रोत्साहन और Ease of Doing Business के माध्यम से उद्योगों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि IIA, ODOP (One District One Product) की अवधारणा को आगे बढ़ाते हुए अब ODOC (One District One Cuisine) की परिकल्पना को भी प्रोत्साहित कर रही है, जिससे प्रत्येक जनपद की खाद्य विरासत, स्थानीय व्यंजन, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और उद्यमियों को नए अवसर प्राप्त होंगे। यह पहल स्थानीय अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यटन को भी नई दिशा दे सकती है।
सरबजीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निवेश अनुकूल वातावरण, मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना, एक्सप्रेस-वे नेटवर्क तथा उद्योग हितैषी नीतियों ने प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश केंद्रों में स्थापित किया है। ODOP जैसी योजनाओं ने स्थानीय उत्पादों को नई पहचान देने के साथ जिला आधारित आर्थिक विकास को भी गति प्रदान की है।
कार्यक्रम में उपस्थित उद्यमियों से नवाचार, गुणवत्ता, अनुसंधान, कौशल विकास, डिजिटलीकरण और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकसित भारत-2047 के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।
इस अवसर पर IIA ग्रेटर नोएडा चैप्टर के पदाधिकारियों एवं उद्यमियों की बड़ी संख्या मौजूद रही। प्रमुख रूप से जगदीश सिंह, हिमांशु पांडे, अमित शर्मा, विजय गोयल, विजेंद्र गोयल, राजीव सूद, बाबू राम भाटी, विशाल गौतम, राकेश बंसल, सर्वेश गुप्ता, ए.डी. पांडे, जे.एस. राणा, विपिन माहना, यशराज खंडेलिया, मुकेश गुप्ता, नवीन गुप्ता, प्रदीप शर्मा, प्रमोद शर्मा सहित अनेक उद्योगपति कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में IIA के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आलोक अग्रवाल, महासचिव दीपक बजाज एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष अवधेश कुमार अग्रवाल ने भी विश्व MSME दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उद्योगों को तकनीकी रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का संकल्प दोहराया।

