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Thursday, June 25, 2026
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    GIMS News : GIMS अस्पताल विवाद पर गरमाई सियासत: पीड़ितों से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को पुलिस ने रोका, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

    Heated politics over GIMS hospital dispute: Congress delegation going to meet victims stopped by police

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। कासना स्थित जीआईआईएमएस (GIMS) अस्पताल में बीती रात हुई कथित बर्बर घटना को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माता जा रहा है। घटना के विरोध में तथा आंदोलनरत कर्मचारियों और पीड़ितों से मुलाकात करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला कांग्रेस कमेटी गौतमबुद्ध नगर का एक प्रतिनिधिमंडल जीआईआईएमएस अस्पताल और पुलिस लाइन की ओर रवाना हुआ, लेकिन कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रशासन और पुलिस ने उन्हें पीड़ितों तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया।

    कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए प्रदेश सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि विपक्षी दलों को पीड़ितों से मिलने से रोकना सरकार की असहिष्णुता और सच्चाई को दबाने की कोशिश को दर्शाता है।
    जिला कांग्रेस अध्यक्ष दीपक भाटी चोटीवाला ने कहा कि कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य केवल पीड़ित कर्मचारियों का हालचाल जानना और घटना की वास्तविक जानकारी प्राप्त करना था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पहले से ही ऐसी व्यवस्था कर दी थी कि कांग्रेस नेताओं को अस्पताल या पुलिस लाइन तक न पहुंचने दिया जाए।

    दीपक भाटी ने कहा कि जीआईआईएमएस अस्पताल में जो घटनाक्रम सामने आया है, उसने प्रदेश की कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनके अनुसार, शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह अत्यंत चिंताजनक और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को पीड़ितों से मिलने से रोकना यह संकेत देता है कि सरकार वास्तविक स्थिति को सार्वजनिक होने से रोकना चाहती है।

    उन्होंने विशेष रूप से कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने वाले कर्मचारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन लोगों ने महामारी के कठिन समय में समाज और सरकार की सेवा की, उनके साथ अमानवीय व्यवहार किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।
    कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार यह सोचती है कि पुलिस बल और प्रशासनिक दबाव के माध्यम से जनता की आवाज को दबाया जा सकता है, तो यह उसकी बड़ी भूल होगी।

    जिला कांग्रेस कमेटी ने पूरे मामले की निष्पक्ष और न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि घटना में यदि किसी अधिकारी या पुलिसकर्मी की भूमिका पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही पीड़ित कर्मचारियों और आंदोलनकारियों को न्याय दिलाने की मांग भी उठाई गई।
    कांग्रेस पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मामले में पीड़ितों के साथ खड़ी है और लोकतांत्रिक अधिकारों तथा सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी। पार्टी नेताओं ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को भी दे दी गई है और आगे की रणनीति पर विचार किया जा रहा है।

    इस बीच कांग्रेस के कुछ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अस्पताल के आसपास मौजूद कुछ पीड़ितों एवं प्रत्यक्षदर्शियों से मुलाकात कर घटना की जानकारी लेने का प्रयास किया। इस दौरान नीरज लोहिया, सूबेदार सतपाल सिंह, सतीश शर्मा, सुरेंद्र प्रताप सिंह, अमित कुमार और नरेश शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

    जीआईआईएमएस अस्पताल में कर्मचारियों के आंदोलन और उसके बाद हुए घटनाक्रम को लेकर अब राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर प्रशासन, अस्पताल प्रबंधन और राजनीतिक दलों के बीच टकराव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

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