गौतम बुद्ध नगर 12 दिसंबर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं माननीय जनपद न्यायाधीश गौतम बुद्ध नगर अतुल श्रीवास्तव के प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में अपर जिला जज/ सचिव(पूर्णकालिक), जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चंद्र मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि 13/12/2025 को जनपद गौतमबुद्वनगर में मुख्यालय एवं तहसील स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है।
किन-किन मामलों का होगा निस्तारण?
अधिकारियों के अनुसार, निम्न प्रकार के मामलों को राष्ट्रीय लोक अदालत में प्राथमिकता के साथ निपटाया जाएगा—
आपराधिक शमनीय वाद
हल्के आपराधिक मामले जिन्हें आपसी समझौते से निपटाया जा सकता है।
पारिवारिक मामले
पति-पत्नी, पारिवारिक विवाद आदि जहां सुलह से समाधान संभव हो।
मोटरयान दुर्घटना अधिनियम (MACT) के केस
मुआवज़े और दावों से जुड़े मामलों का सरल निस्तारण।
बिजली और पानी से संबंधित विवाद
पुराने बकाया, जुर्माना आदि में राहत मिल सकती है।
धारा 138 एन.आई. एक्ट—चेक बाउंस के मामले
दोनों पक्षों की सहमति से समाधान का बेहतर मौका।
भू-राजस्व से जुड़े वाद
जमीन, राजस्व और संबंधित विवाद।
सेवा से जुड़े मामले
सरकारी कर्मचारियों से जुड़े विवाद जो समझौते से हल हो सकते हैं।
प्री-लिटीगेशन मामले (मुकदमा दर्ज होने से पहले)
बैंक रिकवरी
लोन संबंधी मामला
नोटिस-स्तर पर विवाद
उन्होंने ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में विशेषतः आपराधिक शमनीय वाद, पारिवारिक मामलें, मोटरयान दुर्घटना अधिनियम के मामले, बिजली व पानी से संबधित मामले, धारा 138 एन.आई. एक्ट के वाद, भू-राजस्व वाद, सेवा सम्बन्धित मामले एवं प्री-लिटीगेशन मामलों के साथ-साथ सुलह समझौते के माध्यम से निस्तारण योग्य अन्य विवाद, जिनमें पक्षकार पारस्परिक सद्भावना के अधीन सन्धि हेतु इच्छुक हो वह मामले राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित किये जायेगे।
मुख्यालय और तहसील—दोनों स्तरों पर होगा आयोजन
राष्ट्रीय लोक अदालत मुख्यालय एवं सभी तहसील स्तर पर एकसाथ आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य है—
लोगों को जल्दी न्याय
अनावश्यक मुकदमों की संख्या में कमी
आपसी समझौते से मामलों का समाधान
आम लोगों के लिए यह सुनहरा अवसर होगा कि वे अपने विवादों का निपटारा बिना लंबी अदालती प्रक्रिया के करा सकें।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने की अपील
अपर जिला जज चंद्र मोहन श्रीवास्तव ने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा—
“जो भी लोग अपने मामले का जल्द, सरल और समझौते के माध्यम से समाधान चाहते हैं, वे 13 दिसंबर को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अवश्य उपस्थित हों। यह न्याय पाने का सबसे सरल, सुलभ और सम्मानजनक माध्यम है।”
राष्ट्रीय लोक अदालत का यह आयोजन न्याय के लोकतंत्रीकरण की एक शानदार मिसाल है, जहां अदालतें जनता के पास आती हैं और समाधान सरल हो जाता है।
13 दिसंबर को गौतमबुद्ध नगर एक बार फिर यह साबित करने जा रहा है कि—
“न्याय सिर्फ अदालत में नहीं, समझौते और सहजता में भी मिलता है।”

