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Saturday, April 18, 2026
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    Illegal Land News : लखनावली में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, कॉलोनी काटे जाने की शिकायत, प्रशासन पर उठे सवाल, पूर्व प्रधान के बेटे की भूमिका पर सवाल, सरकार की सख्ती बनाम जमीनी हकीकत

    इस पूरे प्रकरण में गांव के एक पूर्व प्रधान के बेटे की संलिप्तता की भी चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है, जबकि प्रशासन की भूमिका को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी देखी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, लखनावली गांव के खसरा अभिलेखों

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के लखनावली गांव में ग्राम समाज की बहुमूल्य भूमि पर अवैध कब्जा कर कॉलोनी काटे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ भू-माफियाओं ने सुनियोजित तरीके से ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा कर वहां अवैध प्लॉटिंग शुरू कर दी है। इस पूरे प्रकरण में गांव के एक पूर्व प्रधान के बेटे की संलिप्तता की भी चर्चा क्षेत्र में जोरों पर है, जबकि प्रशासन की भूमिका को लेकर ग्रामीणों में नाराज़गी देखी जा रही है।
    ग्रामीणों के अनुसार, लखनावली गांव के खसरा अभिलेखों में दर्ज ग्राम समाज की जमीन लंबे समय से भू-माफियाओं की नजर में थी। मौका मिलते ही इस जमीन पर कब्जा कर अवैध निर्माण और प्लॉटिंग का काम शुरू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि कब्जे के बाद वहां अस्थायी ऑफिस बनाकर जमीन की खरीद-फरोख्त भी की जा रही है, जिससे सरकारी भूमि को करोड़ों का नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।


    बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं
    ग्रामीणों का कहना है कि इस अवैध कब्जे और कॉलोनी कटने की शिकायत कई बार उप जिलाधिकारी, तहसील प्रशासन और स्थानीय लेखपाल से की गई, लेकिन हर बार जांच के नाम पर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि जिला प्रशासन के कुछ अधिकारी मौके पर पहुंचने के बजाय अपने कार्यालयों में बैठकर ही रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिससे अवैध कब्जाधारियों के हौसले और बुलंद होते जा रहे हैं।
    सूत्रों के मुताबिक, ग्राम समाज की इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है। बताया जा रहा है कि काफी समय से भू-माफिया इस भूमि पर नजर बनाए हुए थे और जैसे ही प्रशासनिक ढील मिली, अवैध कब्जे और प्लॉटिंग का खेल शुरू कर दिया गया।


    पूर्व प्रधान के बेटे की भूमिका पर सवाल
    स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में गांव के एक पूर्व प्रधान के बेटे की अहम भूमिका बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि संबंधित व्यक्ति का नाम इससे पहले भी कई विवादों में सामने आ चुका है, लेकिन प्रभावशाली होने के कारण उसके खिलाफ कोई खुलकर शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। यही वजह है कि अवैध गतिविधियां खुलेआम चल रही हैं।
    ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जब इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रशासन से बात की गई तो कार्रवाई का भरोसा जरूर दिया गया, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे ग्रामीणों में यह संदेश जा रहा है कि कहीं न कहीं अवैध कब्जाधारियों को संरक्षण मिल रहा है।

    सरकार की सख्ती बनाम जमीनी हकीकत
    एक ओर उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा प्रदेश भर में भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर लखनावली जैसे मामलों में कार्रवाई न होना कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि जब सरकार अवैध कब्जों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, तो फिर ग्राम समाज की जमीन पर खुलेआम हो रहे कब्जों पर प्रशासन की चुप्पी समझ से परे है।


    प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
    अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ग्राम समाज की इस बहुमूल्य जमीन को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। ग्रामीणों की नजरें अब जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों की कार्रवाई पर टिकी हैं। आने वाला समय ही बताएगा कि प्रशासन ग्राम समाज की जमीन को बचाने के लिए ठोस कदम उठाता है या नहीं।
    ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध कब्जा हटाया जाए, दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और ग्राम समाज की भूमि को सुरक्षित किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

    द न्यूज क्लिक न्यूज

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