ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। मेट्रो यूनिवर्सिटी परिसर में देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस समारोह में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने और राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुई। इस दौरान पूरा परिसर देशभक्ति के वातावरण से सराबोर नजर आया। समारोह को संबोधित करते हुए मेट्रो यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. राजेश पाठक ने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजादी हमें केवल अधिकार प्रदान नहीं करती, बल्कि इसके साथ राष्ट्र और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध भी कराती है। उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता को बनाए रखने और राष्ट्र को निरंतर प्रगति के मार्ग पर आगे ले जाने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारियों को समझना होगा।
ज्ञान के साथ संस्कार और नैतिक मूल्यों पर जोर
कुलपति डॉ. राजेश पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी केवल विद्यार्थियों को डिग्री और रोजगार के लिए तैयार करने तक सीमित नहीं है। उच्च शिक्षण संस्थानों को ऐसी युवा पीढ़ी तैयार करनी होगी, जिसमें ज्ञान के साथ संस्कार, नैतिक मूल्य, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी हो। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी देश का भविष्य है। इसलिए विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों की जानकारी देना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग देश की प्रगति तथा समाज के कल्याण के लिए करने का आह्वान किया।

डॉ. (प्रो.) पुरुषोत्तम लाल के योगदान को किया याद
समारोह के दौरान कुलपति ने डॉ. (प्रो.) पुरुषोत्तम लाल जी के योगदान और उनके आदर्शों को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, सेवा और उत्कृष्टता के प्रति उनका समर्पण सभी के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि उनके जीवन और कार्यों से प्रेरणा लेते हुए मेट्रो यूनिवर्सिटी शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान, नवाचार और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा वातावरण उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी रचनात्मक क्षमता का विकास करते हुए देश और समाज के लिए उपयोगी समाधान तैयार कर सकें।
रिसर्च और इनोवेशन की संस्कृति को मजबूत करने पर जोर
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों को अनुसंधान और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलती तकनीकी दुनिया में भारत की युवा शक्ति देश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया गया। विश्वविद्यालय में रिसर्च एवं इनोवेशन की संस्कृति को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की गई।
समारोह में इस बात पर विशेष जोर रहा कि देश की आत्मनिर्भरता केवल आर्थिक क्षेत्र तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि शिक्षा, तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में भी भारत को वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना होगा।
‘विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और नवाचार भारत’ का लिया संकल्प
स्वतंत्रता दिवस समारोह का समापन ‘विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और नवाचार भारत’ के संकल्प के साथ हुआ। विश्वविद्यालय परिवार ने राष्ट्र की प्रगति में अपनी भूमिका निभाने, विद्यार्थियों को जिम्मेदार एवं सक्षम नागरिक बनाने तथा शिक्षा और अनुसंधान के माध्यम से देश के विकास में योगदान देने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। मेट्रो यूनिवर्सिटी में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह ने विद्यार्थियों को स्वतंत्रता के महत्व के साथ-साथ यह संदेश भी दिया कि देश का भविष्य केवल सरकारों और संस्थाओं से नहीं, बल्कि जिम्मेदार, शिक्षित, संस्कारवान और नवाचारी नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से तैयार होता है।

