गौतमबुद्धनगर, द न्यूज क्लिक। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत गौतमबुद्धनगर के विकासखंड बिसरख स्थित ग्राम दुजाना को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। इसी क्रम में मंगलवार को जिलाधिकारी मेधा रूपम की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गांव को सौर ऊर्जा आधारित मॉडल ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए तैयार कार्ययोजना और प्रस्तावित विभिन्न सौर ऊर्जा परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान ग्राम दुजाना को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने के लिए तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) का पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुतीकरण किया गया। इसमें गांव में सौर ऊर्जा के अधिकतम उपयोग, स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्र को ऊर्जा के मामले में अधिक आत्मनिर्भर बनाने से संबंधित प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी गई।
घरों और सरकारी भवनों पर लगेंगे सोलर रूफटॉप
परियोजना के तहत ग्राम दुजाना के घरेलू और सार्वजनिक भवनों पर सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने का प्रस्ताव है। इससे ग्रामीण परिवारों और सार्वजनिक संस्थानों में बिजली की जरूरत का एक हिस्सा सौर ऊर्जा से पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा गांव की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइटिंग लगाने की भी योजना है। इससे गांव में रात के समय प्रकाश व्यवस्था बेहतर होने के साथ पारंपरिक बिजली की खपत को कम करने में मदद मिलेगी।
खेती और ग्रामीण रोजगार से भी जोड़ी जाएगी सौर ऊर्जा
मॉडल सोलर विलेज की योजना को केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रखा गया है। सौर ऊर्जा को ग्रामीण आजीविका और कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़ने की भी तैयारी है। परियोजना अधिकारी यूपीनेडा, गौतमबुद्धनगर लवेश कुमार सिसोदिया ने बैठक में बताया कि गांव में सौर ऊर्जा आधारित सोलर मिल्क चिलर, सोलर आटा चक्की और सोलर कोल्ड प्रेस यूनिट जैसी सुविधाएं स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है।
आवश्यकता के अनुसार कृषि और ग्रामीण आजीविका से जुड़े अन्य सौर ऊर्जा आधारित उपकरण भी स्थापित किए जा सकते हैं। इससे ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर सौर ऊर्जा का उपयोग कर अपनी आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

बिजली की बचत के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर
अधिकारियों के अनुसार परियोजना के क्रियान्वयन से गांव में बिजली की बचत, पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता में कमी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही सौर ऊर्जा आधारित उपकरणों और गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। इस योजना का उद्देश्य दुजाना को ऐसा मॉडल गांव बनाना है, जहां घरों, सार्वजनिक स्थलों, कृषि और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में सौर ऊर्जा का व्यापक इस्तेमाल हो।
डीएम ने समयबद्ध क्रियान्वयन के दिए निर्देश
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने परियोजना के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक कार्रवाई जल्द पूरी करने पर जोर दिया। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि प्रस्तावित सौर ऊर्जा परियोजनाओं का वास्तविक लाभ ग्रामवासियों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने दुजाना को स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक ऐसा मॉडल विकसित करने पर विशेष जोर दिया, जिसे भविष्य में जनपद और प्रदेश के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी अपनाया जा सके।
अन्य गांवों के लिए बनेगा उदाहरण
ग्राम दुजाना को मॉडल सोलर विलेज के रूप में विकसित करने की योजना सफल रहती है तो यह गौतमबुद्धनगर के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी उदाहरण बन सकती है। घरों की छतों पर सोलर पैनल से लेकर सोलर स्ट्रीट लाइट, कृषि उपकरण और ग्रामीण व्यवसायों तक सौर ऊर्जा की पहुंच बढ़ने से गांव की ऊर्जा जरूरतों को स्थानीय स्तर पर पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भालचंद्र त्रिपाठी, संबंधित विभागों के अधिकारी और जिला स्तरीय समिति के सदस्य मौजूद रहे।

