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Wednesday, August 19, 2026
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    Noida Authority News : MP-3 मार्ग के अंडरपास की सड़क की गुणवत्ता जांचने पहुंची CRRI टीम, सेक्टर-51 से 72 के बीच सड़क की मजबूती और टिकाऊपन का होगा तकनीकी आकलन, नोएडा प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश ने दिए सख्त निर्देश

    नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी CEO कृष्णा करुणेश के निर्देश पर शहर की सड़कों और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा और तकनीकी जांच का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में एमपी-3 मार्ग पर जंक्शन नंबर-6 के आसपास सेक्टर-51, 52, 71 और 72 के अंडरपास में बिछाई गई मैस्टिक एस्फाल्ट सड़क की गुणवत्ता और मजबूती का तकनीकी परीक्षण कराया गया।

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    नोएडा, द न्यूज क्लिक । नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण (नोएडा प्राधिकरण) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी CEO कृष्णा करुणेश के निर्देश पर शहर की सड़कों और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा और तकनीकी जांच का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में एमपी-3 मार्ग पर जंक्शन नंबर-6 के आसपास सेक्टर-51, 52, 71 और 72 के अंडरपास में बिछाई गई मैस्टिक एस्फाल्ट सड़क की गुणवत्ता और मजबूती का तकनीकी परीक्षण कराया गया।

    प्राधिकरण की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, सड़क की वास्तविक स्थिति का वैज्ञानिक तरीके से आकलन करने के लिए केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (CRRI) की तकनीकी टीम को मौके पर बुलाया गया। टीम ने अंडरपास में पहुंचकर मैस्टिक एस्फाल्ट की सतह से जुड़े विभिन्न तकनीकी पहलुओं की जांच की। इस दौरान सड़क की ऊपरी सतह, उसकी पकड़, चिपकाव और सड़क निर्माण सामग्री की स्थिति का परीक्षण किया गया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सड़क वर्तमान यातायात दबाव को किस स्तर तक सहन कर पा रही है।

    अंडरपास में प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। खास तौर पर वाहनों के लगातार गुजरने, अचानक ब्रेक लगाने तथा चढ़ाई वाले हिस्से पर गति बढ़ाने के कारण सड़क की सतह पर सामान्य हिस्सों की तुलना में अधिक दबाव पड़ता है। इसी वजह से प्राधिकरण की ओर से सड़क की गुणवत्ता का तकनीकी मूल्यांकन कराया जा रहा है। CRRI की टीम द्वारा वाहनों के दबाव और यातायात की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सड़क की सतह के व्यवहार का भी अध्ययन किया जा रहा है।

    तकनीकी परीक्षण के दौरान मैस्टिक एस्फाल्ट की सतह के साथ उसके पकड़ एवं चिपकाव की स्थिति को भी परखा गया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सड़क की ऊपरी परत वाहनों के लगातार दबाव और बदलती मौसम परिस्थितियों के बीच कितनी प्रभावी ढंग से बनी रह सकती है। सड़क की गुणवत्ता का सही आकलन होने के बाद ही आगे आवश्यक सुधारात्मक कदमों को अंतिम रूप दिया जाएगा।

    प्राधिकरण का कहना है कि CRRI की तकनीकी रिपोर्ट और मौके की परिस्थितियों के समग्र मूल्यांकन के आधार पर अंतिम तकनीकी निष्कर्ष निर्धारित किए जाएंगे। यदि जांच में किसी प्रकार की तकनीकी कमी या सुधार की आवश्यकता सामने आती है तो संबंधित स्थान पर आवश्यक सुधारात्मक कार्य कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य सड़क की सतह की गुणवत्ता के साथ-साथ उसकी टिकाऊ क्षमता को भी बेहतर बनाना है।

    प्राधिकरण के अनुसार, सड़क की गुणवत्ता की निगरानी केवल निर्माण कार्य पूरा होने तक सीमित नहीं है, बल्कि यातायात शुरू होने के बाद भी उसकी स्थिति का परीक्षण किया जाना जरूरी है। एमपी-3 मार्ग के इस अंडरपास पर लगातार वाहनों की आवाजाही को देखते हुए तकनीकी जांच को इसी व्यापक निगरानी प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है।

    इस कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि प्राधिकरण सड़क निर्माण और रखरखाव से जुड़े मामलों में विशेषज्ञ संस्थाओं की तकनीकी राय को महत्व दे रहा है। CRRI देश में सड़क और यातायात से जुड़े तकनीकी अनुसंधान एवं परीक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण संस्थान है। ऐसे में उसकी टीम द्वारा मौके पर किए गए परीक्षण से सड़क की वास्तविक स्थिति का अधिक वैज्ञानिक मूल्यांकन संभव होगा।

    प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक, अंतिम निर्णय विस्तृत परीक्षण परिणामों, सड़क की मौजूदा स्थिति और मौके की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा। इसके बाद आवश्यकता के अनुसार सड़क की सतह की गुणवत्ता में सुधार और उसके टिकाऊपन को सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी उपाय लागू किए जा सकते हैं।

    एमपी-3 मार्ग शहर के महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है और इसके अंडरपास आसपास के सेक्टरों को जोड़ने के साथ यातायात को सुचारु बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता बेहतर रहना सीधे तौर पर वाहन चालकों की सुविधा और यातायात सुरक्षा से जुड़ा विषय है। प्राधिकरण की इस तकनीकी जांच से उम्मीद है कि सड़क की मौजूदा कमियों की पहचान कर उन्हें समय रहते दूर किया जा सकेगा।

    प्राधिकरण का फोकस साफ है—सड़क मजबूत हो, लंबे समय तक टिके और वाहन चालकों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात सुविधा मिले। CRRI की तकनीकी जांच के बाद आने वाले निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया का अंतिम उद्देश्य एमपी-3 मार्ग के अंडरपास में सड़क की गुणवत्ता और टिकाऊपन को बेहतर बनाना तथा भविष्य में सड़क संबंधी समस्याओं को कम करना है।

    द न्यूज क्लिक की न्यूज

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