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Thursday, September 3, 2026
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    Greater Noida: निर्धारित स्थान की जगह दूसरी जगह चल रहा शराब का ठेका!, 18 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी, अब तक नहीं मिला जवाब, शिकायत के बाद आबकारी विभाग ने माना—दुकान तय स्थान पर नहीं मिली, फिर भी डेढ़ साल से कार्रवाई का इंतजार, IGRS शिकायत पर जांच में खुलासा

    शिकायतकर्ता लतीफपुर गांव निवासी का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत 8 अगस्त को की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर आबकारी विभाग ने जांच भी की, लेकिन इसके बावजूद अब तक न तो शराब की दुकान को निर्धारित स्थान पर शिफ्ट कराया गया और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई हुई।

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    निर्धारित स्थल से अलग जगह संचालित मिला शराब का ठेका, 18 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी, अब तक नहीं मिला जवाब, जिला आबकारी अधिकारी बोले—अस्थायी लाइसेंस के आधार पर सुहेड़ी मोमदीपुर में संचालित है दुकान

    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। गौतम बुद्ध नगर के दनकौर थाना क्षेत्र में शराब की दुकान के संचालन को लेकर आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि मकनपुर खादर में शराब की दुकान के लिए निर्धारित स्थल पर दुकान संचालित करने के बजाय इसे सुहेड़ी मोमदीपुर में संचालित किया जा रहा है। स्थानीय निवासी की शिकायत के बाद आबकारी विभाग की ओर से किए गए स्थलीय निरीक्षण में भी दुकान निर्धारित स्थान पर संचालित नहीं मिली। विभाग ने अनुज्ञापी को निर्धारित स्थान पर दुकान संचालित करने के निर्देश दिए और 18 अगस्त को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बावजूद अब तक दुकान को निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित नहीं कराया गया है और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई हुई है। मामले में विभागीय अधिकारियों के अलग-अलग बयानों ने भी स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

    आईजीआरएस शिकायत के बाद हुई जांच, निर्धारित स्थान पर नहीं मिली दुकान

    लतीफपुर गांव निवासी शिकायतकर्ता ने इस मामले की शिकायत 8 अगस्त को आबकारी विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ आईजीआरएस पोर्टल पर की थी। शिकायत के बाद जिलाधिकारी की ओर से आबकारी विभाग को मामले की जांच के निर्देश दिए गए। आईजीआरएस पर शिकायत के जवाब में आबकारी निरीक्षक प्रवर्तन-3, मेरठ अशोक कुमार की ओर से बताया गया कि निर्धारित दुकान का मकनपुर बांगर में स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान दुकान निर्धारित स्थान पर संचालित होती हुई नहीं मिली।

    जांच रिपोर्ट के अनुसार, शराब की दुकान निर्धारित स्थान से अलग जगह पर संचालित पाई गई। इसके बाद अनुज्ञापी को निर्धारित स्थल पर दुकान संचालित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जिला आबकारी अधिकारी की ओर से 18 अगस्त को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

    विभागीय जवाब के मुताबिक, नोटिस जारी होने के बाद भी अब तक अनुज्ञापी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।

    जब दुकान गलत जगह मिली तो कार्रवाई क्यों नहीं?

    मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि विभागीय निरीक्षण में यदि शराब की दुकान निर्धारित स्थान पर नहीं मिली और इसे दूसरे स्थान पर संचालित पाया गया, तो इसके बाद प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? शिकायतकर्ता का कहना है कि शराब का यह ठेका करीब डेढ़ वर्ष से निर्धारित स्थल से अलग स्थान पर संचालित हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि संचालन नियमों के विपरीत था तो विभाग को इसकी जानकारी पहले क्यों नहीं हुई और शिकायत के बाद भी कार्रवाई केवल नोटिस तक क्यों सीमित है?

    स्थानीय लोगों का आरोप है कि दुकान के दूसरे स्थान पर संचालन से आसपास के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि संबंधित विभाग को मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि दुकान किस अनुमति और किस स्थल के आधार पर संचालित हो रही है।

    जिला आबकारी अधिकारी का बयान बढ़ाता है सवाल

    मामले में जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार का कहना है कि अनुज्ञापी को अस्थायी लाइसेंस दिया गया है और इसी आधार पर शराब की दुकान सुहेड़ी मोमदीपुर में संचालित हो गई। यही बयान अब पूरे मामले में सबसे अहम सवाल खड़ा करता है। यदि विभाग की ओर से अस्थायी लाइसेंस के आधार पर दुकान को सुहेड़ी मोमदीपुर में संचालित करने की अनुमति थी, तो फिर निर्धारित स्थल पर दुकान नहीं मिलने की बात कहते हुए कारण बताओ नोटिस क्यों जारी किया गया? वहीं, दूसरी ओर विभागीय निरीक्षण के जवाब में साफ तौर पर कहा गया है कि दुकान निर्धारित स्थान से अलग जगह पर संचालित पाई गई थी और अनुज्ञापी को निर्धारित स्थल पर संचालन के निर्देश दिए गए थे।

    इस तरह विभागीय कार्रवाई और लाइसेंस को लेकर सामने आए दोनों बयानों के बीच स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत है।

    क्या अस्थायी लाइसेंस में संचालन स्थल बदलने की अनुमति थी?

    मामले की जांच में यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि अनुज्ञापी को जारी किए गए अस्थायी लाइसेंस में दुकान का संचालन स्थल क्या निर्धारित किया गया था और क्या लाइसेंस की शर्तों के तहत दुकान को मकनपुर खादर से हटाकर सुहेड़ी मोमदीपुर में संचालित करने की अनुमति दी गई थी? यदि अनुमति थी तो उसकी अवधि, शर्तें और सक्षम अधिकारी की स्वीकृति क्या थी? और यदि अनुमति नहीं थी तो विभागीय निरीक्षण में सामने आने के बाद भी अब तक कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की गई? इन सवालों का जवाब आबकारी विभाग के स्तर से स्पष्ट किया जाना बाकी है।

    शिकायतकर्ता बोला—न दुकान शिफ्ट हुई, न प्रभावी कार्रवाई

    शिकायतकर्ता लतीफपुर गांव निवासी का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत 8 अगस्त को की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर आबकारी विभाग ने जांच भी की, लेकिन इसके बावजूद अब तक न तो शराब की दुकान को निर्धारित स्थान पर शिफ्ट कराया गया और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई हुई। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब विभागीय जांच में भी दुकान निर्धारित स्थान पर नहीं मिली तो अब केवल नोटिस जारी कर मामले को लंबित रखना पर्याप्त नहीं है। विभाग को लाइसेंस की शर्तों और दुकान के वास्तविक संचालन स्थल की पूरी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।

    जांच और कार्रवाई के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर

    फिलहाल इस पूरे मामले में तीन तथ्य सामने आते हैं—पहला, शिकायत के बाद आबकारी विभाग की जांच में दुकान निर्धारित स्थल पर नहीं मिली; दूसरा, विभाग की ओर से अनुज्ञापी को निर्धारित स्थल पर संचालन के निर्देश दिए गए और कारण बताओ नोटिस जारी किया गया; और तीसरा, जिला आबकारी अधिकारी का कहना है कि अस्थायी लाइसेंस के आधार पर दुकान सुहेड़ी मोमदीपुर में संचालित हुई।

    ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अस्थायी लाइसेंस की वास्तविक शर्तें क्या थीं, दुकान को दूसरे स्थान पर संचालित करने की अनुमति किस आधार पर मिली और 18 अगस्त को जारी कारण बताओ नोटिस का जवाब मिलने के बाद आबकारी विभाग क्या कार्रवाई करता है। मामले में अंतिम स्थिति विभागीय रिकॉर्ड, लाइसेंस की शर्तों और सक्षम अधिकारी की अनुमति की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी

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