नई दिल्ली, द न्यूज क्लिक। राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित 13वें स्पोर्ट इंडिया एक्सपो 2026 का तीन दिवसीय आयोजन शनिवार को खेल, फिटनेस और स्पोर्ट्स बिजनेस से जुड़े प्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी के बीच भव्य रूप से संपन्न हुआ। 20 से 22 अगस्त तक चले इस एक्सपो के अंतिम दिन प्रदर्शनी स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में बिजनेस विजिटर्स, खरीदार, डीलर्स, वितरक, खेल संस्थानों के प्रतिनिधि, अकादमी संचालक, प्रशिक्षक और उद्योग जगत से जुड़े लोग पहुंचे। आयोजन ने भारत में तेजी से विस्तार ले रहे खेल और फिटनेस उद्योग को कारोबार, तकनीक और नए अवसरों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराया।
तीन दिनों तक चले आयोजन के दौरान देश-विदेश की कंपनियों ने खेल उपकरणों, फिटनेस उत्पादों, प्रशिक्षण सामग्री, स्पोर्ट्स एक्सेसरीज, आधुनिक तकनीक और खेल सेवाओं से जुड़े अपने उत्पादों और समाधानों का प्रदर्शन किया। आयोजकों के अनुसार, एक्सपो में करीब 30 हजार से 40 हजार विजिटर्स पहुंचे। अंतिम दिन खास तौर पर बिजनेस विजिटर्स और डीलर्स की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिली। विभिन्न राज्यों से पहुंचे खरीदारों और वितरकों ने प्रदर्शनी में नए उत्पादों की जानकारी ली और कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ कारोबारी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
देश-विदेश के ब्रांड और खरीदार हुए शामिल
स्पोर्ट इंडिया एक्सपो में भारत के अलावा चीन और अन्य देशों से आए प्रदर्शकों, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों और व्यावसायिक प्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की। इससे आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कारोबारी मंच के रूप में पहचान मिली। विदेशी और भारतीय कंपनियों को अपने उत्पादों को नए बाजारों में पहुंचाने तथा संभावित खरीदारों और वितरकों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। आयोजन के दौरान कई कंपनियों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच व्यापारिक सहयोग, साझेदारी और संभावित कारोबारी समझौतों को लेकर बातचीत हुई। कुछ कंपनियों के बीच MoUs पर हस्ताक्षर किए जाने की जानकारी भी सामने आई। इससे खेल उपकरणों के उत्पादन, वितरण, तकनीकी सहयोग और बाजार विस्तार के क्षेत्र में नई संभावनाएं बनने की उम्मीद जताई गई।
खेल को प्रतियोगिता से आगे जीवन और करियर से जोड़ने पर जोर
स्पोर्ट इंडिया एक्सपो केवल खेल उत्पादों और कारोबार तक सीमित नहीं रहा। इसके साथ आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों और चर्चाओं में खेलों को युवाओं के स्वास्थ्य, व्यक्तित्व विकास और करियर निर्माण से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। आयोजन में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया सहित कई गणमान्य अतिथियों, विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, खेल विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों और उद्योग प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
21 अगस्त 2026 को डॉ. मनसुख मांडविया ने स्पोर्ट इंडिया कॉन्क्लेव एवं अवॉर्ड्स 2026 का उद्घाटन किया। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “विजन 2036: भारत को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में सशक्त कदम” रखी गई। सम्मेलन में इस बात पर चर्चा हुई कि भारत को आने वाले वर्षों में वैश्विक खेल शक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए किन रणनीतियों, नीतियों और संसाधनों की आवश्यकता होगी।
जमीनी प्रतिभाओं को पहचानने और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पर जोर
डॉ. मनसुख मांडविया ने युवाओं को अधिक से अधिक खेलों से जोड़ने तथा देश के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद जमीनी स्तर की प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर अवसर देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने आधुनिक खेल सुविधाओं, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों की गुणवत्ता और खेल अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में निरंतर प्रयासों की जरूरत बताई। विशेषज्ञों ने कहा कि भारत को खेलों में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए केवल खिलाड़ियों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं होगा। खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रदर्शन के लिए स्पोर्ट्स साइंस, डेटा एनालिटिक्स, आधुनिक प्रशिक्षण तकनीक, पोषण, फिटनेस, रिकवरी और स्पोर्ट्स मेडिसिन जैसी सुविधाओं से जोड़ना भी जरूरी है।

खेल नीति से तकनीकी नवाचार तक हुई चर्चा
स्पोर्ट इंडिया कॉन्क्लेव के दौरान चार प्रमुख पैनल चर्चाओं का आयोजन किया गया। इनमें खेल नीति, विश्वविद्यालयों में खेल नेतृत्व, खेल विज्ञान, पैरा खिलाड़ियों के विकास, तकनीकी नवाचार और विजन 2036 जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। पैनल चर्चाओं में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि खेल क्षेत्र में सरकार के साथ निजी क्षेत्र, विश्वविद्यालयों, खेल संस्थानों, अकादमियों और तकनीकी कंपनियों की भागीदारी बढ़नी चाहिए। विशेषज्ञों के मुताबिक, बेहतर समन्वय से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को कम उम्र में पहचानने और उन्हें लंबे समय तक वैज्ञानिक तरीके से तैयार करने में मदद मिल सकती है।
तकनीक को खेलों का भविष्य बताते हुए विशेषज्ञों ने प्रदर्शन विश्लेषण, डेटा आधारित प्रशिक्षण, स्मार्ट फिटनेस उपकरणों और आधुनिक रिकवरी तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चर्चा की।
खेल क्षेत्र के उत्कृष्ट योगदान को मिला सम्मान
सम्मेलन के दौरान खेल और फिटनेस क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, संस्थानों और अन्य व्यक्तियों को स्पोर्ट इंडिया अवॉर्ड्स 2026 से सम्मानित किया गया। पुरस्कार समारोह का उद्देश्य खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पहचान देना और अन्य लोगों को भी इस क्षेत्र में बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करना रहा। आयोजकों का कहना है कि ऐसे सम्मान खेल पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े लोगों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित करते हैं।
200 से अधिक ब्रांड और 1,000 से ज्यादा उत्पादों का प्रदर्शन
स्पोर्ट इंडिया एक्सपो 2026 की सबसे बड़ी विशेषताओं में बड़ी संख्या में ब्रांडों और उत्पादों की भागीदारी रही। एक्सपो में 200 से अधिक ब्रांडों ने हिस्सा लिया और करीब 1,000 से ज्यादा खेल एवं फिटनेस उत्पादों तथा आधुनिक समाधानों का प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, एथलेटिक्स और अन्य खेलों से जुड़े उपकरणों के अलावा जिम एवं फिटनेस मशीनें, प्रशिक्षण सामग्री, स्पोर्ट्स एक्सेसरीज, रिकवरी प्रोडक्ट्स और तकनीक आधारित समाधान भी प्रदर्शित किए गए।
इससे खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अकादमी संचालकों और कारोबारियों को एक ही स्थान पर अलग-अलग कंपनियों के उत्पादों और तकनीकों को देखने और समझने का अवसर मिला।
बिजनेस मीटिंग और स्पोर्ट्स गतिविधियों ने बढ़ाई रौनक
एक्सपो के दौरान फिटनेस इंडिया एक्सपो, इंटरनेशनल बायर-सेलर मीट, इंडियन कॉम्बैट लीग और स्पोर्ट्स रिहैब जैसी गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों के माध्यम से खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, फिटनेस विशेषज्ञों, खरीदारों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को आपस में संवाद करने का अवसर मिला। खास तौर पर इंटरनेशनल बायर-सेलर मीट को कारोबार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। इसमें भारतीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने अपने उत्पाद प्रस्तुत करने और संभावित निर्यात बाजार तलाशने का अवसर मिला।
खेल उद्योग के लिए मजबूत बिजनेस प्लेटफॉर्म
आयोजकों के मुताबिक, स्पोर्ट इंडिया एक्सपो 2026 का उद्देश्य खेल और फिटनेस उद्योग के लिए ऐसा मंच तैयार करना था, जहां कंपनियां केवल अपने उत्पादों का प्रदर्शन ही न करें, बल्कि सीधे खरीदारों, डीलर्स, वितरकों और संभावित कारोबारी साझेदारों से संपर्क भी स्थापित कर सकें। तीन दिनों के आयोजन में बड़ी संख्या में कारोबारी बैठकें हुईं और नए बाजारों की संभावनाओं पर चर्चा हुई। इससे संकेत मिला कि भारत में खेल उपकरण, फिटनेस, स्पोर्ट्स टेक्नोलॉजी और संबंधित सेवाओं का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है।
आयोजन का संचालन इंडियन एग्जिबिशन सर्विसेज और स्पोर्ट इंडिया फाउंडेशन द्वारा किया गया। इसे युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा फिट इंडिया मूवमेंट का सहयोग मिला, जबकि विनेक्स एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड इसकी प्रेजेंटिंग पार्टनर रही।
विजन 2036 की दिशा में ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण
स्पोर्ट इंडिया एक्सपो 2026 का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि भारत में खेल अब केवल मैदान तक सीमित क्षेत्र नहीं रह गया है, बल्कि इसके साथ एक बड़ा स्पोर्ट्स बिजनेस, फिटनेस, तकनीक, शिक्षा और रोजगार का इकोसिस्टम विकसित हो रहा है। अंतिम दिन उमड़ी भीड़, 200 से अधिक ब्रांडों की भागीदारी, हजारों उत्पादों का प्रदर्शन, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की मौजूदगी और खेल नीति से जुड़े महत्वपूर्ण विमर्श ने आयोजन की व्यापकता को दर्शाया। विशेषज्ञों और आयोजकों के मुताबिक, आने वाले वर्षों में भारत के खेल उद्योग में और अधिक निवेश, नवाचार और कारोबारी अवसर देखने को मिल सकते हैं।
विजन 2036 को ध्यान में रखते हुए ऐसे आयोजन खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, अकादमियों, कंपनियों, तकनीकी विशेषज्ञों और सरकार को एक साझा मंच प्रदान करते हैं। यही मंच भारत में खेलों के लिए मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने और देश को वैश्विक खेल महाशक्ति बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

