ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक । ग्रेटर नोएडा स्थित श्री साई अक्षरधाम मंदिर में 2 अप्रैल 2026 को हनुमान जन्मोत्सव बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया, जहां श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
“भजन-कीर्तन में दिखी आस्था की झलक”
कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत किए गए भजनों ने हर किसी को भावविभोर कर दिया। मंदिर परिसर में बैठकर श्रद्धालुओं ने एक साथ भक्ति में लीन होकर भजन-कीर्तन का आनंद लिया।
इस दौरान छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली, जो इस आयोजन की विशेषता रही।
“सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा से बना भक्तिमय माहौल”
हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा के पाठ से हुई। पंडित दिलीप, पंकज और कृष्णा द्वारा किए गए इस पाठ ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
भक्तों ने पूरी श्रद्धा के साथ भजन-कीर्तन में हिस्सा लिया और “जय श्री राम” व “जय बजरंगबली” के जयघोष से मंदिर परिसर गूंज उठा। भजनों की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूमते नजर आए, जिससे कार्यक्रम में भक्ति और उल्लास का अनोखा संगम देखने को मिला।
“भंडारे में उमड़ी भीड़, श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद”
धार्मिक अनुष्ठानों के उपरांत मंदिर में भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और सेवा में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
भंडारे में व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं, जिससे हर श्रद्धालु को सहजता से प्रसाद प्राप्त हुआ। यह आयोजन सामूहिक सेवा और सहयोग की भावना का भी सुंदर उदाहरण बना।
“गणमान्य लोगों की रही सहभागिता”
इस पावन अवसर पर मंदिर ट्रस्ट और क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। ट्रस्टी विपिन अग्रवाल, मीना अग्रवाल, साई सेवक रमेश चन्दानी, डॉ. भूषण, अंजुल सिंह, गरिमा चन्दानी, पंडित विकास, आलोक सिंगल, लाल सिंह, लक्ष्मी सूर्यकला, सुनील भाटी, अनिल यादव सहित अनेक श्रद्धालुओं ने कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाया।
“आस्था और एकता का बना प्रतीक”
हनुमान जन्मोत्सव का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने समाज में एकता, सहयोग और सामूहिक सहभागिता का भी संदेश दिया।
मंदिर परिसर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और भक्ति में डूबा माहौल यह दर्शाता है कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने और सांस्कृतिक मूल्यों को सहेजने में अहम भूमिका निभाते हैं।
भक्ति सेवा और संस्कृति का अद्भुत संगम”
श्री साई अक्षरधाम मंदिर में आयोजित हनुमान जन्मोत्सव ने यह साबित कर दिया कि आस्था के ऐसे पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने का माध्यम भी हैं।
सुंदरकांड पाठ, भजन-कीर्तन और भंडारे के इस भव्य आयोजन ने हर श्रद्धालु के मन में भक्ति और संतोष का भाव भर दिया।

