ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक।
विश्व स्तर पर भारतीय विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) की बढ़ती साख और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को एक और बड़ी मजबूती उस समय मिली, जब एमएसएमई दिवस के अवसर पर विश्व की अग्रणी घरेलू उपकरण निर्माता कंपनी हायर (Haier) के ग्लोबल सोर्सिंग हेड ली यंग ने ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित आईईए (IEA) सदस्य जे पैन ट्यूब्यूलर के अत्याधुनिक विनिर्माण संयंत्र का दौरा किया। इस दौरे को केवल एक औपचारिक औद्योगिक यात्रा नहीं, बल्कि भारतीय एमएसएमई सेक्टर के लिए वैश्विक बाजार के नए अवसरों की दस्तक माना जा रहा है। इस उच्चस्तरीय दौरे के दौरान भारतीय विनिर्माण इकाइयों की गुणवत्ता, उत्पादन क्षमता, तकनीकी दक्षता और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली का गहन अवलोकन किया गया। साथ ही इस बात पर भी विस्तार से चर्चा हुई कि भारत में निर्मित उत्पादों को हायर के विभिन्न वैश्विक संयंत्रों तक कैसे पहुंचाया जा सकता है। यदि यह पहल सफल होती है तो भारतीय उद्योगों के लिए निर्यात के नए रास्ते खुलेंगे और देश के एमएसएमई सेक्टर को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (ग्लोबल सप्लाई चेन) में और मजबूत स्थान मिलेगा।
भारत की निर्माण क्षमता से प्रभावित हुए हायर के ग्लोबल अधिकारी
सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र, साइट-बी स्थित जे पैन ट्यूब्यूलर के आधुनिक उत्पादन संयंत्र का निरीक्षण करते हुए ली यंग ने कंपनी की अत्याधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली, उत्पादन प्रक्रिया और तकनीकी दक्षता की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग अब केवल घरेलू जरूरतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं। दौरे के दौरान कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता परीक्षण, अनुसंधान एवं विकास (R&D) तथा भविष्य की विस्तार योजनाओं की जानकारी भी दी। इस अवसर पर भारतीय उद्योगों की निर्यात क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई।
भारत से वैश्विक निर्यात बढ़ाने पर हुआ मंथन
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय भारत से हायर के अंतरराष्ट्रीय विनिर्माण संयंत्रों तक उत्पादों की आपूर्ति शुरू करने की संभावनाएं रहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारतीय इकाइयों को हायर के वैश्विक सप्लाई नेटवर्क से जोड़ा जाता है तो इससे न केवल निर्यात में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय उद्योगों, रोजगार और निवेश को भी नई गति मिलेगी।
भारत आज तेजी से वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन, प्रतिस्पर्धी लागत और सरकारी नीतियों के कारण विदेशी कंपनियां भारतीय उद्योगों के साथ दीर्घकालिक साझेदारी की ओर आकर्षित हो रही हैं।
एमएसएमई दिवस पर पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए हायर के ग्लोबल सोर्सिंग हेड ली यंग ने कंपनी परिसर में पौधारोपण किया। एमएसएमई दिवस के अवसर पर आयोजित इस विशेष अभियान में सभी अतिथियों और आईईए के सदस्यों ने भाग लिया।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि औद्योगिक विकास तभी सार्थक है जब वह पर्यावरण संरक्षण के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़े। पौधारोपण के माध्यम से उद्योगों ने हरित विकास और सतत औद्योगिक संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
जे पैन ट्यूब्यूलर के सीईओ बोले— यह पूरे भारतीय उद्योग जगत के लिए गौरव का अवसर
जे पैन ट्यूब्यूलर के सीईओ जिग्नेश पंचाल ने कहा कि हायर जैसे वैश्विक ब्रांड के शीर्ष अधिकारी का संयंत्र का दौरा करना कंपनी के लिए बेहद सम्मान की बात है। उन्होंने कहा “यह केवल हमारी कंपनी की उपलब्धि नहीं बल्कि भारतीय एमएसएमई सेक्टर की क्षमता का वैश्विक स्तर पर सम्मान है। हमें विश्वास है कि इस दौरे से भारत से हायर के विभिन्न अंतरराष्ट्रीय संयंत्रों तक निर्यात के नए अवसर खुलेंगे और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को वैश्विक बाजार में और अधिक मजबूती मिलेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय उद्योग गुणवत्ता, समयबद्ध आपूर्ति और प्रतिस्पर्धी लागत के मामले में अब दुनिया के विकसित देशों की कंपनियों को कड़ी चुनौती देने की स्थिति में पहुंच चुके हैं।
हायर इंडिया की टीम भी रही मौजूद
इस महत्वपूर्ण औद्योगिक दौरे के दौरान हायर इंडिया के सोर्सिंग प्रमुख अरविंद काकरान तथा जितेंद्र मनराल भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने भारतीय एमएसएमई सेक्टर की बढ़ती क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसकी भूमिका की सराहना की।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े वैश्विक ब्रांड और भारतीय एमएसएमई के बीच इस प्रकार की साझेदारी देश के औद्योगिक विकास को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
एमएसएमई सेक्टर बनेगा भारत की आर्थिक ताकत
एमएसएमई सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। करोड़ों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाला यह क्षेत्र निर्यात, नवाचार और औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे समय में जब वैश्विक कंपनियां भारतीय उद्योगों की ओर भरोसे के साथ देख रही हैं, यह दौरा भारतीय विनिर्माण क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस तरह के सहयोग लगातार बढ़ते रहे तो ग्रेटर नोएडा सहित उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े औद्योगिक और निर्यात केंद्रों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
‘मेक इन इंडिया’ से ‘मेड फॉर द वर्ल्ड’ की ओर बढ़ता भारत
हायर और जे पैन ट्यूब्यूलर के बीच हुई यह सकारात्मक बातचीत इस बात का संकेत है कि भारत अब केवल उत्पादन का केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण भागीदार बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय एमएसएमई की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता और नवाचार क्षमता विश्व बाजार में नए अवसरों का द्वार खोल रही है।

