ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। नॉलेज पार्क स्थित जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत और उनकी शैक्षणिक यात्रा को नई दिशा देने के उद्देश्य से ‘नवांकुर-2026’ अभिमुखीकरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। ‘नई शुरुआत, नई आकांक्षाएं’ थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में बीबीए, बीसीए, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, बीएससी कंप्यूटर साइंस सहित विभिन्न स्नातक पाठ्यक्रमों के 1,400 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन की नई शुरुआत से परिचित कराने के साथ उन्हें शिक्षा, करियर, उद्योग जगत, नेतृत्व, नवाचार, तकनीकी बदलाव, रचनात्मकता और व्यक्तित्व विकास के विभिन्न पहलुओं से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों और प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया और उन्हें बदलते दौर की चुनौतियों तथा अवसरों के लिए तैयार रहने का संदेश दिया।
आत्मविश्वास और नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने का संदेश
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शक्ति सिंह, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष, भारत युवा-20 एवं जी-20 के आधिकारिक प्रतिनिधि तथा भारतीय जनता युवा मोर्चा के पश्चिम बंगाल प्रभारी, ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता को अपने व्यक्तित्व का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का समय नहीं है, बल्कि इसी दौरान व्यक्ति के विचार, व्यक्तित्व और नेतृत्व क्षमता का निर्माण होता है। युवाओं को अपने लक्ष्यों के प्रति स्पष्ट दृष्टिकोण रखते हुए निरंतर सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण की भावना के साथ अपनी शिक्षा और प्रतिभा का उपयोग समाज के लिए करने के लिए भी प्रेरित किया।
बदलते व्यावसायिक परिवेश की दी जानकारी
कार्यक्रम में डॉ. शिवेश प्रताप, रणनीतिक स्रोत एवं खरीद परामर्शदाता तथा विकसित भारत नीति एवं अनुसंधान केंद्र के राष्ट्रीय संयोजक ने विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बदलते व्यावसायिक परिवेश, रणनीतिक सोच और भविष्य में कार्यक्षेत्र की बदलती आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को समझाया कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल विषय का ज्ञान पर्याप्त नहीं है। बाजार की बदलती जरूरतों को समझना, समस्याओं का विश्लेषण करना, निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना और परिस्थितियों के अनुरूप स्वयं को ढालना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

कहानी और अनुभवों के जरिए रचनात्मक सोच पर जोर
लक्ष्य माहेश्वरी, कहानी पुरातत्वविद्, ने विद्यार्थियों के साथ संवाद के दौरान कहानी, अनुभव और सीख के माध्यम से रचनात्मक सोच तथा जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण के महत्व को सामने रखा। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अनुभवों से सीख लेने और सामान्य परिस्थितियों में भी नए अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया। उनके संवाद ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर दिया कि जीवन में सफलता का रास्ता हमेशा सीधा नहीं होता। असफलताओं और चुनौतियों से सीख लेते हुए आगे बढ़ने की क्षमता ही व्यक्ति को मजबूत बनाती है।
डिजिटल दौर में करियर के नए अवसरों पर चर्चा
ख्याति शाह, माइक्रोसॉफ्ट में वरिष्ठ लेखा निदेशक, ने विद्यार्थियों को कॉरपोरेट जगत, डिजिटल परिवर्तन, पेशेवर कौशल और भविष्य के करियर अवसरों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बदलते तकनीकी परिवेश में विद्यार्थियों के लिए आवश्यक कौशल पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तकनीक के तेजी से बदलते दौर में विद्यार्थियों को अपने पारंपरिक विषय ज्ञान के साथ डिजिटल दक्षता, संवाद कौशल, टीमवर्क और समस्या समाधान की क्षमता भी विकसित करनी होगी। उद्योग जगत में लगातार बदल रही कार्यप्रणाली के अनुरूप खुद को तैयार करना विद्यार्थियों के करियर के लिए महत्वपूर्ण होगा।
नवाचार और नए विचारों को समाधान में बदलने की प्रेरणा
डॉ. पवन सोनी, नवाचार प्रेरक एवं लेखक, ने विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि नए विचार तभी सार्थक होते हैं, जब उन्हें वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान में बदला जा सके। उन्होंने विद्यार्थियों से सवाल पूछने, समस्याओं को नए नजरिए से देखने और अपने आसपास होने वाले बदलावों को समझने की आदत विकसित करने का आह्वान किया। उनके सत्र ने विद्यार्थियों को नवाचार और उद्यमिता की संभावनाओं के प्रति जागरूक किया।

कविता, हास्य और अभिनय ने बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के अंतिम चरण में दिनेश बावरा, अभिनेता एवं कवि, ने कविता, हास्य और अभिनय के अनूठे संगम से विद्यार्थियों का मनोरंजन किया। उनकी प्रस्तुति ने पूरे कार्यक्रम में ऊर्जा और उत्साह का संचार किया। विद्यार्थियों ने उनकी प्रस्तुति का जमकर आनंद लिया और कार्यक्रम का माहौल जीवंत हो उठा।
शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं
जीएनआईओटी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए शिक्षा के व्यापक उद्देश्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का लक्ष्य केवल उपाधि प्राप्त करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, नवाचार, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि संस्थान में उन्हें अपनी प्रतिभा को पहचानने और उसे निखारने के लिए अनेक अवसर मिलेंगे। विद्यार्थियों को इन अवसरों का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल और व्यक्तित्व को भी विकसित करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कॉलेज जीवन विद्यार्थियों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित करने, समय का बेहतर प्रबंधन करने और निरंतर सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए।
नई शुरुआत को सफलता की दिशा में बदलने का संकल्प
‘नवांकुर-2026’ ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को कॉलेज जीवन की शुरुआत से पहले एक व्यापक दृष्टिकोण देने का काम किया। कार्यक्रम में शिक्षा के साथ रोजगार, उद्यमिता, तकनीक, नेतृत्व और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के विचारों ने विद्यार्थियों को अपने भविष्य के प्रति गंभीरता से सोचने का अवसर दिया। कार्यक्रम का मूल संदेश यही रहा कि नई शुरुआत तभी सार्थक होती है, जब उसके साथ स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर सीखने की इच्छा और चुनौतियों से मुकाबला करने का साहस जुड़ा हो। जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज की ओर से आयोजित नवांकुर-2026 ने विद्यार्थियों में इसी आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को विकसित करने का प्रयास किया।
1,400 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। विशेषज्ञों के अनुभव, प्रेरक संवाद और मनोरंजक प्रस्तुतियों के बीच नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने अपने कॉलेज जीवन की शुरुआत उत्साह और नई आकांक्षाओं के साथ की। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि आज का विद्यार्थी केवल नौकरी तलाशने वाला युवा नहीं, बल्कि नवाचार, उद्यमिता, नेतृत्व और सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का वाहक बन सकता है।

