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Tuesday, August 25, 2026
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    Big News : चौधरी केसरी सिंह ‘गुर्जर’ की 3 पुण्यतिथि पर संगोष्ठी, सामाजिक न्याय और किसानों के अधिकारों पर हुई चर्चा, नोएडा-ग्रेटर नोएडा में नगर निगम गठन की मांग ने पकड़ा जोर, देहात मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राव संजय भाटी ने कहा- लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित हैं क्षेत्र के ग्रामीण और शहरी नागरिक, पंचायत चुनाव बंद किए जाने पर भी उठे सवाल

    देहात मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राव संजय भाटी ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और 244 गांवों के लोगों को लंबे समय से उनके संवैधानिक नागरिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। संगोष्ठी की अध्यक्षता चौधरी जयकरण सिंह (खेड़ी) ने की। कार्यक्रम को डॉ. विपिन गुप्ता, चौधरी सूबेराम डाबरा, चौधरी भीम सिंह सिरसा, नितिन शर्मा, डॉ. विजय गुर्जर, सुनील फौजी और फेडरेशन अध्यक्ष इलम सिंह नागर समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। राष्ट्रीय देहात मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय चौधरी केसरी सिंह ‘गुर्जर’ की तृतीय पुण्यतिथि के अवसर पर ग्रेटर नोएडा स्थित इंद्रप्रस्थ लॉ कॉलेज में श्रद्धांजलि एवं विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देहात मोर्चा के पदाधिकारियों, सामाजिक संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने हिस्सा लिया। सभी ने स्वर्गीय चौधरी केसरी सिंह ‘गुर्जर’ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक एवं सार्वजनिक जीवन में योगदान को याद किया।

    संगोष्ठी के दौरान किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों, सामाजिक न्याय, नागरिक अधिकारों और नोएडा-ग्रेटर नोएडा में स्थानीय निकाय व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। वक्ताओं ने कहा कि चौधरी केसरी सिंह ‘गुर्जर’ ने जीवनभर गांव-देहात, किसानों और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए आवाज उठाई और उनके विचारों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

    किसानों और सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहा जीवन

    कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि चौधरी केसरी सिंह ‘गुर्जर’ राष्ट्रीय देहात मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। पेशे से सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे केसरी सिंह सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के प्रखर पैरोकार के रूप में भी जाने जाते थे। वक्ताओं के अनुसार, उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन में ग्रामीण समाज, किसानों और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वे पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह, वरिष्ठ नेता शरद यादव और रामविलास पासवान जैसे राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के विश्वस्त सहयोगी रहे।

    संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि चौधरी केसरी सिंह का मानना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विकास तभी सार्थक है, जब समाज के अंतिम व्यक्ति को भी अपने अधिकारों का इस्तेमाल करने का अवसर मिले।

    नोएडा-ग्रेटर नोएडा में नगर निगम गठन की मांग

    संगोष्ठी के दौरान नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नगर निगम के गठन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि क्षेत्र की आबादी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर नागरिकों की प्रत्यक्ष लोकतांत्रिक भागीदारी से जुड़े कई सवाल अभी भी कायम हैं। देहात मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राव संजय भाटी ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और 244 गांवों के लोगों को लंबे समय से उनके संवैधानिक नागरिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।

    उन्होंने कहा कि सरकार को तत्काल नगर निगम के गठन की घोषणा करनी चाहिए, जिससे क्षेत्र के नागरिकों को अपने प्रतिनिधि चुनने और स्थानीय स्तर पर विकास से जुड़े निर्णयों में भागीदारी का अवसर मिल सके। उनके मुताबिक, स्थानीय निकाय व्यवस्था मजबूत होने से क्षेत्र में विकास कार्यों को अधिक प्रभावी और जवाबदेह तरीके से आगे बढ़ाया जा सकता है।

    पंचायत चुनाव बंद किए जाने पर भी उठे सवाल

    संगोष्ठी में एडवोकेट महेंद्र अवाना (नोएडा) ने कहा कि देहात मोर्चा विभिन्न मुद्दों को लेकर क्षेत्र में लगातार जनजागरूकता अभियान चला रहा है। उन्होंने पंचायत चुनाव और किसानों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्राधिकरणों को किसानों की जमीन की कम कीमत देनी पड़े, इसके उद्देश्य से पंचायत चुनाव बंद किए गए। उन्होंने राज्य सरकार से किसानों और क्षेत्रवासियों के हित में पंचायत चुनाव कराए जाने की मांग की।

    महेंद्र अवाना ने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं की मौजूदगी से क्षेत्र के लोगों को अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को प्रभावी तरीके से सामने रखने का अवसर मिलता है। इसलिए स्थानीय प्रतिनिधित्व की व्यवस्था को मजबूत किया जाना जरूरी है।

    प्राधिकरणों के बोर्ड में जनता के प्रतिनिधित्व की मांग

    देहात मोर्चा के वरिष्ठ नेता देवराज नागर ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरणों की कथित लापरवाही के कारण बिल्डर, फ्लैट ओनर्स, किसान और क्षेत्रवासी अलग-अलग समस्याओं का सामना कर रहे हैं।

    उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के समाधान के लिए प्राधिकरणों के बोर्ड में जनता का कोई निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोकहित से जुड़े बड़े फैसलों में जनता के प्रतिनिधियों की भागीदारी आवश्यक होनी चाहिए। देवराज नागर ने कहा कि यदि प्राधिकरणों के निर्णय लेने की प्रक्रिया में क्षेत्र के निर्वाचित प्रतिनिधियों की भागीदारी हो तो किसानों, निवासियों और अन्य प्रभावित वर्गों की समस्याओं को बेहतर तरीके से सामने रखा जा सकता है।

    “केसरी सिंह के विचारों को आगे बढ़ाना ही सच्ची श्रद्धांजलि”

    संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि चौधरी केसरी सिंह ‘गुर्जर’ ने सामाजिक न्याय और ग्रामीण समाज के हितों को अपने सार्वजनिक जीवन का प्रमुख आधार बनाया। उनके संघर्ष और विचार आज भी प्रासंगिक हैं। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की समस्याएं, ग्रामीण क्षेत्रों का विकास, नागरिक अधिकार और स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व जैसे मुद्दे आज भी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में उनके विचारों और संघर्ष को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

    कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने स्वर्गीय चौधरी केसरी सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

    संगोष्ठी की अध्यक्षता चौधरी जयकरण सिंह ने की

    संगोष्ठी की अध्यक्षता चौधरी जयकरण सिंह (खेड़ी) ने की। कार्यक्रम को डॉ. विपिन गुप्ता, चौधरी सूबेराम डाबरा, चौधरी भीम सिंह सिरसा, नितिन शर्मा, डॉ. विजय गुर्जर, सुनील फौजी और फेडरेशन अध्यक्ष इलम सिंह नागर समेत अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया। वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, किसान हित, ग्रामीण विकास और स्थानीय लोकतांत्रिक संस्थाओं की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को अपने अधिकारों और समस्याओं के प्रति जागरूक होना होगा तथा लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठानी होगी।

    बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद

    कार्यक्रम में संजय भाटी बिसरख, अश्विनी पवार, डॉ. अरविंद नागर, जतन भाटी, जगदीश नागर अटटा, तेजपाल सिंह, छविराम सिंह, धर्मवीर सिंह समेत देहात मोर्चा और सामाजिक संगठनों से जुड़े अनेक पदाधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने स्वर्गीय चौधरी केसरी सिंह ‘गुर्जर’ के सामाजिक जीवन और उनके संघर्षों को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में समानता, न्याय और नागरिक अधिकारों के लिए उनकी आवाज हमेशा याद की जाएगी।

    नगर निगम गठन की मांग को आंदोलन का रूप देने के संकेत

    संगोष्ठी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा में नगर निगम गठन की मांग को लेकर भी व्यापक चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी और शहरीकरण के बीच स्थानीय स्तर पर नागरिक प्रतिनिधित्व और जवाबदेही की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है। कुल मिलाकर, चौधरी केसरी सिंह ‘गुर्जर’ की तृतीय पुण्यतिथि पर आयोजित संगोष्ठी श्रद्धांजलि कार्यक्रम के साथ-साथ किसान हित, सामाजिक न्याय और स्थानीय लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श का मंच भी बनी। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि स्वर्गीय केसरी सिंह के विचारों और संघर्ष को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणों और आम नागरिकों के अधिकारों की आवाज मजबूती से उठाई जाती रहेगी।

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