नोएडा, द न्यूज क्लिक। नोएडा के सेक्टर-105 में ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक हरियाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सेक्टर के डी-ब्लॉक की ग्रीन बेल्ट में कथित अवैध गतिविधियों को लेकर रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) ने मोर्चा खोल दिया है। आरडब्ल्यूए ने बिल्डर कंपनी मैक्स स्टेट पर ग्रीन बेल्ट में कथित रूप से एसी कंटेनर रखने, पेड़ों को नुकसान पहुंचाने, पक्की सड़क बनाने और सार्वजनिक क्षेत्र में अवरोध खड़े करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
आरडब्ल्यूए का कहना है कि जिस ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक पार्क का इस्तेमाल सेक्टर के निवासी वर्षों से करते आ रहे हैं, वहां कथित तौर पर निर्माण गतिविधियों और अन्य व्यावसायिक इस्तेमाल की कोशिश की जा रही है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की आशंका है, बल्कि स्थानीय निवासियों के सार्वजनिक सुविधाओं के इस्तेमाल का अधिकार भी प्रभावित हो रहा है। आरडब्ल्यूए ने पूरे मामले में नोएडा प्राधिकरण से तत्काल जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
ग्रीन बेल्ट में एसी कंटेनर रखने का आरोप
आरडब्ल्यूए के मुताबिक, मैक्स स्टेट की ओर से ग्रीन बेल्ट की भूमि पर भारी-भरकम एयर कंडीशंड कंटेनर रखे गए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर कार्यालय के रूप में किया जा रहा है। आरडब्ल्यूए का आरोप है कि सार्वजनिक हरित क्षेत्र का इस प्रकार व्यावसायिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जाना गंभीर विषय है। संगठन ने प्राधिकरण से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर यह स्पष्ट किया जाए कि ग्रीन बेल्ट में रखे गए कंटेनरों के लिए किस प्रकार की अनुमति ली गई है और क्या ये गतिविधियां निर्धारित नियमों के अनुरूप हैं।
आरडब्ल्यूए का कहना है कि यदि इन गतिविधियों के लिए कोई वैध अनुमति नहीं है तो संबंधित संरचनाओं को तत्काल हटाया जाना चाहिए।
पेड़ों को नुकसान पहुंचाने और सड़क बनाने का भी आरोप
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए ने आरोप लगाया कि ग्रीन बेल्ट में मौजूद पेड़ों को नुकसान पहुंचाया गया है और प्राकृतिक हरित क्षेत्र को प्रभावित करते हुए पक्की सड़क बनाने का प्रयास किया जा रहा है। आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों का कहना है कि ग्रीन बेल्ट का उद्देश्य क्षेत्र में हरियाली बनाए रखना और स्थानीय लोगों को स्वच्छ एवं बेहतर पर्यावरण उपलब्ध कराना है। ऐसे क्षेत्र में बिना अनुमति किसी भी प्रकार की निर्माण गतिविधि या भूमि का स्वरूप बदलने से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो सकता है।
संगठन ने मांग की है कि प्राधिकरण के अधिकारी मौके पर पहुंचकर पूरी स्थिति की जांच करें और यदि किसी प्रकार का अवैध निर्माण या भूमि उपयोग परिवर्तन पाया जाता है तो उसे तत्काल रोका जाए।
चारदीवारी तोड़ने का भी लगाया आरोप
आरडब्ल्यूए ने मैक्स स्टेट पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया है। संगठन के मुताबिक, ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बनी बाउंड्री वॉल को कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त किया गया है। आरडब्ल्यूए का कहना है कि चारदीवारी टूटने से न केवल सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान हुआ है, बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था और ग्रीन बेल्ट की सीमाओं को लेकर भी स्थिति प्रभावित हुई है।
संगठन ने मांग की है कि चारदीवारी को हुए नुकसान की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और संबंधित पक्ष से क्षतिपूर्ति वसूलने के साथ उसे मूल स्थिति में बहाल कराया जाए।
पार्क के गेट पर ताले लगाने का आरोप
मामले में सबसे अधिक नाराजगी पार्क और ग्रीन बेल्ट के प्रवेश द्वारों पर कथित रूप से ताले लगाए जाने को लेकर है। आरडब्ल्यूए का कहना है कि इस क्षेत्र का इस्तेमाल रोजाना स्थानीय निवासी करते हैं। सुबह और शाम बड़ी संख्या में बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे यहां टहलने तथा खुले वातावरण में समय बिताने पहुंचते हैं। आरडब्ल्यूए के अनुसार, गेट पर ताले लगाए जाने से स्थानीय निवासियों की आवाजाही बाधित हो रही है। संगठन ने इसे जनसुविधा से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए मांग की है कि सार्वजनिक क्षेत्र में आम नागरिकों की आवाजाही तत्काल बहाल कराई जाए।
“साझी हरियाली और नागरिक अधिकारों से समझौता नहीं”
सेक्टर-105 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने मैक्स स्टेट की कथित गतिविधियों पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सेक्टर की ग्रीन बेल्ट केवल जमीन का एक हिस्सा नहीं, बल्कि हजारों निवासियों के लिए स्वच्छ वातावरण और बेहतर जीवन का महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने कहा कि किसी भी निजी कंपनी को सार्वजनिक हरित क्षेत्र का इस्तेमाल अपनी व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करने की अनुमति नहीं दी जा सकती, यदि इसके लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति नहीं है।
दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि सेक्टर के निवासी पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक सुविधाओं को लेकर पूरी तरह सजग हैं। यदि ग्रीन बेल्ट में नियमों के विपरीत कोई गतिविधि हो रही है तो उसका विरोध किया जाएगा।
नोएडा प्राधिकरण के CEO से तत्काल कार्रवाई की मांग
आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि पूरे मामले में नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन का कहना है कि प्राधिकरण के संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति की जांच करें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करें। आरडब्ल्यूए ने अपनी मांगों में कहा है कि यदि एसी कंटेनर अनधिकृत पाए जाते हैं तो उन्हें तत्काल हटाया जाए। इसके साथ ही ग्रीन बेल्ट में कथित सड़क निर्माण को रोका जाए और पेड़ों तथा सार्वजनिक संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन कराया जाए।
संगठन ने क्षतिग्रस्त चारदीवारी को दोबारा बनवाने तथा पार्क के गेट पर लगाए गए कथित अवैध तालों को हटाकर आम लोगों की आवाजाही बहाल कराने की भी मांग की है।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी चिंता
आरडब्ल्यूए ने कहा कि नोएडा जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में ग्रीन बेल्ट और सार्वजनिक हरित क्षेत्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। लगातार बढ़ते निर्माण और यातायात के बीच यही हरित क्षेत्र शहर के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में मदद करते हैं। संगठन का कहना है कि यदि ग्रीन बेल्ट का स्वरूप बदलने या वहां अनधिकृत निर्माण की अनुमति दी जाती है तो इसका सीधा असर आने वाले समय में पर्यावरण और स्थानीय निवासियों की जीवन गुणवत्ता पर पड़ सकता है।
आरडब्ल्यूए ने प्राधिकरण से मांग की है कि सेक्टर-105 ही नहीं, बल्कि पूरे शहर में सार्वजनिक ग्रीन बेल्ट और पार्कों की नियमित निगरानी की व्यवस्था मजबूत की जाए।
जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
फिलहाल आरडब्ल्यूए की ओर से लगाए गए आरोपों पर नोएडा प्राधिकरण और मैक्स स्टेट का पक्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में पूरे मामले में आधिकारिक जांच और संबंधित विभागों की रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि ग्रीन बेल्ट में रखे गए कंटेनर, सड़क निर्माण, पेड़ों को नुकसान और गेट पर ताले लगाने की गतिविधियां किन परिस्थितियों में हुईं और इनके लिए आवश्यक अनुमति मौजूद थी या नहीं। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने कहा कि सेक्टर के निवासी इस मुद्दे पर एकजुट हैं और सार्वजनिक हरियाली तथा नागरिक सुविधाओं की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्राधिकरण जनहित और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए मामले में शीघ्र कार्रवाई करेगा।

