ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। सेक्टर अल्फा-वन स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में चल रही बालिका वर्ग की सीआईएससीई राष्ट्रीय स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का रोमांचक समापन हुआ। प्रतियोगिता के अंतिम चरण में अंडर-14, अंडर-17 और अंडर-19 आयु वर्ग में खिलाड़ियों ने शानदार खेल कौशल, अनुशासन, टीमवर्क और संघर्ष क्षमता का प्रदर्शन किया। खिताबी मुकाबलों में कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की टीमों ने अपने-अपने वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। प्रतियोगिता के उप-खिताबी मुकाबले एक दिन पहले खेले गए थे। अंडर-14 वर्ग के पहले सेमीफाइनल में कर्नाटक और पश्चिम बंगाल की टीम आमने-सामने थीं, जबकि दूसरे मुकाबले में महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश की टीमों के बीच जोरदार संघर्ष हुआ। दोनों मुकाबलों में कर्नाटक और महाराष्ट्र की टीमों ने जीत दर्ज कर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई।
इसी तरह अंडर-17 वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबलों में उत्तर प्रदेश का सामना तमिलनाडु से तथा महाराष्ट्र का मुकाबला कर्नाटक से हुआ। शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की टीमों ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर फाइनल में प्रवेश किया। अंडर-19 वर्ग में तमिलनाडु-पांडिचेरी-अंडमान एवं निकोबार की टीम का मुकाबला पश्चिम बंगाल से हुआ, जबकि बिहार और आंध्र प्रदेश-तेलंगाना के बीच दूसरा सेमीफाइनल मुकाबला खेला गया। इन मुकाबलों में पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश-तेलंगाना की टीमों ने जीत हासिल कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।
खिलाड़ियों की थकान को देखते हुए समय से शुरू हुए फाइनल
प्रतियोगिता के आयोजकों ने खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए खिताबी मुकाबलों को सुबह करीब 10 बजे शुरू कराया। प्रतियोगिता के संयोजक एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर जिप्सन पलाटी ने बताया कि लगातार मुकाबलों के कारण खिलाड़ियों पर अतिरिक्त थकान न पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए फाइनल मुकाबलों के समय का विशेष ध्यान रखा गया। इसका असर भी मैदान पर दिखाई दिया और खिलाड़ियों ने पूरे जोश एवं ऊर्जा के साथ फाइनल मुकाबलों में हिस्सा लिया। सबसे पहले अंडर-19 वर्ग का खिताबी मुकाबला पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश-तेलंगाना की टीमों के बीच खेला गया। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही आक्रामक और संतुलित खेल का प्रदर्शन किया। मुकाबले में दोनों ओर से शानदार मूव और बेहतरीन डिफेंस देखने को मिला। एक समय मुकाबला बेहद रोमांचक स्थिति में पहुंच गया, लेकिन पश्चिम बंगाल की खिलाड़ियों ने दबाव के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखा। आखिरकार पश्चिम बंगाल ने आंध्र प्रदेश-तेलंगाना को 25-20 से पराजित कर सीआईएससीई चैंपियन का खिताब अपने नाम कर लिया। पश्चिम बंगाल की टीम को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया, जबकि आंध्र प्रदेश-तेलंगाना की टीम उपविजेता रही।
अंडर-14 में कर्नाटक ने महाराष्ट्र को दी मात
अंडर-14 आयु वर्ग का फाइनल भी बेहद रोमांचक रहा। खिताबी मुकाबले में कर्नाटक और महाराष्ट्र की बालिका खिलाड़ी आमने-सामने थीं। दोनों टीमों ने शुरुआत से ही जीत के लिए जोर लगाया। मुकाबले में खिलाड़ियों की तेज गति, सटीक पासिंग और गोल करने के प्रयासों ने दर्शकों का उत्साह बढ़ाया। कर्नाटक की खिलाड़ियों ने मैच के महत्वपूर्ण क्षणों में शानदार संयम का परिचय देते हुए महाराष्ट्र पर 40-35 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ कर्नाटक अंडर-14 वर्ग की चैंपियन बनी और उसे स्वर्ण पदक प्राप्त हुआ। महाराष्ट्र को उपविजेता स्थान से संतोष करना पड़ा, जबकि उत्तर प्रदेश ने इस वर्ग में तीसरा स्थान हासिल किया।
अंडर-17 में उत्तर प्रदेश की बालिकाओं का शानदार प्रदर्शन
अंडर-17 वर्ग का फाइनल उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र की टीमों के बीच खेला गया। मुकाबले में उत्तर प्रदेश की खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनाई और लगातार अंक जुटाते हुए अपनी स्थिति मजबूत की। महाराष्ट्र की टीम ने वापसी की कोशिश की, लेकिन उत्तर प्रदेश की खिलाड़ियों ने अपने बेहतर टीमवर्क और रणनीतिक खेल के दम पर बढ़त बनाए रखी। अंततः उत्तर प्रदेश ने महाराष्ट्र को 47-31 से हराकर अंडर-17 वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया। उत्तर प्रदेश की टीम चैंपियन बनी, जबकि महाराष्ट्र उपविजेता और तमिलनाडु तीसरे स्थान पर रहा।
तीनों वर्गों के विजेता और उपविजेता
प्रतियोगिता के अंतिम परिणामों में अंडर-14 वर्ग में कर्नाटक प्रथम, महाराष्ट्र द्वितीय और उत्तर प्रदेश तृतीय स्थान पर रहा। वहीं अंडर-17 वर्ग में उत्तर प्रदेश प्रथम, महाराष्ट्र द्वितीय और तमिलनाडु तृतीय स्थान पर रहा। अंडर-19 वर्ग में पश्चिम बंगाल ने पहला, आंध्र प्रदेश-तेलंगाना ने दूसरा और तमिलनाडु ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
तीन खिलाड़ियों को मिला सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार
पूरी प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन का निर्णायक दल के सदस्यों द्वारा लगातार गहन आकलन किया गया। खिलाड़ियों की तकनीक, टीम के प्रति योगदान, खेल भावना, अनुशासन और व्यक्तिगत प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक आयु वर्ग में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का चयन किया गया। अंडर-14 वर्ग में कर्नाटक की देविशा झा, अंडर-17 वर्ग में महाराष्ट्र की क्रिया कौशिक तथा अंडर-19 वर्ग में पश्चिम बंगाल की अवनी बंसल को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। निर्णायक मंडल के सदस्यों द्वारा पूरे टूर्नामेंट में खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आकलन और परामर्श के बाद इन पुरस्कारों की घोषणा की गई।

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी पूनम चतुर्वेदी ने बढ़ाया समारोह का गौरव
समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत की लंबी कद वाली अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी सुश्री पूनम चतुर्वेदी की उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल के क्षेत्र में सफलता हासिल करने के दौरान आलोचना और असफलता का सामना करना पड़ सकता है। इन परिस्थितियों का मनोबल और आत्मविश्वास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है, लेकिन खिलाड़ियों को ऐसी परिस्थितियों में स्थितिप्रज्ञ रहते हुए अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए।
उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि जीत केवल एक प्रतियोगिता का परिणाम नहीं होती, बल्कि इसके पीछे लंबे समय का अभ्यास, अनुशासन, धैर्य, संघर्ष और आत्मविश्वास काम करता है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को खेल के साथ-साथ शिक्षा और व्यक्तित्व निर्माण पर भी ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
फादर जिप्सन पलाटी ने आयोजकों और खिलाड़ियों को दी बधाई
समापन अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य फादर जिप्सन पलाटी ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने सभी विजेता, उपविजेता और प्रतिभागी खिलाड़ियों के खेल कौशल की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर की राष्ट्रीय प्रतियोगिता का सफल आयोजन किसी एक व्यक्ति के प्रयास से संभव नहीं होता। इसके लिए विद्यालय के प्रत्येक सदस्य का योगदान आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि चाहे विद्यालय का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हो, शिक्षक हो, आयोजन समिति का सदस्य हो अथवा विद्यार्थी—जिस किसी ने भी प्रतियोगिता की सफलता में योगदान दिया, उसका प्रयास सराहनीय है। फादर जिप्सन पलाटी ने कहा कि प्रतियोगिता की सफलता वास्तव में पूरे संगठन की सफलता है। उन्होंने आयोजन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभाओं को मिला मंच
सेंट जोसेफ स्कूल में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तरीय प्रतियोगिता ने देश के विभिन्न हिस्सों से आई बालिका खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने केवल जीत के लिए मुकाबला नहीं किया, बल्कि एक-दूसरे से सीखने, टीम भावना विकसित करने और खेल के उच्च मानकों को समझने का भी अवसर प्राप्त किया। आयोजन के समापन के साथ ही मैदान पर कई दिनों से चल रही प्रतिस्पर्धा का दौर समाप्त हुआ, लेकिन खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता उनके खेल जीवन की यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गई। कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल की चैंपियन टीमों के लिए यह जीत जहां आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रही, वहीं अन्य टीमों के खिलाड़ियों को भी भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए नई प्रेरणा मिली।
इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना, धैर्य, आत्मविश्वास और असफलताओं से सीखकर आगे बढ़ने की कला सिखाने वाली मजबूत पाठशाला भी है।

