ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के हल्दौनी गांव में छह वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में नामजद आरोपी बलराज शनिवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार, बच्ची की हत्या के मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी ने शनिवार शाम पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं रुका तो जवाबी कार्रवाई की गई। गोली लगने से आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
मासूम बच्ची के लापता होने से लेकर उसके शव की बरामदगी और आरोपी के मुठभेड़ में मारे जाने तक पुलिस ने करीब 24 घंटे के भीतर कार्रवाई पूरी की। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्ची की मौत के वास्तविक कारण और उसके साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही होगी।
घर से अचानक लापता हुई थी छह वर्षीय बच्ची
पुलिस अधिकारी ADCP स्वतंत्र देव सिंह के मुताबिक, 28 अगस्त की रात हल्दौनी गांव निवासी छह वर्षीय बच्ची अचानक लापता हो गई थी। बच्ची के दिखाई नहीं देने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बावजूद जब बच्ची का पता नहीं चला तो मामले की सूचना पुलिस को दी गई। शिकायत मिलने के बाद ईकोटेक-3 थाना पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर बच्ची की तलाश शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की पांच टीमों का गठन किया गया। इन टीमों ने गांव के अलावा आसपास के इलाकों, रास्तों और संभावित स्थानों पर तलाश अभियान चलाया।
पुलिस ने बच्ची को खोजने के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगालनी शुरू की। इसी दौरान पुलिस के हाथ एक महत्वपूर्ण फुटेज लगी, जिसमें बच्ची पड़ोस में किराए पर रहने वाले बलराज के साथ जाती हुई दिखाई दी।
सीसीटीवी फुटेज ने बढ़ाया शक
पुलिस अधिकारी ADCP स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि जांच के दौरान पुलिस को एक अन्य सीसीटीवी फुटेज भी मिली। इसमें आरोपी बलराज एक बोरी लेकर जाता हुआ दिखाई दिया। बच्ची के गायब होने और आरोपी की संदिग्ध गतिविधियों के बीच संबंध सामने आने के बाद पुलिस का शक उस पर गहरा गया। परिजनों और ग्रामीणों ने भी आरोपी को पकड़ लिया और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपी को लेकर उस स्थान पर पहुंची, जहां बच्ची के शव को छिपाए जाने की आशंका थी।

पुलिस के अनुसार, गांव से करीब दो किलोमीटर दूर खेत में एक बोरी के अंदर बच्ची का शव बरामद किया गया। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
पोस्टमॉर्टम के लिए डॉक्टरों का पैनल गठित
मासूम की मौत की खबर सामने आते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मामले की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमॉर्टम कराया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम के माध्यम से बच्ची की मौत के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया गया है। साथ ही उसके साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले में दुष्कर्म के आरोप समेत सभी संभावित पहलुओं को जांच में शामिल किया गया है।
फॉरेंसिक साइंस लैब यानी एफएसएल की टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया है। घटनास्थल से मिले संभावित साक्ष्यों को जांच के लिए सुरक्षित किया गया है।
पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास, मुठभेड़ में लगी गोली
बच्ची की हत्या के मामले में आरोपी बलराज को पुलिस ने हिरासत में लिया था। पुलिस के मुताबिक, शनिवार शाम करीब पांच बजे आरोपी ने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने पुलिस की बात नहीं मानी और भागने की कोशिश जारी रखी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी को गोली लगी। गोली लगने से आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस टीम ने उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान आरोपी की मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस अधिकारियों ने मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम की भी जांच शुरू कर दी है। पुलिस की ओर से मुठभेड़ के दौरान अपनाई गई कार्रवाई और उससे संबंधित साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया जाएगा।
चाचा ने की थी कड़ी कार्रवाई की मांग
बच्ची के लापता होने के बाद परिवार लगातार उसकी तलाश में जुटा था। शव मिलने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। बच्ची के चाचा ने आरोपी को पुलिस के हवाले किए जाने के बाद सरकार और पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की थी। परिवार का कहना था कि छह साल की मासूम के साथ बेहद दर्दनाक घटना हुई है और दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। आरोपी के मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी मिलने के बाद मामले में पुलिस कार्रवाई को लेकर परिवार की प्रतिक्रिया भी सामने आनी बाकी है।
दुष्कर्म की पुष्टि जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से होगी
मामले में सबसे संवेदनशील सवाल बच्ची के साथ दुष्कर्म से जुड़ा है। पुलिस ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट होगा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ था या नहीं। इसलिए मामले में दुष्कर्म को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार करना जरूरी है। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारण और घटनाक्रम की पूरी कड़ी को जोड़ने के लिए आरोपी से हुई पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को एक साथ जांचा जाएगा।
24 घंटे में घटनाक्रम ने लिया गंभीर मोड़
हल्दौनी गांव में बच्ची के लापता होने की सूचना मिलने के बाद शुरू हुई पुलिस जांच ने कुछ ही घंटों में गंभीर मोड़ ले लिया। सीसीटीवी फुटेज में बच्ची के आरोपी के साथ दिखाई देने से जांच की दिशा स्पष्ट हुई। इसके बाद आरोपी से पूछताछ और उसकी निशानदेही पर खेत से बच्ची का शव बरामद हुआ। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने हत्या के मामले में आगे की कार्रवाई शुरू की और शनिवार शाम आरोपी की पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान मुठभेड़ हो गई। इस तरह घटना के करीब 24 घंटे के भीतर पुलिस कार्रवाई कई महत्वपूर्ण चरणों से गुजरी।
अब जांच के केंद्र में ये सवाल
आरोपी की मौत के बाद भी पुलिस की जांच खत्म नहीं हुई है। अब जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि बच्ची की हत्या किस परिस्थिति में हुई, हत्या का वास्तविक कारण क्या था, बच्ची की मौत कब और कैसे हुई तथा घटना में आरोपी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल, फॉरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घटनास्थल से मिले अन्य सबूतों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ रही है।
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी बलराज को मुठभेड़ में मारे जाने की पुष्टि की है, जबकि बच्ची के साथ दुष्कर्म की बात की अंतिम पुष्टि जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी। बच्ची की हत्या की इस घटना ने हल्दौनी गांव सहित पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

