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Monday, August 31, 2026
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    Samsara School News : राष्ट्रीय खेल दिवस पर समसारा द वर्ल्ड एकेडमी में खेलों का उत्साह, हैंडबॉल और बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने दिखाया दमखम, इंटर-हाउस प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने किया शानदार प्रदर्शन, मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाया जाता है राष्ट्रीय खेल दिवस, प्रधानाचार्या डॉ. शालिनी प्रसाद ने खेलों को बताया सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम

    विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शालिनी प्रसाद ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रीय खेल दिवस का संदेश देते हुए कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह सीख दी कि खेल में जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन अनुशासन, निरंतर अभ्यास, टीम भावना और खेल भावना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण हैं।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर समसारा द वर्ल्ड एकेडमी में शनिवार को विद्यार्थियों के लिए इंटर-हाउस बास्केटबॉल एवं हैंडबॉल प्रतियोगिताओं का आयोजन उत्साह और खेल भावना के साथ किया गया। प्रतियोगिताओं में विद्यालय के विभिन्न हाउस के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मैदान पर अपने खेल कौशल, अनुशासन, टीमवर्क तथा जीत के लिए संघर्ष की भावना का शानदार प्रदर्शन किया।

    प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय परिसर में खेलों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। अलग-अलग हाउस की टीमों के खिलाड़ियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबलों में हिस्सा लिया। खिलाड़ियों ने बेहतर रणनीति, आपसी तालमेल और टीम भावना के साथ अपने प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती दी। मैदान पर विद्यार्थियों का उत्साह और उनके प्रदर्शन ने राष्ट्रीय खेल दिवस के आयोजन को यादगार बना दिया।

    खेलों से विकसित होती है नेतृत्व और टीम भावना

    राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शालिनी प्रसाद ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। खेलों के माध्यम से बच्चों में केवल शारीरिक क्षमता का विकास नहीं होता, बल्कि उनके व्यक्तित्व में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और टीम भावना जैसे गुण भी विकसित होते हैं। उन्होंने कहा कि खेल मैदान विद्यार्थियों को जीत के साथ-साथ हार को स्वीकार करने और उससे सीख लेकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। प्रतियोगिता में सफलता हासिल करने के लिए नियमित अभ्यास, धैर्य और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। यही गुण विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यक्तिगत जीवन में भी उन्हें आगे बढ़ने में मदद करते हैं।

    प्रधानाचार्या ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ खेलों का संतुलन बच्चों के स्वस्थ और सकारात्मक विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने और अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने का संदेश दिया।

    हैंडबॉल और बास्केटबॉल में दिखी कड़ी प्रतिस्पर्धा

    इंटर-हाउस प्रतियोगिता के दौरान हैंडबॉल और बास्केटबॉल के मुकाबलों में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। बास्केटबॉल के दौरान खिलाड़ियों ने तेज पासिंग, बेहतर डिफेंस और सटीक शॉट के जरिए अंक हासिल करने की कोशिश की, वहीं हैंडबॉल में खिलाड़ियों की गति, रणनीति और टीम के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। दोनों खेलों में खिलाड़ियों ने एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल विजेता चुनना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और खेल भावना को बढ़ावा देना भी रहा।

    विद्यालय के विभिन्न हाउस के बीच आयोजित इन मुकाबलों ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ एक-दूसरे से सीखने का अवसर भी दिया। खिलाड़ियों ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंकी, वहीं साथी विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी टीमों का उत्साह बढ़ाया।

    मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाया जाता है राष्ट्रीय खेल दिवस

    राष्ट्रीय खेल दिवस भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर हर वर्ष 29 अगस्त को मनाया जाता है। भारतीय हॉकी में उनके असाधारण योगदान और खेल प्रतिभा के सम्मान में इस दिवस को खेलों के प्रति जागरूकता और उत्साह बढ़ाने के अवसर के रूप में मनाया जाता है। समसारा द वर्ल्ड एकेडमी में आयोजित कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को भी मेजर ध्यानचंद के खेल जीवन से प्रेरणा लेने और खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संदेश दिया गया।

    विद्यालय की ओर से कहा गया कि आज के समय में बच्चों को मोबाइल और डिजिटल गतिविधियों के साथ-साथ शारीरिक खेलों के लिए भी पर्याप्त समय देना चाहिए। खेल न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि मानसिक दृढ़ता और आत्मविश्वास को भी मजबूत करते हैं।

    विद्यार्थियों के लिए रहा प्रेरणादायक आयोजन

    राष्ट्रीय खेल दिवस पर आयोजित इंटर-हाउस प्रतियोगिताओं ने विद्यार्थियों में खेलों के प्रति उत्साह बढ़ाने के साथ उन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अनुभव भी कराया। खिलाड़ियों ने मैदान पर अपनी प्रतिभा के साथ अनुशासन और टीम भावना का परिचय दिया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा पहचानने और उसे निखारने का अवसर मिलता है। स्कूल स्तर पर आयोजित प्रतियोगिताएं भविष्य के खिलाड़ियों के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करती हैं और उनमें प्रतियोगितात्मक भावना विकसित करती हैं।

    समसारा द वर्ल्ड एकेडमी में आयोजित यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए उत्साह, ऊर्जा और प्रेरणा से भरपूर रहा। राष्ट्रीय खेल दिवस का संदेश देते हुए कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह सीख दी कि खेल में जीत महत्वपूर्ण है, लेकिन अनुशासन, निरंतर अभ्यास, टीम भावना और खेल भावना उससे भी अधिक महत्वपूर्ण हैं। विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शालिनी प्रसाद ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी खेल गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और अपने प्रदर्शन को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।

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