49-इंच तक के माइनिंग टायर भारत में विकसित और निर्मित करने की तैयारी, प्रमुख खनन क्षेत्रों में 15 से अधिक फील्ड एप्लीकेशन इंजीनियर तैनात करेगी कंपनी
ग्रेटर नोएडा/मुंबई, द न्यूज क्लिक। भारत में कोयला, लौह अयस्क और महत्वपूर्ण खनिजों के उत्पादन में विस्तार के बीच ऑफ-हाईवे टायर निर्माता असेन्सो टायर्स ने माइनिंग क्षेत्र में बड़े विस्तार की रणनीति का ऐलान किया है। कंपनी ने भारत में ऑल-स्टील रेडियल (ASR) ऑफ-द-रोड (OTR) टायरों की विनिर्माण क्षमता विकसित करने के लिए 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। कंपनी के अनुसार इस निवेश के जरिए भारत में 49-इंच तक के विशाल माइनिंग टायरों की डिजाइन, इंजीनियरिंग, परीक्षण और उत्पादन क्षमता विकसित की जाएगी।
असेन्सो ने यह घोषणा ऐसे समय की है जब भारत में कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट और चूना पत्थर जैसे खनिजों के उत्पादन के साथ-साथ तांबा, लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू उपलब्धता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। कंपनी का कहना है कि बढ़ते मशीनीकरण और बड़े खनन उपकरणों के इस्तेमाल के कारण ऐसे टायरों की मांग बढ़ रही है, जो अधिक लोड, कठिन भूभाग और लंबे परिचालन चक्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
25-इंच से 49-इंच तक पहुंचा पोर्टफोलियो
असेन्सो के मुताबिक कंपनी ने अपने माइनिंग टायर पोर्टफोलियो की शुरुआत 25-इंच टायरों से की थी और अब इसे 49-इंच के विशाल माइनिंग टायरों तक विस्तारित कर दिया है। इससे कंपनी निर्माण, क्वारिंग और अर्थमूविंग से लेकर बड़े ओपन-पिट माइनिंग ऑपरेशंस तक के लिए समाधान उपलब्ध कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। कंपनी का दावा है कि इन-हाउस डिजाइन एवं विकास क्षमता के साथ विशाल OTR टायरों के निर्माण के क्षेत्र में उतरने वाला वह भारत का केवल दूसरा टायर ब्रांड और चीन के बाहर दुनिया का पांचवां ब्रांड है। हालांकि, यह कंपनी द्वारा किया गया दावा है और इसके स्वतंत्र सत्यापन के लिए अलग से उद्योग स्रोतों की पुष्टि आवश्यक होगी।
वैश्विक प्रदर्शन के मुकाबले प्रतिस्पर्धी कीमत पर फोकस
असेन्सो ने अपनी रेडियल OTR रणनीति को “प्रतिस्पर्धी कीमत पर प्रीमियम प्रदर्शन” के सिद्धांत पर आधारित बताया है। कंपनी के अनुसार उसके रेडियल OTR टायरों को डिजाइन और विकास के दौरान स्थापित वैश्विक प्रीमियम ब्रांडों के प्रदर्शन के मुकाबले बेंचमार्क किया जा रहा है। कंपनी का लक्ष्य केवल कम कीमत के आधार पर बाजार में प्रतिस्पर्धा करना नहीं, बल्कि प्रदर्शन, उत्पादकता और कुल स्वामित्व लागत को ध्यान में रखते हुए भारतीय खनन कंपनियों को घरेलू विकल्प उपलब्ध कराना है। खास तौर पर 35-इंच और उससे बड़े टायर सेगमेंट में कंपनी अपनी प्रदर्शन क्षमता को माइनिंग बाजार के विस्तार का आधार मान रही है।
खदानों में तैनात होंगे फील्ड एप्लीकेशन इंजीनियर
खनन परिचालन की अलग-अलग परिस्थितियों को देखते हुए कंपनी ग्राहक-केंद्रित इंजीनियरिंग पर भी जोर दे रही है। असेन्सो के अनुसार भारत सहित प्रमुख वैश्विक माइनिंग बाजारों में 15 से अधिक फील्ड एप्लीकेशन इंजीनियर तैनात किए जाएंगे। ये इंजीनियर सीधे खनन ऑपरेटरों के साथ काम करेंगे और टायरों के प्रदर्शन, घिसाव, परिचालन परिस्थितियों तथा मशीन के उपयोग से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करेंगे। कंपनी के मुताबिक इस फील्ड डेटा को उसके वैश्विक R&D नेटवर्क तक पहुंचाया जाएगा, जिससे वास्तविक खनन परिस्थितियों के आधार पर अगली पीढ़ी के टायर विकसित किए जा सकें।
2027-28 तक नए आकार और ट्रेड पैटर्न का रोडमैप
कंपनी ने बताया कि उसकी रेडियल OTR यात्रा 2023 के अंत में शुरू हुई थी। ग्राहकों के साथ बातचीत के दौरान उच्च प्रदर्शन वाले रेडियल माइनिंग टायरों की बढ़ती जरूरत सामने आने के बाद कंपनी ने OTR इंजीनियरों, एप्लीकेशन विशेषज्ञों और R&D पेशेवरों की एक विशेष टीम तैयार की।।असेन्सो के अनुसार 2027 और 2028 तक के लिए तैयार रोडमैप में बड़े व्हील डायमीटर, नए ट्रेड पैटर्न और माइनिंग, अर्थमूविंग तथा लोडर अनुप्रयोगों के लिए अलग-अलग उत्पाद शामिल हैं। कंपनी का कहना है कि इसका उद्देश्य भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों के लिए भी एक व्यापक रेडियल माइनिंग टायर पोर्टफोलियो तैयार करना है।
योगेश महानसारिया ने कहा—भारत में ही बनेगी वैश्विक स्तर की क्षमता
असेन्सो टायर्स के प्रबंध निदेशक योगेश महानसारिया ने कहा कि भारत का माइनिंग सेक्टर बड़े पैमाने पर विस्तार कर रहा है और इसके लिए उसी स्तर की तकनीकी क्षमता वाले उपकरणों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कंपनी का 100 मिलियन डॉलर का निवेश केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में विश्वस्तरीय रेडियल माइनिंग टायरों की इंजीनियरिंग और निर्माण क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। कंपनी भारतीय खनन ऑपरेटरों को घरेलू स्तर पर वैश्विक मानकों के अनुरूप प्रदर्शन देने वाले टायर उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
धवल नानावटी बोले—ग्राउंड लेवल पर ग्राहकों के साथ काम करेंगे
असेन्सो टायर्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी धवल नानावटी ने कहा कि कृषि, वानिकी और निर्माण क्षेत्र में कंपनी के अनुभव ने उसे जमीनी स्तर पर ग्राहकों के साथ काम करने का महत्व समझाया है। यही मॉडल माइनिंग सेक्टर में भी अपनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि झारखंड और ओडिशा के कोयला क्षेत्रों से लेकर छत्तीसगढ़ और कर्नाटक के लौह अयस्क क्षेत्रों तक प्रमुख खनन इलाकों में फील्ड एप्लीकेशन इंजीनियर तैनात किए जाएंगे। उनके मुताबिक भारत में इंजीनियर किए गए 49-इंच के विशाल माइनिंग टायर कंपनी के लिए ही नहीं, बल्कि घरेलू विनिर्माण क्षमता के विस्तार की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हैं।
असेन्सो का कहना है कि आने वाले वर्षों में उसका फोकस तकनीक, स्थानीय इंजीनियरिंग, फील्ड डेटा और उत्पादन क्षमता को एक साथ विकसित करने पर रहेगा। कंपनी के लिए 100 मिलियन डॉलर का निवेश और 49-इंच रेडियल OTR टायरों तक विस्तार भारतीय माइनिंग उपकरण बाजार में दीर्घकालिक उपस्थिति बनाने की रणनीति का हिस्सा है।

