BAUMA CONEXPO INDIA 2026 में कंपनी ने क्रशिंग, स्क्रीनिंग और रेत प्रसंस्करण उपकरणों की विस्तारित रेंज पेश की; विनिर्माण क्षमता, आफ्टरमार्केट और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर भी फोकस
ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। क्रशिंग और स्क्रीनिंग उपकरणों की भारतीय निर्माता कंपनी TORSA Machines Limited ने अगले पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का कारोबार हासिल करने का लक्ष्य रखा है। कंपनी के मुताबिक यह लक्ष्य केवल राजस्व बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक, विनिर्माण क्षमता, नए उत्पादों, बाजार विस्तार और ग्राहकों के साथ लंबे समय तक जुड़ाव के जरिए कारोबार का विस्तार करने की रणनीति का हिस्सा है।
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर में आयोजित BAUMA CONEXPO INDIA 2026 में कंपनी अपनी विस्तारित उपकरण रेंज प्रदर्शित कर रही है। 15 से 18 सितंबर तक चल रहे इस आयोजन में TORSA ने अपने मौजूदा क्रशिंग और स्क्रीनिंग पोर्टफोलियो के साथ नई पीढ़ी के क्रशिंग, शेपिंग और रेत धोने से जुड़े समाधान भी पेश किए हैं।
केवल राजस्व लक्ष्य नहीं, कारोबार के विस्तार की रणनीति
TORSA Machines के प्रबंध निदेशक गोपी कृष्णा मोरे के अनुसार, 500 करोड़ रुपये का लक्ष्य जानबूझकर चुनौतीपूर्ण रखा गया है। उनका कहना है कि इस स्तर तक पहुंचने के लिए कंपनी को केवल मौजूदा कारोबार का विस्तार करने के बजाय तकनीक, उत्पाद, बाजार और विनिर्माण क्षमता में समानांतर रूप से निवेश करना होगा। उन्होंने कहा कि कंपनी को नई तकनीकों के विकास के साथ नए उत्पादों और एप्लीकेशन सेगमेंट में प्रवेश करना, नए बाजारों में विस्तार करना, विनिर्माण को मजबूत करना और ग्राहकों के साथ गहरे लाइफ-साइकिल संबंध विकसित करने होंगे।
कंपनी का कहना है कि उसकी प्रगति को केवल साल-दर-साल राजस्व से नहीं मापा जाएगा। नए उत्पादों को बाजार में अपनाया जाना, नए क्षेत्रों में पहुंच, विनिर्माण क्षमता, ग्राहक आधार, लाइफ-साइकिल से होने वाला कारोबार और संगठनात्मक क्षमता भी इसके प्रमुख मानक होंगे।
पांच क्षेत्रों पर आधारित विकास रोडमैप
500 करोड़ रुपये के लक्ष्य तक पहुंचने के लिए TORSA ने पांच प्रमुख क्षेत्रों को अपनी रणनीति का आधार बनाया है। पहला, स्वदेशी तकनीक का विकास और क्रशिंग, शेपिंग, स्क्रीनिंग, वॉशिंग तथा मटेरियल प्रोसेसिंग में उच्च-मूल्य वाले समाधानों का विस्तार है। दूसरा फोकस केवल व्यक्तिगत मशीनों की बिक्री से आगे बढ़कर ग्राहकों को उनकी पूरी मटेरियल प्रोसेसिंग जरूरत के अनुरूप एकीकृत समाधान उपलब्ध कराने पर है।
तीसरे क्षेत्र में भारत में अपनी बाजार मौजूदगी को मजबूत करने के साथ चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय बाजारों में चरणबद्ध विस्तार की योजना शामिल है। चौथा फोकस स्पेयर पार्ट्स, सर्विस, अपग्रेड और आफ्टरमार्केट गतिविधियों को कारोबार के अधिक संरचित हिस्से के रूप में विकसित करना है। पांचवें क्षेत्र में बढ़ते कारोबार के अनुरूप विनिर्माण क्षमता, प्रक्रियाओं, प्रतिभा और नेतृत्व में निवेश शामिल है।

मशीन निर्माता से इंटीग्रेटेड सॉल्यूशन प्रोवाइडर बनने की दिशा
कंपनी के मुताबिक, अगले पांच वर्षों की रणनीति उसके कारोबारी मॉडल में भी बदलाव का संकेत देती है। TORSA खुद को केवल क्रशिंग और स्क्रीनिंग मशीन निर्माता के रूप में सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि ग्राहक की पूरी मटेरियल प्रोसेसिंग वैल्यू चेन में बड़ी भूमिका निभाने की दिशा में बढ़ रही है। इसमें एप्लीकेशन इंजीनियरिंग और मशीन चयन से लेकर क्रशिंग, शेपिंग, स्क्रीनिंग, वॉशिंग, ऑटोमेशन, स्पेयर पार्ट्स, सर्विस और लाइफ-साइकिल सपोर्ट तक समाधान उपलब्ध कराने पर जोर है।
अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी इसी रणनीति का हिस्सा है। कंपनी का कहना है कि भारत में विकसित और परीक्षण किए गए उपकरणों को उन चुनिंदा विदेशी बाजारों तक ले जाने की योजना है, जहां समान प्रकार की परिचालन परिस्थितियां और ग्राहक जरूरतें मौजूद हैं।
BAUMA 2026 में नई पीढ़ी के उत्पाद
BAUMA CONEXPO INDIA 2026 में TORSA के स्टॉल पर TEC 10 और TEC 11 Cone Crushers, TSH 10, Vortex Vertical Shaft Impactor और EcoCycle Sand Washing Plant प्रदर्शित किए गए हैं। इसके साथ कंपनी की TJC Jaw Crusher सीरीज, Civex Dry और Aquapro Wet Screening उपकरण, PulseGrizzlyPro, GrizzlyPro और ScalPro Feeders तथा Nomad Compact Plant भी प्रदर्शनी का हिस्सा हैं।
कंपनी के अनुसार, इन उत्पादों को अलग-अलग मशीनों के रूप में देखने के बजाय उस व्यापक प्लेटफॉर्म का हिस्सा माना जाना चाहिए, जिसके आधार पर वह क्रशिंग, स्क्रीनिंग और मटेरियल प्रोसेसिंग क्षेत्र में अपने अगले चरण का विस्तार करना चाहती है।
ग्राहक के लिए उपयोगिता पर जोर
गोपी कृष्णा मोरे ने कंपनी के कारोबारी दृष्टिकोण को बताते हुए कहा कि TORSA की प्राथमिकता ऐसे वादे करने की है जिन्हें वह ग्राहकों के लिए पूरा कर सके। कंपनी अपने उपकरणों को “Built for Every Terrain” की अवधारणा के तहत विकसित करती है, जिसमें पहाड़ी और दूरदराज के प्रोजेक्ट साइट से लेकर मैदानी और रेगिस्तानी क्षेत्रों तक विभिन्न परिचालन परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाता है। TORSA के एमेरिटस चेयरमैन राजकुमार मोरे ने कहा कि कंपनी की शुरुआती सोच ऐसे उपकरण विकसित करने की थी, जो भारतीय परिस्थितियों में टिक सकें और ग्राहकों का भरोसा हासिल कर सकें। उनके अनुसार, तीन दशक बाद उसी सोच को नई पीढ़ी की तकनीक के साथ आगे बढ़ते देखना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है।
भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार से अवसर
Build Build India के संस्थापक वैभव डांगे ने कहा कि भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए ऐसे निर्माताओं की जरूरत है, जो जमीनी परिस्थितियों को समझते हों। उनके मुताबिक, भारत के लिए और भारत में विकसित किए गए उपकरण इस क्षेत्र की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप तकनीकी समाधान उपलब्ध कराने में भूमिका निभा सकते हैं।
15 सितंबर को TORSA के स्टॉल पर राजकुमार मोरे और वैभव डांगे की मौजूदगी में उद्घाटन एवं मीडिया संवाद आयोजित किया गया। इस दौरान कंपनी की पांच नई पीढ़ी के उत्पादों, विस्तारित उत्पाद रेंज और अगले पांच वर्षों की विकास रणनीति पर चर्चा की गई। कंपनी का स्टॉल हॉल-9, स्टॉल Q03 में है, जहां BAUMA CONEXPO INDIA 2026 के दौरान उसके क्रशिंग, शेपिंग, स्क्रीनिंग और रेत प्रसंस्करण से जुड़े समाधान प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

