ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। औद्योगिक विकास को गति देने, उद्यमियों को केंद्र एवं प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने तथा उन्हें सरकारी खरीद और नए बाजारों से जोड़ने के उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा में राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का आयोजन किया गया। इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए) की पहल पर भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय, एमएसएमई विकास एवं सुविधा कार्यालय (डीएफओ), ओखला, नई दिल्ली तथा आईआईएलएम विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यशाला में 150 से अधिक उद्यमियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी मेधा रूपम रहीं। उन्होंने उद्यमियों से सरकारी योजनाओं और उपलब्ध सुविधाओं का प्रभावी उपयोग करते हुए अपने कारोबार को विस्तार देने का आह्वान किया।
गौतम बुद्ध नगर में औद्योगिक विकास की व्यापक संभावनाएं
डीएम मेधा रूपम ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर औद्योगिक विकास, परिधान उद्योग, इलेक्ट्रॉनिक्स और निवेश के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। जिले में नए उद्योगों की स्थापना और निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार तथा जिला प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि निवेशकों के लिए अनुकूल कारोबारी वातावरण तैयार करना, उद्यमियों की समस्याओं का समाधान करना और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

डीएम ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं उद्यमियों और सरकारी योजनाओं के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का काम करती हैं। इनके माध्यम से उद्यमियों को सरकारी खरीद, विपणन सहायता, निर्यात संवर्धन और बाजार विस्तार जैसी सुविधाओं की जानकारी एक ही मंच पर मिलती है। उन्होंने उद्यमियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे केवल स्थानीय बाजार तक सीमित न रहें, बल्कि अपने उत्पादों की गुणवत्ता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाकर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि उद्योगों का विस्तार और रोजगार का सृजन राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है।
सरकारी खरीद और GeM पोर्टल की दी गई जानकारी
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने उद्यमियों को सरकारी खरीद प्रक्रिया, सरकारी विभागों में विक्रेता पंजीकरण, GeM पोर्टल, विपणन के अवसर, निर्यात संवर्धन, डिजिटल मार्केटिंग, गुणवत्ता प्रमाणन तथा एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उद्यमियों को विशेष रूप से खरीद एवं विपणन सहायता (PMS) योजना, विक्रेता विकास, सरकारी खरीद में एमएसएमई की भागीदारी, निर्यात को बढ़ावा देने तथा नए बाजारों से जुड़ने के विभिन्न तरीकों के बारे में बताया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि सरकारी योजनाओं का सही तरीके से लाभ उठाकर छोटे और मध्यम उद्योग अपनी उत्पादन क्षमता, बाजार पहुंच और कारोबार का दायरा बढ़ा सकते हैं।
कार्यक्रम में एमएसएमई मंत्रालय की ओर से डॉ. आरके भारती, स्टेट डायरेक्टर सुनील कुमार, डिप्टी डायरेक्टर एमएसएमई-डीएफओ ओखला तथा डिप्टी डायरेक्टर एमएसएमई ओ.पी. सिंह सहित विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और सरकारी संस्थानों के खरीद प्रमुखों एवं विशेषज्ञ अधिकारियों ने प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
विश्वविद्यालय और औद्योगिक संस्था के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यशाला में आईआईएलएम विश्वविद्यालय की ओर से वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) नील राय, प्रो वाइस चांसलर राजे मोहन, सीनियर मैनेजर राजकुमार सिंह सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं शिक्षाविद मौजूद रहे। वहीं इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (आईबीए) के अध्यक्ष अमित कुमार उपाध्याय, महासचिव सुनील दत्त शर्मा, उपाध्यक्ष नरेश चौहान, उपाध्यक्ष राजेश खन्ना, उपाध्यक्ष सुधीर त्यागी, डॉ. खुशबू सिंह तथा कार्यकारिणी के अन्य सदस्य और बड़ी संख्या में उद्यमियों ने सहभागिता की।
कार्यशाला के माध्यम से उद्यमियों को सरकारी योजनाओं की जानकारी के साथ-साथ सरकारी खरीद प्रणाली, बाजार विस्तार, डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल और निर्यात की संभावनाओं को समझने का अवसर मिला। आयोजकों ने इसे स्थानीय एमएसएमई क्षेत्र को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।

