लखनऊ/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधान परिषद चुनाव 2026 को लेकर हलचल अब तेज हो चुकी है। भारतीय जनता पार्टी ने रविवार शाम लंबे इंतजार के बाद आखिरकार अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। जैसे ही केंद्रीय चुनाव समिति की मंजूरी के बाद पार्टी महासचिव अरुण कुमार सिंह ने पांच प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया, वैसे ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। इस सूची में दो स्नातक और तीन शिक्षक सीटों के उम्मीदवार शामिल हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा मेरठ शिक्षक सीट से भाजपा प्रत्याशी बनाए गए श्रीचंद शर्मा को लेकर हो रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सूची केवल प्रत्याशियों की घोषणा नहीं, बल्कि 2027 के बड़े राजनीतिक समीकरणों की शुरुआती बिसात भी है।
मेरठ शिक्षक सीट से श्रीचंद शर्मा पर भरोसा, संगठन में लंबा अनुभव बना ताकत
भाजपा ने मेरठ शिक्षक सीट से जिस नाम पर सबसे बड़ा भरोसा जताया है, वह है श्रीचंद शर्मा। गौतमबुद्ध नगर भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभा चुके श्रीचंद शर्मा पहले जिला अध्यक्ष, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष समेत कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। संगठनात्मक अनुभव, शिक्षकों के बीच मजबूत पकड़ और लंबे राजनीतिक सफर ने उन्हें इस चुनाव में भाजपा का मजबूत चेहरा बना दिया है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में शिक्षक वर्ग के बीच भाजपा अपनी स्थिति को और मजबूत करना चाहती है और इसी रणनीति के तहत श्रीचंद शर्मा को मैदान में उतारा गया है। उनके नाम की घोषणा के बाद गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया।
11 सीटों पर चुनाव, शिक्षक और स्नातक वर्ग पर सभी दलों की नजर
उत्तर प्रदेश में इस बार विधान परिषद की कुल 11 सीटों पर चुनाव होना है। इनमें शिक्षक और स्नातक सीटों को हमेशा से राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इन सीटों पर पारंपरिक राजनीति से हटकर बौद्धिक, शैक्षणिक और सामाजिक प्रभाव भी बड़ा रोल निभाता है। यही कारण है कि भाजपा, समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य दल इन सीटों पर खास रणनीति के साथ मैदान में उतरते हैं। भाजपा की ओर से प्रत्याशियों की घोषणा के बाद अब विपक्षी दलों पर भी जल्द उम्मीदवारों के नाम घोषित करने का दबाव बढ़ गया है।
शिक्षक राजनीति में भाजपा का बड़ा संदेश
भाजपा की इस सूची को शिक्षक राजनीति में एक बड़े संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है। पार्टी ने ऐसे चेहरों को आगे किया है जिनकी जमीनी पकड़ के साथ-साथ संगठन में सक्रिय भूमिका रही है। खासकर मेरठ शिक्षक सीट पर श्रीचंद शर्मा का चयन यह दर्शाता है कि भाजपा पश्चिमी यूपी में शिक्षकों और स्नातक वर्ग के बीच अपना जनाधार मजबूत करने के लिए गंभीर रणनीति पर काम कर रही है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में शिक्षक और स्नातक वर्ग के मुद्दे—जैसे नई शिक्षा नीति, डिजिटल एजुकेशन, निजी संस्थानों की स्थिति, रोजगार और शिक्षक हित—चुनावी बहस के केंद्र में रहेंगे।
गौतमबुद्ध नगर में खुशी की लहर, कार्यकर्ताओं ने जताया उत्साह
श्रीचंद शर्मा को टिकट मिलने के बाद गौतमबुद्ध नगर भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दिया। कई स्थानों पर समर्थकों ने मिठाई बांटकर खुशी जाहिर की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले और शिक्षक समाज से मजबूत जुड़ाव रखने वाले नेता को पार्टी ने उचित सम्मान दिया है।
स्थानीय भाजपा नेताओं का मानना है कि श्रीचंद शर्मा की उम्मीदवारी से मेरठ शिक्षक सीट पर पार्टी की स्थिति और मजबूत होगी तथा शिक्षकों के बीच भाजपा का प्रभाव बढ़ेगा।
2026 का चुनाव, 2027 की तैयारी!
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा तेज है कि विधान परिषद चुनाव 2026 केवल शिक्षक और स्नातक सीटों का चुनाव नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी का ट्रायल भी माना जा रहा है। भाजपा इन चुनावों के जरिए बौद्धिक वर्ग और शिक्षित मतदाताओं के बीच अपनी स्वीकार्यता और मजबूत करना चाहती है।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि विपक्ष इन प्रत्याशियों के सामने किस तरह की रणनीति बनाता है और चुनावी मुकाबला कितना दिलचस्प होता है।

