ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा में संचालित कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सख्त हो गया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग ने संयुक्त रूप से विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया। अभियान के पहले दिन अल्फा कमर्शियल बेल्ट स्थित ओम टावर में संचालित 11 कोचिंग सेंटरों का विस्तृत निरीक्षण किया गया, जिसमें अग्निशमन उपकरणों, आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी मानकों की जांच की गई।

संयुक्त निरीक्षण दल में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी मुकेश कुमार सिंह, वरिष्ठ फायर ऑफिसर विनोद पांडेय तथा प्राधिकरण के वरिष्ठ प्रबंधक राजेश कुमार निम शामिल रहे। टीम ने प्रत्येक कोचिंग सेंटर में फायर एक्सटिंग्विशर, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनकी कार्यशील स्थिति का बारीकी से निरीक्षण किया।
कुछ सेंटरों में मिले मानक अनुरूप उपकरण, कई में मिली खामियां
निरीक्षण के दौरान कुछ कोचिंग सेंटरों में अग्निशमन उपकरण निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जबकि कई संस्थानों में सुरक्षा व्यवस्था अधूरी या मानकों के अनुरूप नहीं मिली। ऐसे सभी कोचिंग सेंटर संचालकों को तत्काल आवश्यक अग्निशमन उपकरण लगाने और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डीएम के निर्देश पर चल रहा विशेष अभियान
बताया गया कि हाल ही में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के सभी कोचिंग सेंटरों को 15 दिनों के भीतर अग्निशमन उपकरण एवं आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
इसी क्रम में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ श्रीलक्ष्मी वी.एस. ने भी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर अभियान चलाने और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
सोमवार तक अंतिम मौका, फिर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन द्वारा दिए गए 15 दिन की समय सीमा आगामी सोमवार को समाप्त हो रही है। इसे देखते हुए शनिवार से निरीक्षण अभियान तेज कर दिया गया है।
जांच टीम ने सभी कोचिंग सेंटर संचालकों को सोमवार तक फायर सेफ्टी मानकों के अनुरूप सभी उपकरण स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
दोबारा जांच में कमी मिली तो होगा सीलिंग एक्शन
प्राधिकरण और अग्निशमन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जिन कोचिंग सेंटरों में दोबारा निरीक्षण के दौरान भी सुरक्षा मानकों में कमी पाई जाएगी, उनके खिलाफ सीलिंग सहित कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आने वाले दिनों में शहर के अन्य कोचिंग संस्थानों की भी इसी प्रकार जांच की जाएगी ताकि सभी शिक्षण संस्थानों में फायर सेफ्टी के मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जा सके।

