34.9 C
Greater Noida
Sunday, May 24, 2026
More

    BIG NEWS : “नई पारी, नए विज़न और तकनीकी शिक्षा को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प—प्रो. जेपी पाण्डेय फिर बने AKTU के कुलपति, विश्वविद्यालय में खुशी की लहर”

    BIG NEWS: “New innings, new vision and resolve to give global recognition to technical education—Prof. JP Pandey becomes vice-chancellor of AKTU again, wave of joy in the university

    Must read

    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। डॉ0 एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप एक बार फिर माननीय कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय को कार्यभार सौंपा गया है। राजभवन की ओर से जारी पत्र के अनुसार प्रो0 जेपी पाण्डेय नियुक्ति की तिथि से तीन वर्षों तक कुलपति रहेंगे। माननीय राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने इस आशय से संबंधित आदेश जारी कर दिया है। कुलपति के रूप में प्रो0 जेपी पाण्डेय ने अपने पहले कार्यकाल में विश्वविद्यालय को नई उंचाईयों पर पहुंचाया है। एक ओर जहां शैक्षणिक गुणवत्ता को प्राथमिकता दी तो छात्रों को रोजगार के हर अवसर उपलब्ध कराने की पहल की। शोध, नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम उठाये।तकनीकी शिक्षा को समाजोन्मुखी बनाने पर जोर दिया। ताकि शोध और नवाचार का सीधा फायदा समाज को मिल सके। प्रो0 जेपी पाण्डेय के नेतृत्व में 25 वर्षों के इतिहास में विश्वविद्यालय ने ऐतिहासिक रूप से पहली बार नैक से ग्रेडिंग प्राप्त की। पहले ही प्रयास में विश्वविद्यालय को नैक से ए प्लस की उत्कृष्ट ग्रेडिंग मिली। इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय ने तकनीकी शिक्षा में लंबी छलांग लगायी। इससे न केवल विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ी बल्कि आने वाले समय में यहां कई तरह की सुविधाओं के लिए राह भी खुली।

    कुलपति के रूप में प्रो0 जेपी पाण्डेय ने कई ऐसे कदम उठाये जिसके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे। मसलन विश्वविद्यालय परिसर में पहली बार अन्तर्विषयी बीटेक पाठ्यक्रम शुरू कराया। नई और उभरती तकनीकी आधारित पांच ब्रांचों में बीटेक पाठ्यक्रम न केवल रोजगारपरक हैं बल्कि इंडस्ट्री की मांग के अनुरूप भी हैं। पहले ही वर्ष में बीटेक इन एआई, एमएल, वीएलएसआई को लेकर छात्रों में काफी उत्साह देखने को मिला। इसके अलावा कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय के नेतृत्व में विश्वविद्यालय राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को तेजी से लागू करने का कार्य कर रहा है। इस क्रम में मेजर के साथ माइनर डिग्री की सुविधा छात्रों को दी जा रही है। साथ ही पाठ्यक्रम में नई शिक्षा नीति के अुनरूप बदलाव किये जा रहे हैं। विश्वविद्यालय के छात्रों को आधुनिक तकनीकी में पढ़ाई के अवसर प्रदान करने की दिशा में भी कुलपति के रूप में प्रो0 जेपी पाण्डेय ने कदम उठाये हैं। इसके तहत स्पेश एवं क्वांटम तकनीकी में माइनर डिग्री शुरू की गयी है।

    साथ ही छात्रों को स्किल्ड बनाने पर कुलपति प्रो0 जेपी पाण्डेय ने जोर दिया है। इसके लिए ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग की और उद्योगों के साथ मिलकर प्रशिक्षण, कार्यशाला आदि कार्यक्रम नियमित कराये गये हैं। परिणामस्वरूप विश्वविद्यालय के छात्रों को बड़ी एवं प्रतिष्ठित कंपनियों में कैंपस प्लेसमेंट के जरिये नौकरी मिली है। वर्तमान समय की जरूरत को देखते हुए छात्रों को नौकरी के साथ ही नवाचार एवं उद्यमिता की ओर अग्रसर करने के लिए इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाये गये हैं। इस दिशा में प्रो0 जेपी पाण्डेय के निर्देश पर वन डिस्ट्रिक्ट, वन इन्क्युबेशन सेंटर स्थापित किया जा रहा है। साथ ही इनोवेशन हब को सेक्शन 8 कंपनी के तहत किया गया है।

    साथ ही नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ की इनोवेशन निधि बनायी गयी है। ताकि युवाओं को इस क्षेत्र में बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर एवं संसाधन मुहैया कराये जा सकें। साथ ही दीक्षांत समारोह में छात्रों को स्टूडेंट स्टार्टअप अवार्ड देने की पंरपरा भी प्रो0 जेपी पाण्डेय ने शुरू करायी है। इस मुहिम को और प्रभावी बनाने के लिए फैकल्टी स्टूडेंट स्टार्टअप पॉलिसी भी लागू की गयी है। विश्वविद्यालय में नये प्रयोगों, नवाचार, अनुसंधान को मान्यता देने के लिए कलाम पेटेंट सेंटर भी स्थापित किया गया है।

    किसी भी शैक्षणिक संस्थान की गुणवत्ता तीन चीजों शिक्षक, लैब और लाइब्रेरी पर निर्भर करती है। इस मामले में विश्वविद्यालय को प्रो0 जेपी पाण्डेय के प्रयासों से प्रदेश की पहली इंफोसिस मेकर्स लैब प्राप्त हुई है। अपने तरह की अलग एवं हाइटेक इस लैब में विश्वविद्यालय के छात्र अपने आइडिया को मूर्त रूप दे सकते हैं। लैब ऑन व्हील भी है, जो स्कूली बच्चों में रिसर्च को बढ़ावा दे रही है। इसके अलावा एआईसीटीई आइडिया लैब भी छात्रों के लिए किसी सौगात से कम नहीं है। शोध एवं अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए भी प्रो0 जेपी पाण्डेय ने कदम उठाये हैं। विश्वविद्यालय की विश्वेसरैया रिसर्च प्रमोशन स्कीम को 25 छात्रों से बढ़ाकर 50 की गयी है।

    शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए प्रो0 जेपी पाण्डेय के नेतृत्व में पिछले तीन सालों में देश एवं विदेश के कई संस्थानों से एमओयू किया गया है। प्रो0 जेपी पाण्डेय ने अपने कार्यकाल में एक ओर जहां शैक्षणिक सुधारों पर कार्य किया तो कर्मचारी कल्याण में भी महत्वपूर्ण फैसले किये। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों को 10 लाख तक के कैशलेस इलाज की योजना का लाभ दिया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों में टीम भावना, फिटनेस को बढ़ावा देने के लिए वार्षिक खेल प्रतियोगिता की परंपरा को भी शुरू कराया है।

    एक बार फिर कुलपति के रूप में कार्यभार संभालने पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उन्हें नयी पारी के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। इस मौके पर प्रो0 जेपी पाण्डेय ने अगले तीन वर्षों में विश्वविद्यालय के लिए किये जाने वाले अपनी प्राथमिकताओं को बताया।

    कहा कि विश्वविद्यालय आगे बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किये जाएंगे। छात्रों को रोजगारपरक शिक्षा देने पर जोर होगा। कहा कि विश्वविद्यालय को नई उभरती तकनीकी के क्षेत्र में पहचान दिलाने के लिए योजनाएं बनायी जाएंगी। विश्वविद्यालय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के हब के रूप में विकसित करने पर जोर रहेगा। साथ ही विभिन्न तकनीकियों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने पर कार्य किया जाएगा। छात्रों को स्किल्ड बनाना प्राथमिकता में है। इसलिए विश्वविद्यालय में स्किल डेवलपमेंट का सेंटर भी बनाने की दिशा में जरूरी कदम उठाये जाएंगे।

    More articles

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    Latest article