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Monday, October 5, 2026
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    Greater Noida News: लॉयड में आज से शुरू होगी DHR-ICMR प्रायोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला, देशभर से 78 शोधार्थी होंगे शामिल

    प्रो. (डॉ.) वंदना अरोड़ा सेठी ने कहा कि यह कार्यशाला युवा शोधार्थियों को प्रयोगशाला में होने वाले शोध से लेकर वास्तविक चिकित्सा उत्पाद के विकास और नियामकीय प्रक्रिया तक की पूरी यात्रा समझने का अवसर देगी। उन्होंने कहा कि लॉयड ग्रुप अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है और DHR-ICMR जैसी प्रतिष्ठित संस्था का सहयोग संस्थान के लिए गौरव की बात है।

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    ‘क्लिनिकल आवश्यकता से मेडिकल प्रोडक्ट डेवलपमेंट’ तक की पूरी प्रक्रिया पर होगा मंथन, 7 राज्यों के 25 से अधिक संस्थानों के प्रतिभागी लेंगे हिस्सा

    ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। लॉयड इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी, डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी, ग्रेटर नोएडा में 6 अक्टूबर से 10 अक्टूबर 2026 तक DHR-ICMR प्रायोजित पांच दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। “हेल्थ टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन, रेगुलेशन एंड इनोवेशन” विषय पर आयोजित इस कार्यशाला की थीम “एन इंटीग्रेटेड पाथवे फ्रॉम क्लीनिकल नीड टू मेडिकल प्रोडक्ट डेवलपमेंट” रखी गई है।

    कार्यशाला का आयोजन स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के अंतर्गत किया जा रहा है। आयोजन में संस्थान की इनोवेशन काउंसिल, शिक्षा मंत्रालय की पहल, का भी सहयोग रहेगा। कार्यक्रम लॉयड कैंपस-1 के मेनफ्रेम, द्वितीय तल, ए-ब्लॉक में आयोजित होगा। इस राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्देश्य युवा शोधार्थियों और छात्रों को क्लीनिकल आवश्यकता की पहचान से लेकर चिकित्सा उत्पाद के विकास, परीक्षण और नियामकीय अनुमोदन तक की पूरी प्रक्रिया से व्यावहारिक रूप से परिचित कराना है। कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा हेल्थ टेक्नोलॉजी, मेडिकल डिवाइस, डिजिटल हेल्थ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बायोमटेरियल्स, ड्रग डिलीवरी और क्लिनिकल ट्रायल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी जाएगी।

    177 पंजीकरण में से 78 प्रतिभागियों का चयन

    कार्यशाला की संयोजक प्रो. (डॉ.) वंदना अरोड़ा सेठी, ग्रुप डायरेक्टर एवं चीफ स्ट्रैटेजिस्ट, लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस हैं। आयोजन सचिव की जिम्मेदारी डॉ. ललित कुमार त्यागी, प्राचार्य, एलआईएमटी डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी और प्रो. आरती गुप्ता संभाल रही हैं। प्रो. (डॉ.) वंदना अरोड़ा सेठी ने बताया कि देशभर से प्राप्त 177 पंजीकरणों में कठोर चयन प्रक्रिया के बाद 78 प्रतिभागियों का चयन किया गया है। चयनित प्रतिभागी दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित 7 से अधिक राज्यों तथा 25 से अधिक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों का प्रतिनिधित्व करेंगे।

    प्रतिभागियों में पारुल विश्वविद्यालय, कुमाऊं विश्वविद्यालय, बनस्थली विद्यापीठ, एमिटी विश्वविद्यालय नोएडा, गुरुकुल कांगड़ी, मौलाना आजाद विश्वविद्यालय जोधपुर, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर, शारदा विश्वविद्यालय, गलगोटिया विश्वविद्यालय, इंटीग्रल विश्वविद्यालय, आईएफटीएम विश्वविद्यालय, महावीर विश्वविद्यालय, एमवीएन विश्वविद्यालय सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के शोधार्थी और विद्यार्थी शामिल हैं।

    IIT मंडी से लेकर शारदा विश्वविद्यालय और NIPER तक के विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण

    कार्यशाला के दौरान देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ प्रतिभागियों को प्रशिक्षण देंगे। पहले दिन आईआईटी मंडी के विशेषज्ञों द्वारा अनमेट क्लिनिकल नीड आइडेंटिफिकेशन, हेल्थकेयर गैप एनालिसिस, डिजाइन थिंकिंग और एजाइल प्रोटोटाइपिंग जैसे विषयों पर सत्र आयोजित होंगे। दूसरे दिन GIMS Greater Noida और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र के विशेषज्ञ मेडटेक, डिजिटल हेल्थ, क्लिनिकल ट्रायल तथा मेडिकल डिवाइस की रेगुलेटरी रणनीति पर चर्चा करेंगे। NIPER रायबरेली के विशेषज्ञ क्वालिटी बाय डिजाइन (QbD), फॉर्मूलेशन और प्रोसेस ऑप्टिमाइजेशन पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण देंगे।

    तीसरे दिन शारदा विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ बायोमेडिकल साइंसेज में इन-सिलिको टूल्स और स्वास्थ्य सेवाओं में AI आधारित स्मार्ट डायग्नोस्टिक्स, पेशेंट मॉनिटरिंग एवं जिम्मेदार AI पर जानकारी देंगे। चौथे दिन MNIT इलाहाबाद तथा उद्योग विशेषज्ञों द्वारा बायोमटेरियल्स, 3D बायोमिमेटिक कंपोजिट स्कैफोल्ड, नैनोफॉर्मूलेशन और एडवांस्ड HPLC तकनीक पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

    CAR-T थेरेपी और ब्रेन-टार्गेटेड ड्रग डिलीवरी पर भी होगा मंथन

    समापन दिवस पर मेड थेरेपी बायोटेक्नोलॉजी, नोएडा के डॉ. संजय सिंह सॉलिड ट्यूमर बैरियर और नेक्स्ट-जेनरेशन CAR-T थेरेपी पर व्याख्यान देंगे। वहीं NIPER रायबरेली के डॉ. राहुल शुक्ला ब्रेन-टार्गेटेड ड्रग डिलीवरी के लिए इंजीनियर्ड नैनोक्रिस्टल्स पर जानकारी देंगे। राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की डॉ. रेशु गुप्ता सिमुलेशन आधारित प्री-क्लिनिकल टेस्टिंग पर प्रकाश डालेंगी। इसके अलावा DHR, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की वैज्ञानिक-सी एवं कार्यक्रम अधिकारी डॉ. गीतांजलि सागीना विशेष संबोधन देंगी। प्रत्येक दिन सत्रों के बाद मूल्यांकन परीक्षा भी आयोजित की जाएगी, जिससे प्रतिभागियों की सीखने की प्रक्रिया का लगातार आकलन किया जा सके।

    प्रो. (डॉ.) वंदना अरोड़ा सेठी ने कहा कि यह कार्यशाला युवा शोधार्थियों को प्रयोगशाला में होने वाले शोध से लेकर वास्तविक चिकित्सा उत्पाद के विकास और नियामकीय प्रक्रिया तक की पूरी यात्रा समझने का अवसर देगी। उन्होंने कहा कि लॉयड ग्रुप अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए लगातार कार्य कर रहा है और DHR-ICMR जैसी प्रतिष्ठित संस्था का सहयोग संस्थान के लिए गौरव की बात है।

    पांच दिवसीय कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। आयोजन का उद्देश्य युवाओं को स्वास्थ्य तकनीक और चिकित्सा नवाचार के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने के साथ भारत में शोध आधारित मेडिकल प्रोडक्ट डेवलपमेंट को नई दिशा देना है।

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