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Wednesday, October 21, 2026
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    IBA Industry News : ईकोटेक-3 में जलभराव से उद्योग बेहाल, IBA ने मांगे 10 से 15 हाई-कैपेसिटी डी-वॉटरिंग पंप; क्षतिपूर्ति की चेतावनी, बारिश से पहले पंप लगाने की मांग की थी, उद्योग केंद्र-2 में स्थिति सबसे ज्यादा खराब

    IBA ने स्पष्ट किया है कि जलभराव से जिन उद्यमियों की औद्योगिक इकाइयों को नुकसान हुआ है, वे अपने नुकसान का विधिवत आकलन कर उसका दावा प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। एसोसिएशन ने नुकसान की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति की मांग करने की बात कही है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वह उद्यमियों के साथ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ईकोटेक-3 औद्योगिक क्षेत्र में भारी बारिश के बाद जलभराव की गंभीर समस्या ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। कई स्थानों पर पानी भरने से उद्योगों की गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। इसको लेकर इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन (IBA) ने गौतमबुद्ध नगर औद्योगिक विकास प्राधिकरण की जल निकासी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

    IBA का कहना है कि पिछले कई वर्षों से मानसून से पहले जलभराव की समस्या दूर करने के दावे और आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन बारिश होते ही स्थिति दोबारा गंभीर हो जाती है। एसोसिएशन के अनुसार, करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद ईकोटेक-3 में जल निकासी की स्थायी व्यवस्था दिखाई नहीं दे रही है।

    बारिश से पहले पंप लगाने की मांग की थी

    एसोसिएशन के मुताबिक, मानसून शुरू होने से पहले और बारिश के दौरान प्राधिकरण के अधिकारियों को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से संभावित जलभराव को लेकर अवगत कराया गया था। IBA ने विशेष रूप से पर्याप्त संख्या में उच्च क्षमता वाले डी-वॉटरिंग पंप पहले से उपलब्ध कराने की मांग की थी, ताकि बारिश के तत्काल बाद पानी की निकासी की जा सके। एसोसिएशन का आरोप है कि उसके सुझाव को गंभीरता से नहीं लिया गया। परिणामस्वरूप बारिश के बाद जलभराव की स्थिति से निपटने में मुश्किलें सामने आ रही हैं।

    उद्योग केंद्र-2 में स्थिति सबसे ज्यादा खराब

    IBA के अनुसार, उद्योग केंद्र-2, ईकोटेक-3 में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है। एसोसिएशन का कहना है कि इस क्षेत्र में बारिश के पानी की निकासी के लिए प्रभावी और स्थायी व्यवस्था नहीं है। रिवर इंजीनियरिंग की ओर जाने वाले मार्ग पर आरसीसी ड्रेन और सड़क के ढाल की वर्तमान स्थिति के कारण पानी उस दिशा में प्रभावी ढंग से नहीं जा पा रहा है। वहीं पुलिस लाइन की दिशा में मौजूद नाला पहले से अवरुद्ध और ओवरफ्लो बताया जा रहा है। IBA के अनुसार, इसके कारण पुलिस लाइन परिसर में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

    एसोसिएशन ने सवाल उठाया कि जब उद्योग केंद्र-2 से पानी निकलने का प्रभावी रास्ता ही उपलब्ध नहीं है, तो डीएससी रोड पर बनाए गए बड़े नालों अथवा कल्वर्ट तक बारिश का पानी पहुंचेगा कैसे?

    औद्योगिक इकाइयों में घुसा पानी, नुकसान का दावा करेगी IBA

    एसोसिएशन के मुताबिक जलभराव के कारण कई औद्योगिक इकाइयों में पानी प्रवेश कर गया है। इससे मशीनरी, कच्चे माल, तैयार उत्पाद और अन्य औद्योगिक परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। IBA का कहना है कि इससे उद्यमियों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है और उत्पादन गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।

    IBA ने कहा कि ईकोटेक-3 में करीब 1,650 से अधिक औद्योगिक इकाइयां स्थापित हैं। ऐसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी के लिए केवल दो छोटे क्षमता वाले पंपों पर निर्भरता पर्याप्त नहीं है।

    10 से 15 हाई-कैपेसिटी पंप लगाने की मांग

    इंडस्ट्रियल बिजनेस एसोसिएशन ने तत्काल प्रभाव से कम से कम 10 से 15 उच्च क्षमता वाले डी-वॉटरिंग पंप लगाने की मांग की है। इसके साथ ही एसोसिएशन ने स्थायी समाधान के लिए वैज्ञानिक आधार पर जल निकासी की विस्तृत योजना तैयार करने, आरसीसी ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करने और आवश्यक बुनियादी ढांचे का निर्माण कराने की मांग की है। IBA ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में जल निकासी की समस्या का समाधान केवल मानसून के दौरान पंप लगाकर नहीं किया जा सकता। इसके लिए स्थायी और वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करना जरूरी है।

    “राजस्व वसूली के साथ सुविधाओं की जिम्मेदारी भी निभाए प्राधिकरण”

    एसोसिएशन ने प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उद्यमियों से लीज रेंट, ब्याज, ट्रांसफर शुल्क और अन्य देयकों की वसूली नियमित रूप से की जाती है। ऐसे में औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना भी प्राधिकरण की जिम्मेदारी है। IBA का कहना है कि उद्योगों की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित किए बिना केवल राजस्व वसूली पर जोर देना उचित नहीं है। औद्योगिक इकाइयों की मशीनरी, कच्चे माल और तैयार उत्पादों की सुरक्षा के लिए प्रभावी जल निकासी व्यवस्था जरूरी है।

    नुकसान का आकलन कर क्षतिपूर्ति का दावा करेगी एसोसिएशन

    IBA ने स्पष्ट किया है कि जलभराव से जिन उद्यमियों की औद्योगिक इकाइयों को नुकसान हुआ है, वे अपने नुकसान का विधिवत आकलन कर उसका दावा प्राधिकरण के समक्ष प्रस्तुत करेंगे। एसोसिएशन ने नुकसान की भरपाई के लिए क्षतिपूर्ति की मांग करने की बात कही है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो वह उद्यमियों के साथ लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

    IBA ने कहा कि प्रत्येक वर्ष मानसून के दौरान उद्यमियों को जलभराव की समस्या का सामना करना पड़े, यह स्वीकार्य नहीं है। अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान और जवाबदेही सुनिश्चित करने का समय है। एसोसिएशन के अनुसार, ईकोटेक-3 के उद्योगों, निवेश, रोजगार और उद्यमियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राधिकरण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

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