30.5 C
Greater Noida
Wednesday, October 21, 2026
More

    Greater Noida West: आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग, दादरी से सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च करेगा सवर्ण समाज, 16 सितंबर को सुबह 10 बजे शुरू होगा मार्च, राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को सौंपेंगे ज्ञापन; UGC के कुछ प्रावधानों पर भी जताई आपत्ति, “किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं है आंदोलन” : पंडित पीतांबर शर्मा

    क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष रामदेव रावल ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी अन्य वर्ग के अधिकार को छीनना नहीं है। उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था में मौजूद कथित विसंगतियों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। प्रेस वार्ता में रामदत्त शर्मा, ठाकुर सतपाल बजरंगी, मास्टर परमानंद शर्मा, बीनू राणा, प्रमोद शर्मा एडवोकेट, मास्टर रामकुमार शर्मा, मास्टर विनीत चौहान, पंडित विक्रम शर्मा, ओमेंद्र शिशोदिया, जयप्रकाश शर्मा और किशन शर्मा समेत सवर्ण समाज के कई लोग मौजूद रहे।

    Must read

    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। आरक्षण व्यवस्था में सुधार और UGC से जुड़े कुछ प्रावधानों के विरोध को लेकर गौतमबुद्धनगर में सवर्ण समाज ने आंदोलन की घोषणा की है। शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में सवर्ण समाज की कोर कमेटी ने बताया कि 16 सितंबर 2026 को दादरी से सूरजपुर स्थित गौतमबुद्धनगर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला जाएगा। आयोजकों के मुताबिक मार्च में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बुजुर्ग, युवा और समाज के अन्य लोग शामिल होंगे। मार्च सुबह 10 बजे दादरी से शुरू होगा। प्रदर्शनकारी पैदल कलेक्ट्रेट पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपेंगे। ज्ञापन में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और उसमें सुधार करने के साथ-साथ UGC से जुड़े उन प्रावधानों को वापस लेने की मांग की जाएगी, जिन पर आंदोलनकारी आपत्ति जता रहे हैं।

    गांव और शहर में चलेगा जनसंपर्क अभियान

    कोर कमेटी के पदाधिकारियों ने बताया कि 16 सितंबर के मार्च को लेकर जिले में जनसंपर्क अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत गांवों के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में भी लोगों से संपर्क कर आंदोलन के मुद्दों और मांगों की जानकारी दी जाएगी। आयोजकों ने दावा किया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लोगों को मार्च में शामिल होने के लिए संपर्क किया जा रहा है। उनका कहना है कि पैदल मार्च में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।

    30 अगस्त की बैठक में बनी आंदोलन की रणनीति

    पदाधिकारियों के अनुसार, आंदोलन की तैयारी को लेकर पहली महत्वपूर्ण बैठक 30 अगस्त को दादरी की गुर्जर कॉलोनी में पूर्व प्रधानाचार्य रामदत्त शर्मा के आवास पर हुई थी। इसमें सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने आरक्षण व्यवस्था और UGC से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। इसके बाद 2 सितंबर को परशुराम भवन में समाज की बड़ी बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा के बाद 16 सितंबर को दादरी से सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालने का निर्णय लिया गया।

    “किसी जाति या धर्म के खिलाफ नहीं है आंदोलन”

    प्रेस वार्ता में पंडित पीताम्बर शर्मा ने कहा कि आंदोलन किसी जाति, धर्म, समुदाय या राजनीतिक दल के विरोध में नहीं है। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी आरक्षण के जरिए मिलने वाले अधिकारों का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि व्यवस्था की समीक्षा और उसमें सुधार की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, आरक्षण व्यवस्था में ऐसे प्रावधान होने चाहिए, जिससे वास्तविक रूप से जरूरतमंद और वंचित लोगों तक इसका लाभ पहुंच सके। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण नीति की समीक्षा करने की मांग की। पीताम्बर शर्मा ने UGC से जुड़े उन प्रावधानों को वापस लेने की भी मांग की, जिन पर आंदोलनकारी समाज को आपत्ति है।

    “वास्तविक जरूरतमंद तक पहुंचे आरक्षण का लाभ”

    क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष रामदेव रावल ने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी अन्य वर्ग के अधिकार को छीनना नहीं है। उन्होंने कहा कि आरक्षण व्यवस्था में मौजूद कथित विसंगतियों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आरक्षण नीति की समीक्षा की मांग की। साथ ही UGC से जुड़े विरोधित प्रावधानों को लेकर भी आपत्ति जताई।

    शांतिपूर्ण मार्च का दावा, रोकने पर गिरफ्तारी देने की बात

    आयोजकों ने कहा कि 16 सितंबर का पैदल मार्च शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम की जानकारी जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को दी जाएगी, ताकि यातायात और सुरक्षा व्यवस्था के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा सकें। आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि प्रशासन की ओर से मार्च को रोकने का प्रयास किया गया तो वे टकराव या हिंसा का रास्ता नहीं अपनाएंगे। उनके मुताबिक, ऐसी स्थिति में वे शांतिपूर्वक गिरफ्तारी देने के लिए तैयार रहेंगे।

    संविधान के दायरे में आंदोलन का दावा

    कोर कमेटी के सदस्यों ने कहा कि संविधान नागरिकों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने और असहमति व्यक्त करने का अधिकार देता है। प्रस्तावित मार्च को भी इसी संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत आयोजित करने की बात कही गई है। आयोजकों ने जिले के लोगों से 16 सितंबर को दादरी पहुंचकर पैदल मार्च में शामिल होने की अपील की है।

    प्रेस वार्ता में रामदत्त शर्मा, ठाकुर सतपाल बजरंगी, मास्टर परमानंद शर्मा, बीनू राणा, प्रमोद शर्मा एडवोकेट, मास्टर रामकुमार शर्मा, मास्टर विनीत चौहान, पंडित विक्रम शर्मा, ओमेंद्र शिशोदिया, जयप्रकाश शर्मा और किशन शर्मा समेत सवर्ण समाज के कई लोग मौजूद रहे।

    प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस के लिए भी चुनौती

    दादरी से सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक प्रस्तावित मार्च में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की स्थिति में यातायात व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। दादरी से सूरजपुर तक कई प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव रहता है। ऐसे में जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को मार्च के रूट, सुरक्षा और यातायात नियंत्रण के लिए पहले से व्यवस्था करनी पड़ सकती है। फिलहाल आयोजकों ने 16 सितंबर को शांतिपूर्ण पैदल मार्च और ज्ञापन सौंपने की घोषणा की है। अब देखना होगा कि प्रशासन की ओर से मार्च के लिए क्या व्यवस्थाएं तय की जाती हैं और कितनी संख्या में लोग इसमें शामिल होते हैं।

    इसके बाद 2 सितंबर को परशुराम भवन में समाज की बड़ी बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में आंदोलन की आगे की रणनीति पर चर्चा के बाद 16 सितंबर को दादरी से सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालने का निर्णय लिया गया।

    द न्यूज क्लिक की न्यूज
    Previous article
    Next article

    More articles

    Latest article