ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा हॉस्पिटल के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) देवेंद्र कुमार सिंह को पल्मोनरी मेडिसिन के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ल्ड पल्मोनरी कांग्रेस 2026 के दौरान यूनाइटेड एकेडमी ऑफ पल्मोनरी मेडिसिन (UAPM) की प्रतिष्ठित फेलोशिप से सम्मानित किया गया। यह सम्मान इंदौर (मध्य प्रदेश) में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान प्रदान किया गया।

यह प्रतिष्ठित फेलोशिप उन्हें वर्षों से फेफड़ों से संबंधित रोगों के उपचार, चिकित्सा शिक्षा, शोध कार्य और मरीजों की बेहतर देखभाल के क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान की गई। इस सम्मान को चिकित्सा जगत में पल्मोनरी मेडिसिन के क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण सम्मान माना जाता है।
इस वर्ष देशभर से केवल पांच वरिष्ठ चिकित्सकों का चयन इस प्रतिष्ठित फेलोशिप के लिए किया गया। इनमें दिल्ली के VPCI के निदेशक डॉ. राजकुमार, केरल के डॉ. टोनी सहित देश के अन्य प्रमुख पल्मोनोलॉजिस्ट शामिल रहे। ऐसे प्रतिष्ठित चिकित्सकों के साथ प्रो. (डॉ.) देवेंद्र कुमार सिंह का चयन होना न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि शारदा हॉस्पिटल और ग्रेटर नोएडा के लिए भी गर्व का विषय माना जा रहा है।
प्रो. (डॉ.) देवेंद्र कुमार सिंह ने सम्मान प्राप्त करने के बाद कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि शारदा हॉस्पिटल की पूरी टीम, उनके सहयोगियों और विद्यार्थियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
उन्होंने कहा, “यह सम्मान मुझे रेस्पिरेटरी मेडिसिन के क्षेत्र में और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है। मेरा प्रयास रहेगा कि मरीजों को विश्वस्तरीय, सुरक्षित और साक्ष्य-आधारित उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा युवा चिकित्सकों को बेहतर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर चिकित्सा क्षेत्र को और मजबूत बनाया जाए।”
उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सा विज्ञान लगातार विकसित हो रहा है और नई तकनीकों तथा शोध को अपनाकर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। इसी दिशा में उनका शोध और शिक्षण कार्य आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
शारदा केयर एवं शारदा हॉस्पिटल के मैनेजिंग डायरेक्टर ऋषभ गुप्ता ने प्रो. (डॉ.) देवेंद्र कुमार सिंह को इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान शारदा हॉस्पिटल के लिए गौरव का क्षण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उनके अनुभव, नेतृत्व और विशेषज्ञता का लाभ आने वाले समय में हजारों मरीजों और चिकित्सा शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को मिलता रहेगा।
चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों को पहचान दिलाते हैं, बल्कि भारतीय चिकित्सा संस्थानों की वैश्विक स्तर पर बढ़ती प्रतिष्ठा को भी मजबूत करते हैं। प्रो. (डॉ.) देवेंद्र कुमार सिंह की यह उपलब्धि ग्रेटर नोएडा और पूरे उत्तर प्रदेश के चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी एक प्रेरणादायक उपलब्धि मानी जा रही है।

