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Wednesday, October 21, 2026
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    Sharda University News : ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में शिक्षक दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियों से शिक्षकों को दिया सम्मान, चांसलर पी. के. गुप्ता ने शिक्षकों को विद्यार्थियों का मार्गदर्शक बताया, जबकि यूजीसी के पूर्व चेयरमैन डॉ. डी. पी. सिंह ने शिक्षक के योगदान को राष्ट्र निर्माण की अमूल्य साधना बताया

    अवसर पर यूजीसी के पूर्व चेयरमैन डॉ. डी. पी. सिंह ने शिक्षकों के योगदान को राष्ट्र निर्माण की अमूल्य साधना बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल विषय संबंधी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके जीवन की दिशा और भविष्य की नींव भी तैयार करते हैं। कार्यक्रम का आयोजन मानव संसाधन विभाग की ओर से किया गया। इस अवसर पर प्रो-चांसलर वाई. के. गुप्ता, डॉ. टी. जी. सीताराम, डॉ. अशोक श्रीवास्तव, वाइस चांसलर डॉ. सिबा राम खारा, रजिस्ट्रार डॉ. विवेक गुप्ता, एडवाइजर डॉ. आर. पी. सिंह और डॉ. प्रमोद कुमार सहित विभिन्न स्कूलों के डीन, विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य और स्टाफ मौजूद रहे।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में शिक्षक दिवस हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान भाषण, कविता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मनोरंजक कार्यक्रमों ने माहौल को जीवंत बना दिया। समारोह का उद्देश्य विद्यार्थियों के जीवन को दिशा देने और उनके व्यक्तित्व निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करना रहा।

    कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। विद्यार्थियों ने कहा कि शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान देने वाले नहीं, बल्कि जीवन की कठिन परिस्थितियों में सही रास्ता दिखाने वाले मार्गदर्शक भी होते हैं। उनके मार्गदर्शन और प्रेरणा से विद्यार्थी अपने लक्ष्यों को हासिल करने के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझते हैं।

    समारोह को संबोधित करते हुए यूनिवर्सिटी के चांसलर पी. के. गुप्ता ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन को सही दिशा देने वाले मार्गदर्शक होते हैं। उनके ज्ञान, समर्पण और प्रेरणा से विद्यार्थी अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ-साथ एक जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ते हैं। उन्होंने गुरु की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा—

    “गुरु बिन ज्ञान न उपजै, गुरु बिन मिलै न मोक्ष। गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मिटै न दोष।”

    उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी का बोध कराना भी है। इस कार्य में शिक्षक की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।

    इस अवसर पर यूजीसी के पूर्व चेयरमैन डॉ. डी. पी. सिंह ने शिक्षकों के योगदान को राष्ट्र निर्माण की अमूल्य साधना बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल विषय संबंधी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनके जीवन की दिशा और भविष्य की नींव भी तैयार करते हैं। शिक्षक का प्रत्येक शब्द, प्रत्येक प्रयास और प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन में उनका योगदान राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

    डॉ. डी. पी. सिंह ने शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं अपने जीवन में शिक्षकों से बहुत कुछ सीखा है और वह सभी शिक्षकों को नमन करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक के प्रति सम्मान और कृतज्ञता की भावना हमेशा बनी रहनी चाहिए।

    समारोह के दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों के बीच आत्मीयता का माहौल देखने को मिला। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों को शिक्षकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।

    कार्यक्रम का आयोजन मानव संसाधन विभाग की ओर से किया गया। इस अवसर पर प्रो-चांसलर वाई. के. गुप्ता, डॉ. टी. जी. सीताराम, डॉ. अशोक श्रीवास्तव, वाइस चांसलर डॉ. सिबा राम खारा, रजिस्ट्रार डॉ. विवेक गुप्ता, एडवाइजर डॉ. आर. पी. सिंह और डॉ. प्रमोद कुमार सहित विभिन्न स्कूलों के डीन, विभागाध्यक्ष, फैकल्टी सदस्य और स्टाफ मौजूद रहे।

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