ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा के किसानों के लंबे समय से लंबित शेष 4 प्रतिशत आवासीय प्लॉट की मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। सोमवार को ग्राम घोड़ी बछेड़ा और ग्राम जुनपत में आयोजित विशाल किसान सभाओं में सैकड़ों किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों की लड़ाई को तेज करने का संकल्प लिया। महापंचायत में स्पष्ट घोषणा की गई कि यदि किसानों को उनका वैधानिक अधिकार नहीं मिला, तो 20 जुलाई को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण कार्यालय पर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू किया जाएगा।

10 प्रतिशत प्लॉट का वादा, लेकिन मिले केवल 6 प्रतिशत
महापंचायत को संबोधित करते हुए किसानों ने कहा कि भूमि अधिग्रहण के समय हुए समझौते के अनुसार प्रभावित किसानों को 64.7 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त मुआवजा और 10 प्रतिशत विकसित आवासीय प्लॉट दिए जाने का आश्वासन दिया गया था।
किसानों का कहना है कि उन्हें 64.7 प्रतिशत की दर से मुआवजा तो दे दिया गया, लेकिन 10 प्रतिशत की जगह केवल 6 प्रतिशत आवासीय प्लॉट ही आवंटित किए गए। इस कारण हजारों किसान आज भी अपने शेष 4 प्रतिशत प्लॉट के अधिकार से वंचित हैं।
44 गांवों के करीब एक लाख परिवार प्रभावित
सभा में किसानों ने कहा कि यह केवल घोड़ी बछेड़ा और जुनपत का मुद्दा नहीं है। ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के 44 गांवों के लगभग एक लाख किसान परिवार इस समस्या से प्रभावित हैं। वर्षों से किसान प्राधिकरण और प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उनके अधिकार का पूरा लाभ नहीं मिला।
किसानों ने आरोप लगाया कि अनेक बार आश्वासन मिलने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है।
20 जुलाई को होगा बड़ा आंदोलन
महापंचायत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 20 जुलाई को बड़ी संख्या में किसान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पहुंचकर अनिश्चितकालीन अनशन शुरू करेंगे। किसानों ने कहा कि जब तक शेष 4 प्रतिशत आवासीय प्लॉट देने की मांग पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से किया जाएगा।
सभी प्रभावित गांवों से शामिल होने की अपील
किसान नेताओं ने 44 गांवों के सभी प्रभावित किसानों से अपील की कि वे 20 जुलाई को अधिक से अधिक संख्या में प्राधिकरण पहुंचकर आंदोलन को सफल बनाएं।
उन्होंने कहा कि इस आंदोलन में बुजुर्ग, युवा, महिलाएं और बच्चे भी शामिल होंगे, क्योंकि यह केवल वर्तमान पीढ़ी का नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य और अधिकारों का भी प्रश्न है।
“अधिकार लेकर रहेंगे” का संकल्प
महापंचायत में किसानों ने एक स्वर में कहा कि यदि आज अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर संघर्ष नहीं किया गया, तो भविष्य में भी किसानों को ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। इसलिए सभी किसानों से संगठित होकर इस जनआंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया गया।
सभा के अंत में किसानों ने संकल्प लिया कि शेष 4 प्रतिशत आवासीय प्लॉट मिलने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा और वे अपने अधिकारों की लड़ाई पूरी मजबूती के साथ लड़ेंगे।

