50 बीघा में सजे रामलीला परिसर में रामलला के दर्शन के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु, 85 फीट के रावण का होगा दहन; अध्यक्ष दीपक यादव बोले—हर वर्ष होगा भव्य आयोजन
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के इकोटेक स्थित एक मूर्ति गोल चक्कर के पास करीब 50 बीघा क्षेत्र में आयोजित भव्य रामलीला महोत्सव इन दिनों श्रद्धालुओं और दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गौतमबुद्ध नगर की प्रमुख रामलीलाओं में शामिल इस आयोजन में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और भव्य सजावट का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। यहां अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर तैयार किया गया मंदिर मॉडल लोगों का विशेष ध्यान खींच रहा है। मंदिर की आकर्षक संरचना और उसमें विराजमान रामलला की प्रतिमा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
रामलीला महोत्सव की तैयारियां अगस्त महीने से शुरू कर दी गई थीं। आयोजकों ने परिसर को भव्य स्वरूप देने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। बांस और थर्माकोल की मदद से तैयार किए गए राम मंदिर मॉडल को अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर की तर्ज पर रूप देने का प्रयास किया गया है। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग इस मंदिर मॉडल को देखने और रामलला के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
अयोध्या में बनी रामलला की प्रतिमा, हनुमानगढ़ी से जुड़ा तिलक
रामलीला परिसर में स्थापित रामलला की प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण बनी हुई है। आयोजकों के अनुसार, इस प्रतिमा का निर्माण अयोध्या में किया गया है। प्रतिमा के तिलक को भी अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर से होकर लाया गया है। यही वजह है कि श्रद्धालु राम मंदिर मॉडल के साथ रामलला की प्रतिमा के दर्शन करने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं। मंदिर मॉडल के सामने श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। लोग परिवार के साथ पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं और धार्मिक वातावरण का अनुभव ले रहे हैं। आयोजन स्थल पर रामलीला मंचन के साथ मंदिर मॉडल ने महोत्सव को एक अलग पहचान दी है।
अध्यक्ष दीपक यादव बोले—हर वर्ष होगा भव्य रामलीला आयोजन
प्रभु श्री राम लीला सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष दीपक यादव ने बताया कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट की विभिन्न सोसाइटियों और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पहले रामलीला देखने के लिए दूसरे इलाकों में जाना पड़ता था। क्षेत्र के लोगों को एक मंच पर लाने और स्थानीय स्तर पर धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजन शुरू करने के उद्देश्य से इस रामलीला महोत्सव की शुरुआत की गई है। दीपक यादव के अनुसार, इस बार रामलीला मंचन शुरू किया गया है और ट्रस्ट का प्रयास रहेगा कि आने वाले वर्षों में भी इसी तरह भव्य आयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि रामलीला के माध्यम से क्षेत्रवासियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
85 फीट के रावण का होगा दहन, ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की योजना
रामलीला महोत्सव में दशहरे का कार्यक्रम भी विशेष आकर्षण रहेगा। इस अवसर पर 85 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की योजना बनाई गई है। इसके अलावा शाम को भव्य श्याम कीर्तन आयोजित करने और रामलीला मंचन के दौरान 8,000 कन्याओं का पूजन करने की भी योजना है। इन धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए आयोजन को व्यापक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है।

रोजाना बड़ी संख्या में पहुंच रहे दर्शक, सुरक्षा के विशेष इंतजाम
रामलीला में दर्शकों की बड़ी संख्या को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार, प्रतिदिन करीब एक से डेढ़ लाख लोग रामलीला परिसर में पहुंच रहे हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने के लिए निजी सुरक्षा कर्मियों और कमांडो की तैनाती की गई है।
रामलीला की सुरक्षा व्यवस्था देख रहे कमेटी सदस्य अमित बंसल ने बताया कि परिसर में 150 से अधिक निजी सुरक्षा कर्मी और कमांडो तैनात किए गए हैं। पूरे परिसर पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही पुलिस की ओर से भी सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु और दर्शक सुरक्षित माहौल में रामलीला का आनंद ले सकें।
धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता का संगम
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की यह रामलीला केवल मंचन तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र के लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जोड़ने का माध्यम भी बन रही है। अयोध्या के श्रीराम मंदिर की तर्ज पर तैयार मॉडल, रामलला की प्रतिमा, रावण दहन की तैयारी और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों ने इसे स्थानीय स्तर पर विशेष पहचान दी है।
आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य क्षेत्रवासियों को परिवार सहित रामलीला देखने का अवसर देना और आने वाली पीढ़ियों को रामायण के आदर्शों से परिचित कराना है। बड़ी संख्या में पहुंच रहे दर्शकों के बीच यह महोत्सव ग्रेटर नोएडा वेस्ट के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में महत्वपूर्ण स्थान बना रहा है।

