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Wednesday, July 22, 2026
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    Sharda Health Care के डॉक्टरों का कमाल: एक ऑपरेशन में तीन जानलेवा बीमारियों का इलाज, 6 घंटे की जटिल सर्जरी से 65 वर्षीय महिला को मिली नई जिंदगी

    The miracle of doctors of Sharda Health Care: Treatment of three deadly diseases in one operation, a 65-year-old woman got a new life after a complicated 6-hour surgery

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। ग्रेटर नोएडा स्थित शारदाकेयर हेल्थसिटी के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 65 वर्षीय महिला का ऐसा सफल ऑपरेशन किया, जिसमें शुरुआती स्टेज के ब्रेस्ट कैंसर, गंभीर एओर्टिक वॉल्व स्टेनोसिस और हृदय की प्रमुख धमनी (एलएडी) में 90 प्रतिशत ब्लॉकेज का इलाज एक ही सर्जरी में किया गया। अस्पताल के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में यह अपनी तरह का पहला मामला है, जिसमें तीनों गंभीर बीमारियों का उपचार एक साथ सफलतापूर्वक किया गया।

    सामान्य जांच में सामने आई दिल की गंभीर बीमारी

    अस्पताल के अनुसार, मरीज एक सेवानिवृत्त मीडिया प्रोफेशनल हैं। उनके दाहिने स्तन में गांठ मिलने पर जांच की गई, जिसमें शुरुआती चरण के ब्रेस्ट कैंसर की पुष्टि हुई। ऑपरेशन से पहले की नियमित चिकित्सकीय जांच के दौरान डॉक्टरों को हृदय की धड़कन में असामान्य आवाज सुनाई दी। इसके बाद विस्तृत जांच में पता चला कि मरीज गंभीर एओर्टिक वॉल्व स्टेनोसिस से पीड़ित हैं और उनकी एलएडी (लेफ्ट एंटीरियर डिसेंडिंग) आर्टरी में 90 प्रतिशत ब्लॉकेज है। आश्चर्यजनक रूप से मरीज में हृदय रोग के कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं दे रहे थे।

    मल्टी-डिसिप्लिनरी टीम ने बनाई संयुक्त उपचार योजना

    मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्डियोलॉजी, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी, कार्डियक एनेस्थीसिया और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभागों के विशेषज्ञों की संयुक्त टीम बनाई गई। सभी विशेषज्ञों ने विस्तृत विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया कि मरीज की तीनों गंभीर बीमारियों का उपचार एक ही ऑपरेशन के दौरान किया जाएगा, ताकि अलग-अलग सर्जरी से जुड़े जोखिमों को कम किया जा सके।

    6 घंटे चली जटिल सर्जरी

    करीब 6 घंटे तक चली जटिल सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी के माध्यम से कैंसरग्रस्त स्तन का उपचार किया। साथ ही एओर्टिक वॉल्व रिप्लेसमेंट कर हृदय के खराब वाल्व को बदला गया और सिंगल ग्राफ्ट के साथ कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (CABG) कर हृदय की अवरुद्ध धमनी में रक्त प्रवाह सामान्य किया गया।

    विशेषज्ञों ने बताया चुनौतीपूर्ण था ऑपरेशन

    अस्पताल के सीनियर डायरेक्टर एवं हेड, कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग, डॉ. अखिल कुमार रुस्तगी ने बताया कि यह तकनीकी रूप से अत्यंत जटिल सर्जरी थी। उन्होंने कहा कि यदि प्री-ऑपरेटिव जांच के दौरान हृदय संबंधी समस्याओं का समय रहते पता नहीं चलता, तो मरीज के लिए स्थिति जानलेवा साबित हो सकती थी।

    वहीं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के सीनियर कंसल्टेंट एवं यूनिट हेड डॉ. हेमकांत वर्मा ने बताया कि संयुक्त उपचार रणनीति के कारण कैंसर का समय पर इलाज संभव हो सका और मरीज को अलग-अलग चरणों में कई बड़ी सर्जरियों से नहीं गुजरना पड़ा।

    सफल रिकवरी के बाद मिली अस्पताल से छुट्टी

    अस्पताल के अनुसार, ऑपरेशन के बाद मरीज की रिकवरी सामान्य रही। पोस्ट-ऑपरेटिव जांच में नया एओर्टिक वॉल्व पूरी तरह सही ढंग से कार्य करता पाया गया तथा हृदय में रक्त प्रवाह भी सामान्य रहा। स्वास्थ्य में लगातार सुधार होने के बाद मरीज को स्थिर स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

    चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की मल्टी-डिसिप्लिनरी सर्जरी आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में समन्वित उपचार प्रणाली का उत्कृष्ट उदाहरण है। समय पर जांच, विभिन्न विशेषज्ञों की संयुक्त योजना और अत्याधुनिक तकनीक के उपयोग से एक ही ऑपरेशन में तीन गंभीर बीमारियों का सफल इलाज संभव हो सका। यह उपलब्धि न केवल शारदाकेयर हेल्थसिटी के लिए, बल्कि पूरे दिल्ली-एनसीआर के चिकित्सा क्षेत्र के लिए भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।

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