नोएडा, द न्यूज क्लिक। नोएडा के सेक्टर-105 में लंबे समय से खाली पड़े भूखंडों और उपेक्षित ‘कंप्लीशन हाउसों’ की बदहाल स्थिति अब स्थानीय निवासियों के लिए गंभीर चिंता का कारण बनती जा रही है। देखरेख के अभाव में कई निर्माण खंडहरनुमा स्थिति में पहुंच चुके हैं, जबकि खाली प्लॉटों में घने झाड़-झंखाड़ उग आए हैं। इससे जहरीले सांप-बिच्छुओं के अलावा असामाजिक तत्वों के छिपने की आशंका भी बनी हुई है। निवासियों का कहना है कि स्थिति पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी गंभीर हादसे या बीमारी का खतरा पैदा हो सकता है।
सेक्टर-105 के RWA अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) को पत्र भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। आरडब्ल्यूए ने प्राधिकरण से ऐसे सभी भूखंडों और जर्जर निर्माणों का निरीक्षण कराकर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है, जहां लंबे समय से सफाई और रखरखाव नहीं हुआ है।
झाड़ियों में तब्दील हो रहे खाली भूखंड
आरडब्ल्यूए के मुताबिक सेक्टर में A-005, B-78, D-236 समेत कई भूखंड और निर्माण लंबे समय से उपेक्षित हैं। इन स्थानों पर घास-फूस और झाड़ियां इतनी बढ़ गई हैं कि कई जगहों पर भूखंडों के भीतर जाना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों को आशंका है कि इन झाड़ियों में सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव अपना ठिकाना बना सकते हैं। इसके अलावा सुनसान और जर्जर पड़े निर्माणों को लेकर असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का भी डर बना हुआ है। आसपास रहने वाले परिवारों, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष चिंता जताई जा रही है।
‘प्लॉट खरीदकर लावारिस छोड़ना स्वीकार नहीं’
RWA अध्यक्ष दिव्य कृष्णात्रेय ने प्राधिकरण से मांग की है कि जिन भूखंडों पर लंबे समय से सफाई नहीं हुई है, वहां तत्काल अभियान चलाकर झाड़ियां और कूड़ा हटाया जाए। उनका कहना है कि निजी भूखंड होने का मतलब यह नहीं हो सकता कि उसके मालिक को आसपास के निवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा की जिम्मेदारी से पूरी तरह मुक्त कर दिया जाए।
आरडब्ल्यूए का कहना है कि प्लॉट खरीदकर उसे वर्षों तक लावारिस छोड़ देना और उसके कारण पूरे क्षेत्र में स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी खतरा पैदा होना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है। ऐसे भूखंड मालिकों को प्राधिकरण के नियमों के तहत नोटिस देकर आवश्यक रखरखाव सुनिश्चित कराया जाना चाहिए।
भारी जुर्माने और दंडात्मक कार्रवाई की मांग
आरडब्ल्यूए ने नोएडा प्राधिकरण से मांग की है कि उपेक्षित भूखंडों की पहचान कर उनके मालिकों को नोटिस जारी किया जाए और निर्धारित समय में सफाई नहीं कराने पर भारी जुर्माना तथा अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाए। एसोसिएशन का मानना है कि कार्रवाई केवल सफाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि भविष्य में भी भूखंडों की नियमित देखरेख सुनिश्चित की जानी चाहिए। आरडब्ल्यूए ने CEO से आग्रह किया है कि मामले को जनस्वास्थ्य और नागरिक सुरक्षा से जुड़ा विषय मानते हुए संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश दिए जाएं। साथ ही सेक्टर में ऐसे सभी खाली और जर्जर भूखंडों का सर्वे कराकर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि नोएडा प्राधिकरण इस शिकायत पर शीघ्र कार्रवाई करेगा और सेक्टर-105 में लंबे समय से बनी इस समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगा।

