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Wednesday, October 21, 2026
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    UPITS 2026 में आयुष विभाग का संदेश: आयुर्वेद, योग और संतुलित जीवनशैली से स्वस्थ रहने पर जोर, आयुर्वेद, योग, यूनानी, होम्योपैथी और प्राकृतिक चिकित्सा की उपयोगिता बताई; स्टॉल पर नाड़ी परीक्षण और निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श की सुविधा

    उप निदेशक आयुर्वेद डॉ. राम कृपाल और क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. बंदना रानी ने स्टॉल पर पहुंचने वाले लोगों से संवाद किया। उन्होंने वर्तमान जीवनशैली में आयुष पद्धतियों की भूमिका और स्वास्थ्य के प्रति नियमित रूप से सजग रहने के महत्व को समझाया।

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    ग्रेटर नोएडा, द न्यूज क्लिक। इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 (UPITS 2026) में आयुष विभाग का स्टॉल लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्टॉल के माध्यम से आगंतुकों को आयुर्वेद समेत विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों की उपयोगिता और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। विभागीय अधिकारियों ने लोगों को आयुर्वेद, योग, यूनानी, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा और सिद्ध चिकित्सा से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराईं। उप निदेशक आयुर्वेद डॉ. राम कृपाल और क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. बंदना रानी ने स्टॉल पर पहुंचने वाले लोगों से संवाद किया। उन्होंने वर्तमान जीवनशैली में आयुष पद्धतियों की भूमिका और स्वास्थ्य के प्रति नियमित रूप से सजग रहने के महत्व को समझाया।

    अधिकारियों ने कहा कि बदलती जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या और बढ़ते तनाव के बीच नियमित शारीरिक गतिविधि, योग, ध्यान और प्राणायाम के साथ संतुलित आहार को दिनचर्या का हिस्सा बनाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए दैनिक स्तर पर छोटे-छोटे बदलाव करने के लिए भी प्रेरित किया।

    आयुर्वेद के वैश्विक विस्तार की दी जानकारी

    आयुष विभाग के स्टॉल पर आगंतुकों को आयुर्वेद और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को मिल रही वैश्विक पहचान के बारे में भी जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में आयुष चिकित्सा, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है। स्टॉल पर आयुर्वेदिक औषधियों में गुणवत्ता नियंत्रण, शोध एवं प्रमाण आधारित उपचार, समन्वित चिकित्सा तथा पंचकर्म जैसी शोधन चिकित्सा पद्धतियों के बारे में भी जानकारी साझा की गई। इसके साथ ही औषधीय पौधों के संरक्षण और रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न मसालों के स्वास्थ्य से जुड़े उपयोगों के बारे में भी लोगों को बताया गया।

    मिलेट्स और जीवनशैली से जुड़े रोगों पर भी चर्चा

    कार्यक्रम के दौरान श्रीअन्न यानी मिलेट्स के पोषण संबंधी महत्व पर भी चर्चा की गई। आगंतुकों को संतुलित आहार और बेहतर जीवनशैली के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए मोटापा, डिस्लिपिडेमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और अन्य मेटाबोलिक विकारों से जुड़े जोखिमों के संदर्भ में आहार, योग और जीवनशैली प्रबंधन की भूमिका समझाई गई। अधिकारियों ने लोगों को यह भी बताया कि स्वस्थ जीवनशैली में संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि और तनाव प्रबंधन जैसे पहलुओं पर ध्यान देना आवश्यक है।

    आयुष स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे की जानकारी

    आयुष विभाग की ओर से प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए किए जा रहे कार्यों के बारे में भी स्टॉल पर जानकारी दी गई। इनमें 50 बेड वाले इंटीग्रेटेड अस्पताल, आयुष्मान योग एवं वेलनेस सेंटर, राजकीय आयुर्वेदिक फार्मेसी, अनुसंधान संस्थान, मेडिकल कॉलेज और औषधालयों के सुदृढ़ीकरण एवं उन्नयन से जुड़े कार्य शामिल हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि आयुष चिकित्सा पद्धतियों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

    नाड़ी परीक्षण के साथ निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श

    UPITS 2026 में आयुष विभाग के स्टॉल पर आने वाले लोगों के लिए नाड़ी परीक्षण और सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारियों ने आगंतुकों और मरीजों का परीक्षण किया तथा इसके बाद उन्हें निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श दिया। ट्रेड शो में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने आयुष चिकित्सा पद्धतियों, आयुर्वेद के वैश्विक विस्तार, औषधीय पौधों, मिलेट्स और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़े विषयों के बारे में जानकारी ली। आयुष विभाग के स्टॉल के माध्यम से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ स्वस्थ जीवनशैली और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

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