किसानों की मौजूदगी में प्राधिकरण बोर्ड रूम में निकाला गया ड्रॉ, लंबे इंतजार के बाद आबादी भूखंड मिलने पर किसानों ने जताया अधिकारियों का आभार
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सैनी गांव के 39 किसानों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। कुल 58 आबादी भूखंडों के आवंटन के तहत समान आकार वाले 18 भूखंडों का किसानों की मौजूदगी में ड्रॉ कराया गया, जबकि अलग-अलग आकार वाले 40 भूखंडों का आवंटन सीधे संबंधित किसानों के नाम कर दिया गया। प्राधिकरण के बोर्ड रूम में आयोजित ड्रॉ प्रक्रिया ओएसडी गुंजा सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। समान आकार वाले 18 भूखंड 17 किसानों से संबंधित थे। पारदर्शिता के लिए इन भूखंडों का ड्रॉ किसानों की मौजूदगी में कराया गया। वहीं, 40 भूखंडों का आकार अलग-अलग होने के कारण उनमें ड्रॉ की आवश्यकता नहीं पड़ी और उन्हें पात्र किसानों के नाम सीधे आवंटित कर दिया गया।

लंबे समय से आबादी भूखंड का इंतजार कर रहे थे किसान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा सैनी गांव के किसानों की जमीन का अधिग्रहण कई वर्ष पहले किया गया था। अधिग्रहण के बाद छह प्रतिशत आबादी भूखंड पाने के लिए पात्र किसान लंबे समय से प्राधिकरण कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे। अब आवंटन प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों को राहत मिली है। आबादी भूखंड मिलने पर किसानों ने प्राधिकरण के अधिकारियों का आभार जताया और लंबे समय से लंबित प्रक्रिया पूरी होने पर खुशी व्यक्त की।
CEO ने दिए थे जल्द आवंटन के निर्देश
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को पात्र किसानों को आबादी भूखंड शीघ्र आवंटित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद नियोजन विभाग और छह प्रतिशत आबादी भूखंड विभाग की ओर से आवंटन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया। प्राधिकरण की ओएसडी गुंजा सिंह ने कहा कि पात्र किसानों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड उपलब्ध कराना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सैनी गांव की तरह अन्य गांवों के पात्र किसानों को भी आबादी भूखंड जल्द आवंटित किए जाएंगे।
किसानों की मौजूदगी में हुई पूरी प्रक्रिया
समान आकार वाले भूखंडों के लिए आयोजित ड्रॉ प्रक्रिया के दौरान किसानों की मौजूदगी रही। अधिकारियों ने आवंटन प्रक्रिया को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पूरा कराया। ड्रा के दौरान ओएसडी गुंजा सिंह के अलावा नियोजन विभाग के प्रभारी महाप्रबंधक सुधीर कुमार, प्रबंधक प्रमोद कुमार और प्रबंधक कपिल तोंगड़ सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्राधिकरण की ओर से कहा गया कि पात्र किसानों के लंबित आबादी भूखंड प्रकरणों को नियमानुसार आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि उन्हें लंबे समय तक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

