‘Podcasting: From Passion to Profession’ थीम पर हुआ आयोजन, विशेषज्ञों ने कंटेंट, स्टोरीटेलिंग, वॉइस, ऑडियंस एंगेजमेंट और डिजिटल मीडिया करियर के गुर बताए
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। मेट्रो यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (SJMC) की ओर से International Podcast Day के अवसर पर ‘Podcasting: From Passion to Profession’ विषय पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पॉडकास्टिंग, ऑडियो स्टोरीटेलिंग और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में उपलब्ध करियर संभावनाओं से परिचित कराना था। कार्यक्रम में प्रसिद्ध पॉडकास्टर अर्चना शर्मा, ऑल इंडिया रेडियो, दिल्ली की आरजे नीरा बख्शी और वरिष्ठ पत्रकार रविकांत द्विवेदी ने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। विशेषज्ञों ने पॉडकास्टिंग के लिए बेहतर कंटेंट आइडिया तैयार करने, कहानी को प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करने, आवाज एवं प्रस्तुतीकरण, ऑडियंस एंगेजमेंट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए कंटेंट निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्यार्थियों से संवाद किया।
क्रिएटिविटी और डिजिटल स्किल्स से पैशन को बनाया जा सकता है प्रोफेशन : डॉ. सुनीता सिंह
कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी की प्रो. चांसलर डॉ. सुनीता सिंह ने कहा कि पॉडकास्टिंग तेजी से उभरता हुआ क्षेत्र है। उनके अनुसार यदि विद्यार्थियों में क्रिएटिविटी, कहानी कहने की कला और डिजिटल माध्यमों की समझ है तो वे अपनी स्किल्स को विकसित कर अपने पैशन को प्रोफेशन में बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन विद्यार्थियों में ऐसी व्यावहारिक और रचनात्मक क्षमताएं विकसित करने पर काम कर रहा है। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पॉडकास्ट कंटेंट को इसका उदाहरण बताया। डॉ. सुनीता सिंह ने कार्यक्रम में शामिल विशेषज्ञों का सम्मान करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।

AI के दौर में पॉडकास्टिंग भी करियर का नया विकल्प : प्रो. डॉ. राजेश पाठक
यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. (डॉ.) राजेश पाठक ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में युवाओं के लिए करियर के नए विकल्प सामने आ रहे हैं और पॉडकास्टिंग भी इन्हीं क्षेत्रों में शामिल है। उन्होंने कहा कि पॉडकास्टिंग के साथ-साथ कम्युनिटी पॉडकास्टिंग और कम्युनिटी रेडियो में भी अवसर मौजूद हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थी समाज के पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों के बीच जागरूकता फैलाने तथा उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने में योगदान दे सकते हैं। उन्होंने इसे शिक्षा के व्यापक उद्देश्यों से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से पूछे पॉडकास्टिंग से जुड़े सवाल
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अतिथियों से सीधे संवाद किया और पॉडकास्टिंग तथा डिजिटल मीडिया से जुड़े विभिन्न सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने कंटेंट की गुणवत्ता, विषय चयन, प्रस्तुतीकरण, श्रोताओं की पसंद और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी तरीके से कंटेंट पहुंचाने से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर जानकारी दी। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को पॉडकास्टिंग के व्यावहारिक पक्ष के साथ-साथ डिजिटल मीडिया में उपलब्ध संभावित करियर विकल्पों को समझने का अवसर प्रदान किया।
फैकल्टी सदस्यों ने अतिथियों का किया सम्मान
इस अवसर पर स्कूल ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की फैकल्टी सदस्य डॉ. ताशा सिंह परिहार और डॉ. अरुणेश द्विवेदी ने कार्यक्रम में शामिल अतिथियों का सम्मान किया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड कॉमर्स के डीन प्रो. (डॉ.) अनूप पंत समेत विभिन्न विभागों के फैकल्टी सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को पॉडकास्टिंग और डिजिटल मीडिया को केवल रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि संभावित प्रोफेशनल करियर क्षेत्र के रूप में समझने का अवसर मिला।

